15 बातें: भारतीय नौसेना के सबसे खतरनाक युद्धपोत मोरमुगाओ के बारे में जानिए
मुंबई। शनिवार को इंडियन नेवी अपने प्रोजेक्ट 15बी के तहत एक और डेस्ट्रॉयर मोरमुगाओ को बेड़े में शामिल कर लिया। इस डेस्ट्रॉयर को मुंबई के मझगांव डॉकयार्ड में तैयार किया गया है।

अगले दो वर्ष में बनेगा नेवी का हिस्सा
पिछले वर्ष इंडियन नेवी ने 15बी के तहत अपने बेड़े में सबसे भारी डेस्ट्रॉयर आईएनएस विशाखापत्नम को शामिल किया था। मोरमुगाओ को शनिवार को लांच किया गया है लेकिन इसे अगले दो वर्षों में इंडियन नेवी में शामिल किया जाएगा।
इंडियन नेवी चीफ एडमिरल सुनील लांबा ने इसे शनिवार को एक कार्यक्रम में लांच किया है। इंडियन नेवी का प्रोजेक्ट 15बी न सिर्फ नेवी बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभियान मेक इन इंडिया के लिए भी काफी खास है।
गोवा के शहर पर पड़ा नाम
- इस डेस्ट्रॉयर को मोरमुगाओ नाम गोवा के एक शहर के नाम पर दिया गया है।
- मोरमुगाओ विशाखापत्नम क्लास का ही डेस्ट्रॉयर है और इसे वर्ष 2019 में इंडियन नेवी में शामिल किया जाएगा।
- मोरमुगाओ का वजन 7,300 टन है और इसके क्रू मेंबर्स की संख्या 50 ऑफिसर्स और 250 सेलर्स की है।
- इसमें यूक्रेन में बने इंजन इंस्टॉल किए गए हैं और इनकी स्पीड 30 नॉट्स तक पहुंच सकती है।
- मोरमुगाओ की ऑपरेशनल रेंज 4,000 नॉटिकल मील के आसपास है।
- मोरमुगाओ का करीब 60 प्रतिशत से ज्यादा का हिस्सा भारत में ही निर्मित है।
- चूंकि मोरमुगाओ विशाखापत्नम क्लास की शिप है तो इसमें इंस्टॉल हथियार भी काफी अहम हैं।
- इसमें आठ ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल इंस्टॉल होंगी।
- ब्रह्मोस के अलावा इसमें बराक-8/एनजी मिसाइल भी इंस्टॉल होगी।
- ऐसी मिसाइल लॉन्च कर सकती है जिसका टारगेट रास्ते में ही बदला जा सकता है।
- 76 एमएम की एक सुपर रैपिड गन, चार पूरी तरह से ऑटोमैटिक रूस की एके-630 क्लोज इन सिस्टम है।
- मोरमुगाओ में 127 एमएम की मेन इंस्टॉल की जाएगी।
- मल्टी फंक्शन सर्विलांस थ्रेट अलर्ट रडार इंस्टॉल की जाएगी।
- यह रडार सिस्टम चीन के 'एजिस' सिस्टम के टक्कर का है।
- यह शिप मल्टीरोल हेलीकॉप्टर्स जैसे सी किंग्स या एचएएल ध्रुव को भी ले जा सकती है।












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