लाल किला पर हमले का संदिग्ध LeT आतंकी बिलाल अहमद कावा को बेल
इस मामले में ट्रायल के बाद 11 आरोपियों को सेशन कोर्ट ने दोषी ठहराया था। जांच में पता चला था कि करीब 29,50,000 रुपये हवाला के ज़रिए कई बैंकों के माध्यम से ट्रांसफर किए गए थे
नई दिल्ली। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने साल 2000 में लाल किला पर हुए हमले के मामले में संदिग्ध बिलाल अहमद कावा को जमानत दे दी है। बिलाल अहमद कावा को दिल्ली पुलिस और गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते के संयुक्त अभियान में 10 जनवरी को एनसीआर से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने आरोप लगाया है कि 22 दिसंबर 2000 को लाल किले पर आतंकवादी हमला करने के लिए कावा को पाकिस्तान से 29.5 लाख रुपये मिले थे।

कोर्ट ने जारी किया था नोटिस
इससे पहले दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने साल 2000 में लाल किला पर हुए हमले के मामले में संदिग्ध बिलाल अहमद कावा की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस से 7 फरवरी तक नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा था। जिसके बाद कोर्ट ने सात फरवरी को ही कावा को जमानत दे दी। कावा ने अपने स आवेदन में कहा था कि उसे और हिरासत में रखने से किसी उद्देश्य की पूर्ति नहीं होगी।

11 आरोपियों को सेशन कोर्ट ने दोषी ठहराया था
इस मामले में ट्रायल के बाद 11 आरोपियों को सेशन कोर्ट ने दोषी ठहराया था। जांच में पता चला था कि करीब 29,50,000 रुपये हवाला के ज़रिए कई बैंकों के माध्यम से ट्रांसफर किए गए थे। इसमें स्टैंडर्ड चार्टेड ग्रिंडलेज़ बैंक में बिलाल अहमद कावा का भी बैंक अकाउंट था। इस खाते में मोहम्मद आरिफ अशफाक़ ने पैसे जमा कराए थे। इसी पैसे का इस्तेमाल कर लाल किला पर हमला किया गया था।

आतंकियों ने 22 दिसंबर 2000 को लाल किले के अंदर सेना पर हमला किया था
दिल्ली में पहली बार लश्कर के छह आतंकियों ने 22 दिसंबर 2000 को लाल किले के अंदर सेना पर हमला किया था। एके-47 व हैंड ग्रेनेड से लैस आतंकियों ने रात करीब 9 बजे लाल किले के अंदर चल रहे लाइट एंड साउंड प्रोग्राम के दौरान अंधाधुंध गोलियां चलाई थीं। उस दौरान लाल किले के अंदर सात राजपूताना राइफल्स की कई बटालियन थीं। लाइट एंड साउंड प्रोग्राम देखने दर्शक भी जाते थे। हमले में राजपूताना राइफल्स के तीन जवान अब्दुल्लाह ठाकुर, उमा शंकर व नायक अशोक कुमार शहीद हो गए थे। हमले के बाद सभी आतंकी भागने में सफल हो गए थे।












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