मणिपुर हिंसा में अब तक 175 लोगों की मौत, असम राइफल्स को हटाने के लिए रक्षामंत्री से मिले मैतेई लोग
मणिपुर पिछले साढ़े चार महीने से हिंसा की आग में सुलग रहा है। केंद्र और राज्य सरकार ने वहां पर शांति बहाली के लिए काफी कोशिशें कीं, लेकिन सब नाकाम रहीं। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक अब तक हिंसा में 175 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि हजारों लोग बेघर हुए।
वहीं दूसरी ओर मैतेई समूह के प्रतिनिधियों ने गुरुवार देर रात रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। उन्होंने राज्य से असम राइफल्स को हटाने की मांग की। उन्होंने इस सैन्य बल पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली मैतेई समन्वय समिति (डीएमसीसी) गुरुवार रात रक्षामंत्री के घर गए थे। उन्होंने राज्य के हालात के बारे में विस्तार से बात की। साथ ही असम राइफल्स की जगह किसी दूसरे बल की तैनाती की मांग की। उन्होंने रक्षामंत्री को ये भी बताया कि मैतेई महिला समूह भी इस बल का लगातार विरोध कर रहे।
मणिपुर अखंडता पर बनी समन्वय समिति (COCOMI) के प्रवक्ता खुराइजम अथौबा के मुताबिक डीएमसीसी ने कुकी उग्रवादी समूहों से खतरे और असम राइफल्स के पक्षपात को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है।
अथौबा ने कहा कि असम राइफल्स ड्रग्स की तस्करी और अवैध आप्रवासियों को रोकने में नाकाम रही है। ऐसे में उनकी तैनाती राज्य में शांति बहाल नहीं कर सकती।
वहीं दूसरी ओर कुकी समूहों ने मणिपुर पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया। साथ ही केंद्र सरकार से राज्य में शांति बहाल करने के लिए असम राइफल्स को बरकरार रखने का आग्रह किया है।
1100 से ज्यादा घायल
मणिपुर में 3 मई से हिंसा का सिलसिला जारी है। जिसमें अब तक 175 लोगों ने जान गंवाई। इसके अलावा 1108 लोग घायल हुए। हिंसा के इस दौर में 32 लोग लापता हैं। हिंसा के दौरान धार्मिक स्थलों को भी खूब निशाना बनाया गया। राज्य में 254 चर्च और 132 मंदिर तोड़े गए हैं।












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