बाढ़ में फंसे 130,000 लोगों को निकाला गया सुरक्षित!
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में 60 वर्षों में आई भयानक बाढ़ में से अब तक 130,000 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रा राजनाथ सिंह के साथ ही रक्षा मंत्रालय की ओर से भी इस बारे में बयान दिया गया है।

रक्षा मंत्रालय ने दी जानकारी
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि जम्मू एवं कश्मीर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 1,30,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
राजनाथ ने दिल्ली में कहा, "राज्य में 1,30,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। श्रीनगर में रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर इस रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में जानकारी दी है।
राहत कार्य की खास बातें
- वायु सेना और इंडियन आर्मी एविएशन कोर के 89 विमान और हेलीकॉप्टर को राहत कार्य में लगाया गया है।
- सेना के 21,000 जवान श्रीनगर और 9,000 जम्मू क्षेत्र में राहत कार्यो में लगे हुए हैं।
- 2,98,000 लीटर पेयजल, 31,500 भोजन के पैकेट और 533 टन पका हुआ भोजन हवाई मार्ग के जरिए पहुंचाया गया।
- आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विसेज के डॉक्टरों की 80 टीम जोरशोर से काम कर रही है। इलाके में चार अस्थायी अस्पताल भी बनाए गए।
- अब तक 21,500 मरीजों का इलाज किया है और 19 टन दवाइयां और बाकी जरूरी चीजें दिल्ली से प्रभावित इलाके के लिए रवाना।
- कंबल, पानी की बोतलें और भोजन के पैकेट और बाकी राहत सामग्री भी हैदराबाद, अहमदाबाद, दिल्ली, पटना, अमृतसर और चंडीगढ़ से भेजे गए हैं।
- अब तक सेना के विमानों और हेलीकॉप्टरों ने 1,379 फेरे लगाए हैं और 1,799 टन राहत सामग्री पहुंचाई है।
- राहत कार्यो के तत्काल जरूरत को देखते हुए श्रीनगर में 90 अतिरिक्त नावों को भेजा गया है।
- सेना की 224 नाव और एनडीआरएफ की हवा से चलने वाली 148 नाव राहत कार्यो में लगे हुए हैं।
- इसके अतिरिक्त सेना ने श्रीनगर और जम्मू इलाके में 19 राहत शिविर बनाया है।
- दूरसंचार विभाग, सेना, बीएसएनएल और कुछ निजी कंपनियों के संचार के उपकरण संचार व्यवस्था बहाल करने के लिए भेजे गए हैं।
- सड़क संपर्क बहाल करने के लिए बार्डर रोड आर्गनाइजेशन के पांच कार्यबलों को भी सेवा में लगाया गया है।
- बाढ़ में अब तक 200 से अधिक लोगों को जान गंवानी पड़ी है।












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