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188 करोड़ या 1,000 करोड़ से भी कहीं ज्यादा, जयललिता की कुल संपत्ति पर रहस्य और गहराया

नई दिल्ली- तमिलनाडु की पूर्व सीएम जयललिता की अकूत संपत्ति के कानूनी वारिस तय हो चुके हैं। एआईएडीएमके की पूर्व नेता की संपत्ति की कानूनी वारिस उनकी भतीजी जे दीपा और भतीजे जे दीपक होंगे। इसपर अब मद्रास हाई कोर्ट की भी मुहर लग चुकी है। अदालत ने दोनों भाई-बहनों को वर्ग-II कानूनी उत्तराधिकारी (class-II legal heirs)घोषित किया है। लेकिन, सवाल है कि इन दोनों को अम्मा की जो प्रॉपर्टी मिलेगी, उसकी आज की तारीख में मार्केट वैल्यू क्या है। वैसे शायद यह अब हमेशा-हमेशा के लिए एक रहस्य ही बना रह जाएगा। आइए जानते हैं कि उनकी संपत्तियों और उसकी मौजूदा मार्केट वैल्यू को लेकर सही अंदाजा लगाना भी क्यों मुश्किल हो गया है।

जयललिता की कुल संपत्ति पर रहस्य और गहराया

जयललिता की कुल संपत्ति पर रहस्य और गहराया

मद्रास हाई कोर्ट में तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की संपत्ति की मार्केट वैल्यू के बारे में दावेदारों में भी एक राय नहीं थी। उनकी संपत्ति के कुल मिलाकर 4 दावेदार थे। उनकी भतीजी जे दीपा, भतीजे जे दीपक और एआईएडीएमके के दो कार्यकर्ता जो खुद को उनकी प्रॉपर्टी के एडमिनिस्ट्रेटर बनना चाहते थे। दीपा और दीपक के मुताबिक उनकी बुआ की कुल संपत्ति की कीमत 188 करोड़ रुपये है। जबकि एआईएडीएमके के दावेदारों ने कोर्ट के सामने उसकी कीमत 913.14 करोड़ रुपये लगाई थी। जिरह के दौरान उन्होंने अदालत में यह भी मान लिया कि असल में उनकी पूर्व नेता की संपत्ति की कुल कीमत तो 1,000 करोड़ रुपये से भी कहीं ज्यादा होनी चाहिए। सबसे दिलचस्प बात ये है कि यह अनुमान सिर्फ उन संपत्तियों के बारे में है, जो उन्होंने 1991 और 1996 के दौरान मुख्यमंत्री रहते हुए खरीदी थी। उसके बाद के 25 वर्षों में उन्होंने कितनी संपत्ति इसमें और जोड़ी उसका अनुमान भी लगाना नामुमकिन सा लग रहा है। जबकि, इस दौरान वह तीन बार सत्ता पर काबिज रहीं और संपत्ति जुटाने में उकना कोई जवाब नहीं था।

अकूत संपत्ति की मालकिन थीं जयललिता

अकूत संपत्ति की मालकिन थीं जयललिता

उदाहरण के लिए जयललिता की पसंदीदा समर रिट्रीट कोडानाड एस्टेट को ही लीजिए। 1992 में जब उन्होंने इसे खरीदा था, तब यह सिर्फ 900 एकड़ में फैला हुआ था। आज इसका आकार दोगुना हो चुका है। अब ये नई प्रॉपर्टी किसके नाम पर खरीदी गई, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसी तरह उनकी खूबसूरत टी एस्टेट की एक एकड़ की ही मार्केट वैल्यू आज करोड़ों में हो चुकी है और पूरी की कीमत कितनी बैठेगी अनुमान ही लगाया जा सकता है। इसी तरह उन्होंने अपनी दोस्त शशिकला और दूसरे करीबियों के साथ 1991 से जो 32 कंपनियां बनाई थीं, उसकी कीमत, उसका भविष्य और उसकी स्थिति के बारे में भी अभी जानकारी नहीं है।

