सचिन की 'फरारी' में बैठ जोगन बनने चली 18 साल की ये गुजराती बाला, जानिए क्या है पूरा मामला
नई दिल्ली। इस वक्त सोशल मीडिया पर स्तुति शाह के चर्चा जोर-शोर से हैं, वजह है 18 साल की उम्र में उनका जोगन बनने का फैसला करना, दरअसल गुजरात के सूरत की रहने वाली स्तुति शाह अब सांसारिक मोह-माया का त्याग कर संन्यासी जीवन जीने का फैसला कर चुकी हैं, स्तुति इन दिनों अपने धर्म गुरुओं के पास दीक्षा की तारीख लेने के लिए 'फरारी' कार में सवार होकर निकली हैं,आपको बता दें कि ये वो ही 'फरारी' कार है, जो कि 'भारतीय क्रिकेट के भगवान' कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के पास थी और इस वजह से स्तुति और भी ज्यादा इस वक्त चर्चित हो गई हैं।

सचिन की 'फरारी' में बैठ जोगन बनने चली ये लड़की
दरअसल स्तुति गुजरात के सूरत शहर की निवासी हैं, वो 26 फरवरी 2020 को 'गुरु भगवंतो' के सानिध्य में दीक्षा ग्रहण करेंगी, स्तुति शाह सोमवार को दीक्षा की तारीख लेने के लिए 'गुरु भगवंतो' के पास अपने बड़े से काफिले में निकलीं, स्तुति के पिता ने उनके काफिले के लिए ऑडी से लेकर कई महंगी गाड़ियों की व्यवस्था की थी लेकिन इन महंगे कारों में सचिन की 'फरारी' भी शामिल थी।

सचिन की 'फरारी' नीलाम हुई थी
आपको बता दें कि क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन की 'फरारी' 360 मोडेना, 1.2 करोड़ रुपये में नीलाम हुई थी। सचिन को यह कार माइकल शूमाकर ने थी। 2011 में हुई नीलामी में सचिन की इस कार को राजहंस ग्रुप के जयेश देसाई ने खरीदा था।

18 साल की स्तुति शाह का हुआ सांसरिक माया से मोह भंग
स्तुति एकदम गाजे-बाजे के साथ अपने काफिले में निकली थीं, वो दु्ल्हन की तरह सजी हुई थीं, उन्होंने जोगन के फैसले पर कहा कि उनका मन सांसारिक माया में नहीं लगता है, इसलिए उन्होंने अपनी आत्मा के कल्याण के लिए संयम का मार्ग चुना है, स्तुति शाह के इस फैसले में उनके परिवार वाले साथ हैं।

स्तुति के पिता सुरेश शाह एक बड़े कारोबारी
इस बारे में बात करते हुए स्तुति के पिता सुरेश शाह ने कहा कि मेरी दो संतानो में स्तुति बड़ी है, वो शुरू से ही पढ़ाई लिखाई से लेकर हर चीज में नंबर वन रही है लेकिन अब जब उसने यह फैसला ले लिया है तो हम इसमें क्या ही कर सकते हैं, हम उसके इस फैसले का सम्मान करते हैं और उसका साथ दे रहे हैं। आपको बता दें कि सुरेश शाह जमीन की खरोद-फरोख्त का बिजनेस करते हैं।












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