बुमराह की मिसाइल यॉर्कर, शमी की तेज आउट स्विंगर, शार्दुल की रहस्यमयी कटर ! जरूर कुछ कमाल करेगी
नई दिल्ली, 29 जून। इंग्लैंड का मौसम मध्यगति के स्विंग गेंदबाजों के लिए बहुत मददगार होता है। जब आकाश में बादल छाये रहें, मैदान पर हवा चलती रहे, तब ऐसे बॉलरों की गेंद हवा में झुलती है और शार्प स्विंग लेती है। लिसेस्टरशायर के खिलाफ प्रैक्टिस मैच में शार्दुल ठाकुर की एक गेंद चर्चा का विषय रही थी। लिसेस्टरशायर के अंतिम बल्लेबाज आबिदीन सकांडे क्रीज पर आये थे। शार्दुल ने एक यॉर्कर लेंथ की गेंद डाली। गेंद रीलीज करते समय आखिर में उंगलियां फेर दीं। धीमी गति की गेंद हवा में कुछ समय तक तैरती रही और जैसे ही पिच पर टप्पा खाया, तेजी से कट कर विकेट में समा गयी। आबिदीन ने रक्षात्मक तरीके से खेलने की कोशिश की लेकिन गेंद उन्हें चकमा देते हुए विकेट ले उड़ी।

आबिदीन को अपनी गलती का अहसास हुआ। आउट होने के बाद उन्होंने बल्ले को घुमा कर यह जताया कि इस गेंद के कैसे खेलना चाहिए। जानकार इस गेंद को रहस्यमयी कटर करार दे रहे हैं। एजबेस्टन टेस्ट के पहले शार्दुल की यह करिश्माई गेंद भारत को बहुत राहत देने वाली है। शार्दुल इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में सफल टेस्ट गेंदबाज रहे हैं। बुमराह, शमी के मुकाबले उनकी गति कम है लेकिन वो अहम मौकों पर विकेट निकाल कर देने वाले बॉलर हैं। लिसेस्टरशायर के खिलाफ मोहम्मद शमी ने पहली पारी में 3 विकेट लिये। शार्दुल, सिराज को 2-2 विकेट मिले। जडेजा ने भी तीन विकेट झटके।

यॉर्कर और स्विंग का होगा कमाल
बुमराह की मिसाइल यॉर्कर, शमी की तेज आउट स्विंगर, शार्दुल की रहस्यमयी कटर एजबेस्टन में जरूर कमाल करेगी। वैसे प्लेईंग इलेवन में किन गेंदबाजों को मौका मिलेगा, यह तो अभी स्पष्ट नहीं है। लेकिन इतना तय है कि भारत विकेट निकालने वाले गेंदबाजो को तरजीह देगा। क्या शार्दुल की प्लेईंग इलेवन में जगह बनती है ? इस सवाल के जवाब के लिए लिसेस्टर में आबिदीन का विकेट ही काफी है। लेकिन जवाब के तफ्सील के लिए एक साल पीछे लौटना होगा। पिछले साल इस सीरीज के चौथे टेस्ट मैच में शार्दुल ने 3 विकेट लिये थे और दोनों पारियों में अर्धशतक लगाया था।। पहली पारी में तो उन्होंने 31 गेंदों पर फिफ्टी लगा कर इंग्लैंड में एक नया इतिहास बनाया था। उनकी इस काबिलियत को भला कैसे नजरअंदाज किया जा सकता है। बुमराह और शमी की क्षमता तो सर्वविदित है। वे तो टीम में रहेंगे ही। लेकिन बाकी के तीन गेंदबाज कौन होंगे ? यह अभी तय करना है। भारत तीन तेज गेंदबाज, दो स्पिनर के साथ खेलता है या फिर चार तेज गेंदबाज और एक स्पिनर के साथ खेलता है, यह भी देखना जरूरी होगा। इशांत शर्मा की जगह इस बार टीम में प्रसिद्ध कृष्णा हैं। उमेश यादव भी हैं। तेज गेंदबाजी में भारत के पास कई विकल्प हैं। एजबेस्टन टेस्ट के लिए हेड कोच द्रविड़ को इस बार बल्लेबाजी और गेंदबाजी के मोर्च पर बहुत दिमाग खपाना होगा। अगर रोहित शर्मा नहीं खेले तो कप्तानी का सवाल भी सुलझाना होगा।

क्या 4 तेज गेंदबाज, एक स्पिनर के साथ खेलेंगे ?
पिछले साल इस सीरीज के चार टेस्ट मैचों में भारत के सबसे सफल गेंदबाज जसप्रीत बुमराह रहे थे। उन्होंने चार टेस्ट में 18 विकेट लिये थे। जब कि इंग्लैंड की तरफ से सबसे अधिक 21 विकेट ओली रॉबिंसन ने लिये थे। इससे जाहिर है टीम संयोजन में तेज गेंदबाजों को अहमियत मिलेगी। न्यूजीलैंड के साथ सम्पन्न हुई श्रृंखला में इंग्लैंड के स्पिनर जैक लीच ने अंतिम टेस्ट की दोनों पारियों में 5-5 विकेट लिये थे। इस शानदार गेंदबाजी के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया था। यानी तेज गेंदबाजों के जलवा के बीच स्पिनर भी महफिल लूट सकते हैं। ऐसा नहीं है इंग्लैंड की पिच पर स्पिनर सफल नहीं होते। पिछले साल भारत इस सरीज में चार तेज गेंदबाजों और एक स्पिनर के साथ उतरा था। रवीन्द्र जडेजा स्पिनर ऑलराउंडर क रूप में खेले थे। इस साल प्रैक्टिस मैच में उन्होंने 3 विकेट लेकर अपना दावा पेश किया है। लेकिन भारत के पास आर अश्विन का भी विकल्प है। अश्विन मैज जिताऊ स्पिनर रहे हैं। अश्विन भी लिसेस्टर के प्रैक्टिस मैच में 11 ओवर में 31 रन दे कर 2 विकेट लिये थे। अब अंतिम ग्यारह में किसे जगह मिलेगी, होड कोच राहुल द्रविड़ तय करेंगे।

स्टोक्स का दावा, भारत के हराने के लिए खेंलेगे
भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ इंग्लैंड के गेंदबाजों की रणनीति क्या होगी ? इस सवाल का जवाब बेन स्टोक्स ने दिया है। उन्होंने कहा, भारत एक अलग तरह की टीम है। वह इस सीरीज में 2-1 से आगे है। हम सीरीज बराबर करने के इरादे से मैदान में उतरेंगे। हम बिल्कुल उसी अंदाज में खेलेंग, जिस तरह न्यूजीलैंड के साथ खेले थे। हमारी मानसिकता अब बदली हुई है। हमने दुनिया की टेस्ट चैम्पियन टीम को 3-0 से हराया है। यानी इंग्लैंड भारत के खिलाफ भी आक्रमक क्रिकेट खेलेगा। बेन स्टोक्स का कहना है वे भारत को हराने के लिए खेलेंगे। इंग्लैंड तभी ये सीरीज बराबर कर पाएगा जब वह पांचवां टेस्ट जीत ले। ऐसे में अब भारत को तय करना है कि वह स्टोक्स के दावे को कैसे खारिज करेगा। हो सकता है कि भारत का कोई नया 'हीरो' इंग्लैंड के विजय रथ को रोक दे।
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