कई गुना हो चुकी है गोल्ड और डायमंड जूलरी की वैल्यू

कई गुना हो चुकी है गोल्ड और डायमंड जूलरी की वैल्यू

जयललिता की 173 जमीन-जायदाद की लिस्ट में कम से कम 100 का मालिकाना हक उन्हीं के ही नाम है। लेकिन, बाकी जो जमीन उन्होंने अपनी दोस्त शशिकला और बाकी सहयोगियों के साथ हिस्सेदारी में खरीदी थी, उससे अपना हिस्सा निकालना दीपा और दीपक के लिए आसान नहीं होने वाला है। इनमें जयललिता की संपत्ति के अधिकारी तो यही दोनों भाई-बहन होंगे। लेकिन, बाकी सरकार के कब्जे में चली जाएगी, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने उनके सारे सह अभियुक्तों शशिकला, जे इलवरसी और वीएन सुधागरन को भ्रष्टाचार के केस में दोषी ठहरा दिया है। यही नहीं जो गोल्ड और डायमंड जूलरी जिसका मूल्य 1996 में ही 5.53 करोड़ रुपये आंका गया था, उसे हासिल करने के लिए दीपा-दीपक को कर्नाटक की विशेष अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।

ऐसे बढ़ती गई तमिलनाडु की पूर्व सीएम की प्रॉपर्टी

ऐसे बढ़ती गई तमिलनाडु की पूर्व सीएम की प्रॉपर्टी

कुल मिलाकर ये समझ लीजिए कि जयललिता की संपत्ति का पता लगाना, उन्हें कब्जे में लेना, उनकी मार्केट वैल्यू का पता लगाना दीपा और दीपक को हैरान कर सकता है, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री ने कुछ ही लोगों को उनके बारे में बताया और इस दौरान साल-दर-साल उनकी कीमतें बेतहाशा बढ़ती चली गईं। मसलन, 1987 तक जयललिता ने सिर्फ 7.5 लाख रुपये की संपत्ति घोषित की थी। तब उनके पास 1 लाख रुपये कैश और कुछ जेवरात थे। रिकॉर्ड के मुताबिक 1 जुलाई, 1991 तक उनके नाम कुल 52 प्रॉपर्टी थी, जिसकी कीमत तब 2.02 करोड़ रुपये थे। अप्रैल 1996 में जब उनपर सारे भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हो चुके थे, उन्होंने अपनी कुल आमदनी 9.34 करोड़ रुपये दिखाई थी और उसके स्रोत के रूप में लोन, किराया, आय पर ब्याज, खेती से आमदनी और ब्रोकरेज चार्च के रुपये में सामने रखा था। दिलचस्प बात ये है कि इसमें सीएम के तौर पर उनकी 27 महीने की 27 लाख रुपये सैलरी भी शामिल है, जो वह महज 1 रुपये महीने ही लेती थीं।

21 किलो से ज्यादा सोना तो कर्नाटक के खजाने में बंद है

21 किलो से ज्यादा सोना तो कर्नाटक के खजाने में बंद है

लेकिन, फिर वक्त आया 2011 के विधानसभा चुनाव का जिसमें अन्नाद्रमुक नेता ने एफिडेविट में अपनी संपत्ति 51.4 करोड़ रुपये घोषित की। लेकिन, 2016 के अपने आखिरी विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपनी संपत्ति 113.73 करोड़ रुपये बताई थी। हलफनामे में उन्होंने कहा था कि इसमें 21,280.300 ग्राम (21.2803 किलो) सोने को नहीं शामिल किया गया जो कि पुलिस ने जब्त करके कर्नाटक सरकार के खजाने में रखा हुआ है। आज की तारीख में इसकी कीमत कई करोड़ होगी। यानि, दीपा और दीपक को उनकी कुल संपत्तियों का ब्योरा जुटाने के लिए एक तो डायरेक्टोरेट ऑफ विजिलें और एंटी-करप्शन विभाग की लिस्ट खंगालनी पड़ेगी, जिसमें उनपर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज था, जो कि करीब 66.65 करोड़ रुपये का था और दूसरा जयललिता के सभी चुनावी हलफनामे का ब्योरो जुटाना होगा।

संपत्ति की कीमतें बहुत कम करके बताई थी

संपत्ति की कीमतें बहुत कम करके बताई थी

सच्चाई तो ये है कि जयललिता ने आधिकारिक तौर पर अपनी जितनी संपत्तियों की घोषणा की थी उसकी असल कीमत पहले भी कहीं ज्यादा थी। मसलन उन्होंने कोडोनाड एस्टेट और अपने चेन्नई वाले बहुचर्चित आवास पोएस गार्डन की कीमत सिर्फ 73 रुपये बताई थी, जबकि, उनकी मार्केट वैल्यू आज इनसे कई गुना ज्यादा है। इसलिए, सच तो यह है कि जयललिता ने जितनी संपत्ति खरीदी थी, आज की तारीख में उन सबको ढूंढ निकालने और उनके बाजार भाव लगाने को किसी को जिम्मा सौंपा जाय तो किसी को अपने जीवन का अहम हिस्सा उसी में लगाना पड़ सकता है।

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