खुद को बता रहा था पंजाब के मुख्यमंत्री का सलाहकार, एसपी ने दो मिनट में बता दिया कि तुम फर्जी हो
शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह के सलाहकार व मध्य प्रदेश के एडीजीपी के भाई के तौर पर फर्जीवाड़ा करने वाले शातिर को पुलिस ने दबोचा है। पुलिस अब मामले की छानबीन कर रही है कि कहीं इस शातिर ने प्रदेश में किसी के साथ कोई फर्जीवाड़ा तो नहीं किया। फर्जी सलाहकार को पहचानने में एसपी दिवाकर शर्मा का अहम रोल रहा, उन्होंने अपनी काबिलियत से फर्जी सलाहकार की पोल खोल कर रख दी।

दरअसल प्रदेश में जिला ऊना के पुलिस कप्तान दिवाकर शर्मा के आफिस में एक शख्स एसपी से मिलने के लिए आया तो वहां तैनात स्टाफ ने भी उसका रौब देख तुरंत एसपी से मिलने के लिए उसे अंदर भेज दिया। बताया जा रहा है कि इससे पहले की वह शातिर एसपी को अपना काम बताता, उसका व्यवहार देखकर एसपी साहब को शक हो गया। चूंकि इस शातिर ने एस पी दिवाकर शर्मा को अपने दो पहचान पत्र दिए। जिसमें से एक पर नाम के साथ एडवाइजर टू सी एम लिखा था और उस पर अंडर सेक्रेटरी जरनल सीएम ऑफिस पंजाब की स्टैम्प लगी हुई थी। फोटो के साथ उसका पदनाम एडवाइजर टू सीएम दर्ज था। वहीं दूसरा कार्ड मध्य प्रदेश के भोपाल में ए.डी.जी.पी. पुलिस का दिया गया और एसपी को बताया गया कि वह उसके भाई हैं। एसपी दिवाकर शर्मा को इस पर कुछ संदेह हुआ तो उन्होंने तत्काल सीएम ऑफिस पंजाब से संपर्क किया।
जांच पड़ताल के दौरान सीएम ऑफिस में अधिकृत अधिकारी ने इस प्रकार के किसी भी व्यक्ति के मुख्यमंत्री के सलाहकार होने से इंकार किया। इस पर एस.पी. दिवाकर शर्मा ने डी.एस.पी. हेडक्वार्टर अशोक शर्मा को बुलाया और अपना गलत परिचय करवाने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार करने उससे कड़ी पूछताछ करने की हिदायत दी। डीएसपी अशोक शर्मा ने बताया कि इस मामले में शातिर से पूछताछ की जा रही है और उस पर गलत जानकारी देने के मामले में केस दर्ज किया गया है। डीएसपी के मुताबिक प्रारंभिक पूछताछ में इस संदिग्ध ने बताया कि वह किसी घरेलू मामले को लेकर एसपी से मिलने आया था।
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