तस्वीरों में: पीएम बनते ही मोदी के सामने चुनौतियों का अंबार
नयी दिल्ली। 16 मई को 16वीं लोकसभा की तस्वीर साफ हो गई। देश ने भारतीय जनता पार्टी जनाधार दे दिया। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी अब देश के प्रधानमंत्री बन जाएंगे। मोदी अगले हफ्ते देश के पीएम पद की जिम्मेदारी संभालेंगे, लेकिन इस पद के साथ-साथ उनके कंघों पर कई अहम जिम्मेदारियां भी आ गई है।
लोगों ने जिस उम्मीद के साथ मोदी के हाथों से देश की बागडोर थमायी है उन्हें उस उम्मीद पर खड़ा उतरना है। देश के अगले पीएम के सामने कई चुनौतियां मुंह उठा कर खड़ी हैं। अगर देश को तरक्की की पटरी पर लाना है तो इन चुनौतियों से नए पीएम को निपटना ही होगा।

कैसे करेंगे निपटेंगे?
पूरा देश इस वक्त महंगाई से त्रस्त है। मोदी अपनी रैलियों में भी यूपीए सरकार को इस बढञती महंगाई के लिए जिम्मेदार ठहराते रहे है। ऐसे में सवाल ये कि भाजपा की सरकार बनने पर मोदी इन चुनौतियों से कैसे निपटारा करेंगे।

कैसे बचेंगे इस बीमारी से
मोदी हर बार अपनी चुनावी रैलियों में यूपीए-2 के शासनकाल में हुए घोटालों की चर्चा करते थे। भ्रष्टाचार और घोटालों की बीमारी से मोदी अपने मंत्रियों को कैसे बचा पाएंगे।

देश भर में 24 घंटे बिजली का वादा
मोदी ने चुनावी रैलियों के दौरान जनता से वादा किया था कि वो देश की सत्ता संभालने के बाद उन्हें 24 घंटे बिजली मुहैया कराएंगे। बिजली के मुद्दे पर उन्होंने उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार को भी लथाड़ा था. ऐसे में बुजली मुहैया करना मोदी के सामने बड़ी चुनौती है।

नौकरी के विकल्प खोलना
मोदी युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है। उन्होंने अपनी चुनावी रैलियों में युवाओं के लिए नौकरी के विक्लप पैदा करने की बात कही थी। ऐसे में पीएम की कुर्सी पर बैठने के बाद देश में नौकरी के विकल्प पैदा करना उनके सामने बड़ी चुनौती होगी।

स्कूलों में शौचालय मोदी का सपना
मोदी अक्सर अपनी चुनावी सभाओं में प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करने की बात करते थे। वहीं स्कूलों में शौचालयों की व्यवस्था पर भी मौदी हमेशा गौर कर ते थे। ऐसे में अब जब कि सत्ता उनके हाथों में है तो उन्हें इस चुनौती को पूरा करनाहोगा।

आतंकवाद से निपटना बड़ा मुद्दा
मोदी ने हमेशा ने यूपीए सरकार को आतंवाद के सामने बौना करार दिया। अब जब कि सत्ता उन के हाथों में है तो उनके सामने चुनौती होगी कि वो कैसे इस आतंकवाद से लड़ते है।

महिलाओं को कैसे सुरक्षित करेंगे मोदी
मोदी दिल्ली की सुरक्षा को लेकर हमेशा से यूपीए सरकार पर निशाना साधते रहे है। ऐसे में भाजपा की सरकार बनने पर उनके सामने सब से बड़ी चुनौती होगी देश में महिलाओं को सुरक्षा मुहौया कराना।

क्या वापस आएगा काला धन
चुनाव प्रचार के दौरान काला धन बड़ा मुद्दा बन गया है। बाबा रामदेव ने तो गांव-गांव जाकर बताया है कि काला धन आ गया तो हर शख्स करोड़ों का मालिक बन जाएगा। ऐसे में विदेशों में रखे इस काले धन को वापस देस में लाना बड़ी चुनौती है।

कैसे सुधारेंगे अर्थवय्वस्था
घर का बजट तभी चलता है जब कमाई खर्चे से ज्यादा हो। पर भारत सरकार ने पिछलेकुछ सालों में कमाई के मुकाबले खर्चे ज्यादा बढ़ाए हैं। ऐसे में इस अर्थव्यवस्था को सुधारना मोदी की बड़ी चुनौती होगी। इस बार वित्तीय घाटा जीडीपी के 4.5 फीसदी तक रखने में सरकार ने कामयाबी पाई है।

देश में मौजूद विषमता से कैसे निपटेंगे?
देश में सबसे बड़ी दिक्कत है कि उद्योगपतियों के पास हजारों करोड़ की दौलत है और दूसरी तरफ गरीबों के पास दो वक्त का पेट भरने के लिए अन्न भी नहीं है। जिस देश में गरीबी रेखा 32 और 28 रुपये के खर्च पर तय होती हो उस देश को शर्म करनी चाहिए। ये भुखमरी की रेखा हो सकती है गरीबी रेखा नहीं। मोदी पीएम बन भी गए तो चुनौती मोदी के सामने होगी कि वो कैसे उद्योगपतियों की तिजोरीमें इक्टठा होती रकम गरीब जनता तक पहुंचाएंगे।












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