तेलंगाना सरकार दिसंबर तक संपत्ति बेचकर जुटाएगी 30 हजार करोड़
हैदराबाद, 20 सितंबर। तेलंगाना सरकार कई सारी कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के लिए फंड की कमी से जूझ रही है। ऐसे में सरकार फंड की कमी से उबरने के लिए कई तरह के तरीके अपना रही है। इसी बीच राज्य सरकार ने इस साल के अंत तक महंगी भूमि बेचकर 30,000 करोड़ रुपये जुटाने का फैसला किया है। इस संबंध में जानकारी राज्य सरकार की तरफ से दी गई है।

सोमवार को राज्य सरकार की तरफ से एक हाई लेवल मीटिंग बुलाई गई थी। इस मीटिंग में राज्य के वित्त मंत्री टी हरीश राव और नगर प्रशासन व शहरी विकास मंत्री के टी रामाराव, राज्य के वित्त सचिव रामकृष्ण राव और अन्य शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। बैठक में विस्तार से चर्चा की गई कि बढ़ती वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए मुख्य रूप से दलित बंधु और प्रस्तावित गिरिजाना बंधु व नई आसरा पेंशन योजना को लागू करने के लिए धन कैसे लाया जाए?
बैठक के दौरान कहा गया कि इन योजनाओं को लागू करने के लिए चालू वित्त वर्ष में हर महीने कम से कम 2,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त धन की आवश्यकता होती है। इस दौरान फंड की कमी से ऊबरने के लिए शहर के आजमाबाद औद्योगिक क्षेत्र में जमीन बेचने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। राज्य सरकार का मानना है कि औद्योगिक क्षेत्र में जमीन की कुल कीमत करीब 3000 करोड़ रुपये है। साथ ही बैठक में शहर में राजिग स्वगृह संपत्तियों की बिक्री में तेजी लाने का निर्णय लिया गया। आपको बता दें कि इससे पहले फंड की कमी से उबरने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश के एक हाइवे को निजी हाथों में देने का फैसला किया था।
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