Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

पैंडोरा पेपर्सः पूर्व आर्मी अफसर का नाम, सरकार ने कही जांच की बात

नई दिल्ली, 05 अक्टूबर। भारत ने पैंडोरा पेपर्स की जांच की बात कही है तो पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने भी मामलों की जांच का आश्वासन दिया है. पाकिस्तान के वित्त मंत्री शौकत तरीन, जिनका नाम दस्तावेजों में शामिल है, ने कहा कि जिनके नाम दस्तावेजों में आए हैं, उनकी जांच होगी.

Provided by Deutsche Welle

भारत के वित्त मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, "सरकार सक्रिय तौर विदेशी अधिकारियों से बात करेगी और प्रासंगिक करदाताओं व कंपनियों की जानकारियां हासिल करेंगे."

उधर रूस ने कहा है कि व्लादीमीर पुतिन के सहयोगी द्वारा धन छिपाने के बारे में किसी तरह के सबूत इन दस्तावेजों ने नहीं मिलते. वॉशिंगटन पोस्ट अखबार ने लिखा था कि पुतिन की एक महिला मित्र ने मोनैको में घर खरीदने के लिए विदेशों में रखे गए धन का इस्तेमाल किया.

क्या है पैंडोरा पेपर्स?

पैंडोरा पेपर्स के नाम से चर्चित इस खुलासे में ऐसी 29 हजार कंपनियों और ट्रस्ट का पता चला है जिन्हें विदेशों में बनाया गया था. 14 कंपनियों के एक करोड़ 20 लाख दस्तावेजों का इंटरनेशनल कन्सॉर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (ICIJ) ने एक साल तक अध्ययन किया है जिसके बाद ऐसा दावा किया गया है कि विभिन्न देशों के व्यापारियों, उद्योगपतियों, राजनेताओं और खेल व मनोरंजन जगत की मशहूर हस्तियों ने अपना धन छिपाया.

इस पड़ताल में भारत का अखबार इंडियन एक्सप्रेस शामिल था. अखबार के मुताबिक इन दस्तावेजों में 300 से ज्यादा भारतीयों के नाम हैं जिनमें उद्योपति अनिल अंबानी, नीरव मोदी की बहन और किरन मजूमदार शॉ के पति जैसे लोग शामिल हैं.

इंडियन एक्सप्रेस अखबार मीडिया संस्थानों के उस समूह का हिस्सा है जिन्होंने इस दस्तावेजों की जांच-पड़ताल की है. अखबार के मुताबिक उद्योगपति अनिल अंबानी और उनके प्रतिनिधियों ने जर्सी, ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड और साइप्रस में कम से कम 18 विदेशी कंपनियां बना रखी थीं.

2007 से 2010 के बीच स्थापित सात ऐसी कंपनियों के जरिए कम से कम 1.3 अरब डॉलर उधार लिए गए और निवेश किए गए. चीन के तीन बैंकों से विवाद होने के बाद 2020 में रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी ने लंदन में एक अदालत से कहा था कि वह दीवालिया हो गए हैं.

एक वकील ने अंबानी के हवाले से इंडियन एक्सप्रेस अखबार को बताया कि उनके मुवक्किल ने कानून सम्मत जानकारियां सरकार को दी हैं.

देखिए, रिश्वत लेने देने में भारत एशिया में अव्वल

अखबार के मुताबिक इस वकील ने बताया, "हमारे मुवक्किल भारत के करदाता नागरिक हैं और कानून के हिसाब से जो भी जानकारियां सरकार को देनी होती हैं, उन्होंने दी हैं. लंदन की अदालत में जानकारी देते वक्त सारी बातों का ध्यान रखा गया था. रिलायंस ग्रुप दुनियाभर में व्यापार करता है और जरूरतों के हिसाब से अलग-अलग जगहों पर कंपनियां बनाई जाती हैं."

60 से ज्यादा नाम

जिन नामों का खुलासा अब तक किया गया है उनमें पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर भी हैं. इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि 60 से ज्यादा महत्वपूर्ण लोगों और कंपनियों की पड़ताल की गई है जिनका खुलासा आने वाले दिनों में किया जाएगा. अखबार लिखता है कि पनामा पेपर्स के खुलासे के बाद धनकुबेरों ने अपना धन छिपाने के नए तरीके खोज लिए हैं.

मिसाल के तौर पर क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने पनामा पेपर्स खुलासे के सिर्फ तीन महीने बाद ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड्स में अपनी हिस्सेदारी बेच दी थी. सचिन तेंदुलकर के वकील ने कहा है कि उनका सारा निवेश वैध है.

मंगलवार को छापी खबर में अखबार ने भारतीय सेना के इंटेलिजेंस प्रमुख रहे एक सैन्य अफसर और उनके बेटे द्वारा सेशेल्स में कंपनी बनाने की बात कही है. अखबार के मुताबिक 2016 में पनामा पेपर्स का खुलासा होने के तुरंत बाद लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) राकेश कुमार लूंबा ने अपने बेटे राहुल लूंबा के साथ मिलकर रेअरिंट पार्टनर्स लिमिटेड नाम की एक सेशेल्स इंटरनेशनल बिजनस कंपनी स्थापित कर ली थी.

रिपोर्टः विवेक कुमार (रॉयटर्स)

Source: DW

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+