Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

घाटी में फिदायीन से निबटने के लिए 200 जांबाज कमांडोज की फौज

घाटी में बढ़ते आतंकवाद से निबटने में अब जम्‍मू कश्‍मीर पुलिस के कमांडोज की ली जाएगी मदद। 200 स्‍पेशल कमांडोज को दी गई फिदायीन से निबटने की स्‍पेशल ट्रेनिंग।

श्रीनगर। कश्‍मीर घाटी का माहौल दिन पर दिन बिगड़ रहा है और बढ़ते आतंकवाद के बीच ही यहां पर फिदायीन हमलों की कोशिशें भी हो रही हैं। इस खतरे को देखते हुए ही जम्‍मू कश्‍मीर पुलिस की मदद लेने का फैसला किया गया है। जम्‍मू कश्‍मीर पुलिस के 200 कमांडोज के नए बैच को घाटी में फिदायीन से निबटने के लिए तैयार किया गया है।

jammu-kashmir-commandos.jpg

पुलवामा स्थित इंस्‍टीट्यूट में ट्रेनिंग

घाटी में सुरक्षा बलों और आधिकारिक संस्‍थानों पर बढ़ते हमलों को देखते हुए ही यह फैसला लिया गया है। इन 200 कमांडोज को विशेषज्ञ एजेंसियों और पूर्व पुलिस अधिकारियों ने ट्रेनिंग दी गई है।

इन कमांडोज को साउथ कश्‍मीर के पुलवामा जिले में स्थित लेथपोरा स्थित कमांडो ट्रेनिंग सेंटर में कड़ी ट्रेनिंग मिली है। 14 दिसंबर को एक पासिंग आउट परेड में इन कमांडोज को आधिकारिक दर्जा मिल गया।

इस परेड में मुख्‍यमंत्री महबूबा मुफ्ती बतौर चीफ गेस्‍ट मौजूद थीं। यह कमांडोज जम्‍मू कश्‍मीर पुलिस के एंटी-फिदायीन स्‍क्‍वाड का हिस्‍सा हैं।

तीन वर्ष में 2000 कमांडोज

कमांडो ट्रेनिंग सेंटर के प्रिंसिपल एसएसपी महमूद चौधरी ने इंग्लिश डेली टाइम्‍स ऑफ इंडिया को बताया कि इससे पहले ये कमांडोज स्‍पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) के तहत एंटी-टेरर ऑपरेशंस को अंजाम देते थे।

इन कमांडोज को इंडियन आर्मी और आईटीबपी की ओर से ट्रेनिंग दी गई है।

पिछले तीन वर्षों में करीब 2,000 कमांडोज को ट्रेनिंग दी गई है। इन कमांडोज को फिदायीन के कब्‍जे वाले बिल्डिंग को खाली कराना, ऊंची पहाड़‍ियों को चढ़ने और नदी के सहारे फिदायीन के खात्‍मे की ट्रेनिंग दी गई है।

इन कमांडोज को क्रिमिनल इनवेस्टिगेशन के दौरान वैज्ञानिक मदद से भी लैस किया गया है। इसके अलावा इंटेलीजेंस इकट्ठा करने की भी ट्रेनिंग दी गई है।

घाटी में बढ़े फिदायीन हमले

पंजाबी दबाव वाले पाकिस्‍तान के आतंकी संगठन लश्‍कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्‍मद की ओर से आमतौर पर फिदायीन हमलों को अंजाम दिया जाता है।

वर्ष 1999 में कारगिल वॉर में मुंह की खाने के बाद पाक की इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई ने अब अपनी रणनीति को बदल दिया है।

वर्ष 1999 से 2002 तक घाटी में फिदायीन हमले बढ़ते गए। वर्ष 2001 में घाटी में करीब एक दर्जन फिदायीन हमलों को अंजाम दिया गया। वर्ष 2006 से 2013 तक इन हमलों में कमी देखी गई।

वर्ष 2013 के बाद इनमें फिर से इजाफा हुआ है। ये हमले ज्‍यादातर कश्‍मीर स्थित सरकारी बिल्डिंग्‍स और रक्षा संस्‍थानों को निशाना बनाकर अंजाम दिए जा रहे हैं।

20 फरवरी को तीन फिदायीन ने किया हमला

इस वर्ष 20 फरवरी को श्रीनगर-जम्‍मू नेशनल हाइवे पर एक फिदायीन हमला हुआ था।

तीन फिदायीन की ओर से हुए इस हमले में लश्‍कर-ए-तैयबा के इस हमले में इंडियन आर्मी के तीन एलीट कमांडोज और पैरामिलिट्री फोर्स के दो जवान शहीद हो गए थे।

इसके अलावा चार और लोगों की मौत हो गई थी। यह हमला पंपोर स्थित जेकेईडीआई बिल्डिंग पर हुआ था।

मदद बस एक कॉल दूर

पहचान पूर्णतः गोपनीय , पेशेवर परामर्श सेवा

iCALL मेंटल हेल्पलाइन नंबर: 9152987821

सोम - शनि: सुबह 10 बजे - शाम 8 बजे

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+