फिल्म पद्मावती पर वीरभद्र सिंह का करणी सेना को समर्थन, नहीं रिलीज होने देंगे हिमाचल में
शिमला। देशभर में हिन्दी फिल्म पद्मावती के हो रहे विरेाध की चिंगारी हिमाचल प्रदेश में भी पहुंच गई है। प्रदेश में भी कई संगठन इसके विरोध में उतर आए हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मैदान में कूदते हुए फिल्म पद्मावती पर रोक का समर्थन किया। वीरभद्र सिंह ने इसका खुलकर विरोध करते हुए कहा कि फिल्म में कई अश्लील दृश्य और डायलॉग हैं और इतिहास को तोड़ा-मरोड़ा गया है। वीरभद्र सिंह ने शशि थरूर के ट्वीट पर स्मृति ईरानी की चुटकी भरे शब्दों पर कहा कि इस पर सियासत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने शशि थरूर के ट्वीट पर कहा कि ब्रिटिशकाल में महाराजाओं ने घुटने टेके होंगे, लेकिन उनके पूर्वज महाराजाओं ने कभी मैदान खाली नहीं किया बल्कि अंग्रेजों का डटकर सामना किया है।

इस बीच प्रदेश में राजपूत समुदाय प्रदेश में इसके रिलीज के खिलाफ खड़ा हो गया है। राजपूत सभा अध्यक्ष व हिमाचल राजपूत कल्याण बोर्ड के सदस्य केएस जम्वाल ने राजस्थान में पद्मावती का विरोध होने पर करणी सेना के विरोध का समर्थन करते हुए कहा कि फिल्म को हिमाचल में रिलीज नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, हिमाचल में राजपूतों का गौरवमयी इतिहास है जिसके साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। केंद्र और हिमाचल सरकार फिल्म के रिलीज पर रोक लगाए अन्यथा इसका विरोध आंदोलन में तब्दील हो जाएगा। राजपूत संगठन ने कहा है कि इस फिल्म में इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। संगठन ने फिल्म से आपत्तिजनक शॉट्स को एडिट करने की मांग की है या फिर फिल्म पर रोक लगा दी जाए।
राजपूत संगठन मीडिया प्रवक्ता नवीन पठानिया ने इतिहास के साथ छेड़छाड़ को गलत करार दिया है। पठानिया ने कहा, फिल्म के ट्रेलर से ही राजपूत गुस्साए हुए हैं। उन्होंने सभी राजपूत संगठनों से इसका विरोध करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि राजपूत पद्मावती का जमकर विरोध करेंगे। इसका हिमाचल में तब तक विरोध होता रहेगा जब तक इसमें बदलाव या रोक नहीं लगाई जाती है।












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