हिमाचल में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, शिमला में चारों तरफ कूड़े का ढेर
शिमला। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वच्छ भारत अभियान को बढ़ावा देने की बात कर रहे हैं। वहीं भाजपा शासित हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को प्रदेश की राजधानी शिमला में सैंकड़ों सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गये। जिससे नगर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है।

शिमला में आज भारी पर्यटन सीजन के चलते गंदगी का आलम बना हुआ है। जिससे पर्यटक व स्थानीय लोग परेशान हैं। मिली जानकारी के मुताबिक शिमला में आज सैंकड़ों घरों में कूढ़ा नहीं उठाया जा सका है। और इस कारण लोगों के घरों के बाहर कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए हैं। दरअसल वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर कर्मचारी नगर निगम प्रशासन से खफा हो गए हैं। हालांकि अभी इस हड़ताल को खत्म करवाने के लिये न तो सरकार न ही प्रशासन की ओर से कोई पहल अभी तक हुई है।
सैहब सोसाइटी शिमला के प्रधान जसवंत सिंह ने कहा है कि निगम उनकी मांगों को नहीं मान रहा है। उन्होंने कहा कि वह तब तक हड़ताल जारी रखेंगे जब तक उनकी मांगों को पूरी तरह से गौर नहीं किया जाता। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बुधवार से वह प्रदर्शन भी करेंगे आज सब अपने घर में आराम कर रहे है। अब लोग घरों में जमा कूड़े को इधर-उधर फेंकेंगे तो इससे पीएम मोदी की स्वच्छ भारत की मुहिम को तगड़ा झटका लगेगा।
बता दें कि शहर में पिछले कई साल से डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन योजना चल रही है और इसके तहत घरों, होटलों और कार्यालयों से सारा कूड़ा एकत्र किया जाता है और इसे एकत्र कर ठोस कूड़ा संयंत्र भेजा जाता है। शिमला में पर्यटक सीजन भी शुरू हो गया है इससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को पेशानी हो रही है। दिलचस्प बात यह है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार है व नगर निगम में भी भाजपा का कब्जा है।












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