हिमाचल में मतदान शांतिपूर्वक संपन्न, 70 प्रतिशत से अधिक वोटिंग
शिमला। हिमाचल प्रदेश में आज विधानसभा चुनाव 70 प्रतिशत से अधिक मतदान के साथ शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। हलांकि कुछ स्थानों पर ईवीएम में खराबी आने की वजह से मतदान में रुकावट भी आई। लेकिन कुछ देर बाद यहां मतदान शुरू हो गया। हमीरपुर जिला में दो बैलेट यूनिट, एक कंट्रोल यूनिट तथा 12 वीवीपैट की मशीनों में तकनीकी खराबी के चलते मतदान में रुकावट आई लेकिन सभी मतदान केंद्रों पर मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हुई है। धर्मपुर चुनाव क्षेत्र के संधोल में वांह पोलिंग बूथ में किसी भी मतदाता ने मतदान नहीं किया।

18 दिसंबर को मतगणना
अब चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम में कैद हो गया है। अब सभी को 18 दिसंबर का इंतजार करना होगा। उसी दिन प्रदेश में जनगणना होगी व 18 दिसंबर दोपहर बाद तक नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो जायेगा। आज प्रदेश में महज यह भी संयोग ही रहा कि मतदान खत्म होते ही कुछ स्थानों पर बर्फबारी शुरू हो गई। जिससे चुनावी गर्मी के बाद अचानक मौसम ने करवट ली। व ठंड ने जकड़ लिया। प्रदेश में चुनाव के लिए 7521 मतदान केंद्र बनाए गए थे, जहां 50 लाख से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग करना था। स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए 83 मतदान केंद्रों को अतिसंवेदनशील और 39 मतदान केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया।

एक नजर में मतदान
कांगड़ा जिले में सबसे अधिक 297 और किन्नौर जिले में सबसे कम दो मतदान केंद्र अतिसंवदेनशील हैं। चंबा जिले में 601, कांगड़ा जिले में 1559, लाहौल स्पीति जिले में 3, कुल्लू जिले में 520, मंडी जिले में 1092, हमीरपुर जिले में 525, उना जिले में 50, बिलासपुर जिले में 394, सोलन जिले में 538, सिरमोर जिले में 540, शिमला जिले में 1029 और किन्नौर जिले में 125 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। एक प्रत्याशी के निधन के बाद अब चुनाव में 337 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनमें 19 महिलाएं शामिल थीं।

11 हजार 50 वीवीपैट का इस्तेमाल
राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या 50 लाख पच्चीस हजार 941 हैं, जिनमें 25 लाख 68 हजार 761 पुरुष मतदाता और 24 लाख 57 हजार 166 महिला मतदाता एवं 14 किन्नर मतदाता हैं। भाजपा और कांग्रेस ने सभी 68 सीटों पर अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं। बहुजन समाज पार्टी ने 42, माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने 14, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने तीन और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और समाजवादी पार्टी ने दो- दो सीटों पर प्रत्याशी खड़े किए हैं। इसके अलावा 112 निर्दलीय उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। कुछ अन्य पंजीकृत दलों ने 27 उम्मीदवार उतारे हैं। इस चुनाव में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों के साथ 11 हजार 50 वीवीपैट का भी इस्तेमाल हुआ।

सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र सुल्ला
राज्य में सर्वाधिक 12 उम्मीदवार धर्मशाला सीट से अपनी चुनावी किस्मत आजमा रहे हैं जबकि सबसे कम दो उम्मीदवार झंटुता (सुरक्षित) सीट से हैं। मंडी सीट से सर्वाधिक दो महिला उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र लाहुल स्पीति है लेकिन वहां सबसे कम मतदाता हैं जबकि मतदाताओं की दृष्टि से सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र सुल्ला है। केवल झंडुता सुरक्षित सीट पर ही सीधी टक्कर है बाकी सीटों पर त्रिकोणीय और चतुष्कोणीय मुकाबला है। कांग्रेस मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही है। दूसरी तरफ भाजपा ने घोषणा की है कि पार्टी को बहुमत प्राप्त होने पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे।












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