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2019 के लोकसभा चुनाव में 10 करोड़ युवा मतदाता तय करेंगे देश की सियासत

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    नई दिल्ली भारत में हर साल कहीं ना कहीं चुनाव होता है, ऐसे में तमाम चुनावी पार्टियों की साख हर वक्त किसी ना किसी जगह पर साख पर लगी रहती है। हाल ही में यूपी उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद तमाम सियासी समीकरण सामने आ रहे हैं। तमाम सियासी दल 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति बना रहे हैं। एक तरफ जहां 25 साल बाद यूपी में सपा-बसपा साथ आए तो दूसरी तरह दूसरे राज्यों में भी विपक्षी दल भाजपा के खिलाफ लामबंदी करते नजर आ रहे हैं।

    युवा वोटर अहम

    युवा वोटर अहम

    हाल ही में हुए तमाम चुनावों के बाद एक बात बिल्कुल साफ है कि भारतीय राजनीति में कुछ भी निश्चित न हीं है। एक तरफ जहां भाजपा ने पूर्वोत्तर के राज्यों में पहली बार जीत दर्ज की तो दूसरी तरफ पिछले 29 सालों से गोरखपुर में भाजपा का कब्जा था वहां पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में आने वाले 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर कुछ भी निश्चित तौर पर कहना बिल्कुल भी संभव नहीं है। किसी भी वक्त वोटर अपने भरोसे को एक दले से हटाकर दूसरे दल में ले जा सकता है। लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में देश के युवा एक बड़ी भूमिका निभाने वाले हैं, यह निश्चित है।

    10 करोड़ नए युवा मतदाता

    10 करोड़ नए युवा मतदाता

    2011 की जनगणना के आधार पर हर वर्ष तकरीबन 2 करोड़ युवा 18 वर्ष की उम्र को पार कर रहे हैं और मतदान में हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे में यह युवा वोटर किसी भी राजनीतिक दल के लिए काफी अहम है। राजनीतिक दलों के लिए सत्ता में बने रहने के लिए इन युवाओं को नजरअंदाज करना बिल्कुल भी खतरे से खाली नहीं है। 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान तकरीबन 10 करोड़ ऐसे मतदाता होंगे जो पहली बार मतदान करेंगे।

    युवा मतदाता की स्वतंत्र सोच

    युवा मतदाता की स्वतंत्र सोच

    यह मतदाता इसलिए भी बेहद खास हैं क्योंकि यह बेहतर तरीके से जानकारी को हासिल करतें हैं, तकनीक का इस्तेमाल करते हैं और अपनी स्वतंत्र सोच रखते हैं। ये मतदाता अपने परिवार के राजनीतिक विचारधारा के साथ जाने के बजाए एक स्वतंत्र विचारधारा पर आगे चलते हैं। लिहाजा ये वोटर आगामी आम चुनाव में काफी अहम साबित हो सकते हैं और निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार 18-20 वर्ष की आयु के मतदाताओं को बड़ी संख्या में पहले ही रजिस्टर किया जा चुका है। यह संख्या 10 फरवरी तक तकरीबन 1.38 करोड़ है।

    हाल के चुनाव में सामने आया बदलाव

    हाल के चुनाव में सामने आया बदलाव

    हाल ही में अररिया, फूलपुर और गोरखपुर में हुए उपचुनाव में बड़ी संख्या में युवा मतदाताओं ने वोट किया है, हालांकि उनकी सही गिनती बता पाना मुश्किल है। लेकिन आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2018 तक अररिया में 18-19 वर्ष की आयु के कुल 70000 लोग हैं। साथ ही 20 से 29 वर्ष की आयु के लोगों उम्र 5.8 लाख हैं। लिहाजा 2019 में बड़ी संख्या में ऐसे वोटर सामने आएंगे जो पहली बार अपना मतदान करेंगे।

    पीएम मोदी काफी लोकप्रिय

    पीएम मोदी काफी लोकप्रिय

    एक तरफ जहां भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2019 के लोकसभा चुनाव में अपने सबसे लोकप्रिय नेता के तौर पर पेश करेगी तो दूसरी तरफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की लोकप्रियता मोदी की तुलना में कम है। पीएम मोदी की युवाओं में काफी लोकप्रियता है। युवा वोटर्स मुख्य रूप से अपनी उम्र के करीब के नेता की ओर नहीं देखते हैं बल्कि वह ऐसे नेता की ओर देखते हैं जो उनकी आकांक्षाओं को पूरा कर सके। सोशल मीडिया के इस दौर में पीएम मोदी की लोकप्रियता काफी ज्यादा है, जबकि राहुल गांधी अभी भी सोशल मीडिया पर अपनी लोकप्रियता को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

    कांग्रेस की तैयारी

    कांग्रेस की तैयारी

    कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्या सिंधिया इस बात को मानते हैं कि उनकी पार्टी ने सोशल मीडिया को देर से समझा, लेकिन उन्हें इस बात का पूरा भरोसा है कि आने वाले समय में वह इस माध्यम का जबरदस्त प्रयोग करेंगे और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचेंगे। उनका कहना है कि हमारे पार्टी के अध्यक्ष और तमाम नेता सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं। हाल ही में हमने मध्य प्रदेश उपचुनाव के दौरान व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम से लेकर हर प्लेटफॉर्म पर अपनी सक्रियता बढ़ाई और युवाओं तक हम पहुंचे हैं।

    भाजपा को भरोसा

    भाजपा को भरोसा

    वहीं भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का कहना है कि युवा मुस्लिम भाजपा की ओर आकर्षित हो रहे हैं, हम उन्हें सम्मान के साथ विकास दे रहे हैं। अब युवा मुस्लिम वोटर्स को बंटवारे का डर नहीं है। आने वाले समय में 4जी स्पीड इंटरनेट के साथ लोकसभा चुनाव काफी दिलचस्प होने वाला है। माना जा रहा है कि आगामी आम चुनाव सड़कों की बजाए फोन पर लड़ा जाएगा, युवा वोटर्स फोन पर कहीं अधिक राजनीति में सक्रिय होंगे।

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    English summary
    10 crore new voter will change the fate of political parties in 2019 poll. Young voters are going to be the key of success.

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