प्रियंका के नए बंगले का क्या है वास्तु सच, क्यों होना चाहती हैं दो महीने में शिफ्ट?

कई वास्तु जानकार प्रियंका के इस नए रेजिडेंस को उनके राजनीतिक करियर से जुड़ा गुडविल भी बता रहे हैं...

शिमला। तीन दिनों तक शिमला में बन रहे अपने बंगले के निर्मार्ण कार्य का मुआयना करने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका गांधी वापिस दिल्ली लौटीं। शिमला से सटे छराबड़ा में प्रियंका गांधी का बंगला निर्माणाधीन है। जिसका काम अब अंतिम चरण में है। खराब मौसम के चलते उन्हें यहां एक दिन ज्यादा रुकना पड़ा।

बंगले का वास्तु देगा प्रियंका को राजनीतिक गुडविल!

बंगले का वास्तु देगा प्रियंका को राजनीतिक गुडविल!

प्रियंका गांधी अपने शिमला प्रवास के दौरान इस बार अपने बंगले के निर्माण की प्रगति पर ज्यादा खुश दिखीं। हालांकि इसके निर्माण में अभी तक कई बदलाव हो चुके हैं। यहां तक की वास्तुकार भी बदले जा चुके हैं। लेकिन अब जल्द ही बंगला बनकर तैयार हो जाएगा। खुद प्रियंका गांधी भी चाह रही हैं कि निर्माण कार्य दो महीने में पूरा हो जाए। कई वास्तु जानकार प्रियंका के इस नए रेजिडेंस को उनके राजनीतिक करियर से जुड़ा गुडविल भी बता रहे हैं।

सब कुछ है प्रियंका के पसंद का

सब कुछ है प्रियंका के पसंद का

यही वजह है कि इन दिनों निर्माण कार्य ने तेजी पकड़ी है। प्रियंका के इस दो मंजिला बंगले को पहाड़ी शैली में बनाया गया है। इसकी छत ढलानदार है। बंगले के चारों तरफ सेब, चेरी, आड़ू आदि फलों के पौधे भी रोपे गए हैं। इसके चारों तरफ फूलों के पौधे भी लगाए गए हैं। उन्होंने सौंदर्यीकरण करने के साथ-साथ यहां लाइटों को भी उचित जगहों पर लगवाने के निर्देश दिए हैं। इसके इर्द-गिर्द रोपे गए सेब और अन्य फलों के पौधों का भी उन्होंने निरीक्षण किया। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची और उनके पुत्र मनजीत खाची भी उनके साथ मौजूद रहे। निर्माणाधीन जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी कांग्रेस नेता केहर सिंह खाची के नाम है। बंगले का निर्माण कार्य 2008 में शुरू हुआ था।

चैत्र नवरात्र में करेंगी यहां रहना शुरू

चैत्र नवरात्र में करेंगी यहां रहना शुरू

शिमला के छराबड़ा में निर्माणाधीन प्रियंका गांधी के बंगले में उनकी खासी दिलचस्पी रही है। पिछले साल से वो लगातार शिमला आती रही हैं। शिमला से सटे छराबड़ा में पिछले कई साल से प्रियंका गांधी वाड्रा के बंगले का निर्माण अंतिम चरण में है। पहले ये माना जा रहा था कि प्रियंका इसमें चैत्र नवरात्र में रहना शुरू करेंगी। मगर इसकी मरम्मत पूरी नहीं हो सकी। अब प्रियंका गांधी वाड्रा इस आशियाने में अगले नवरात्रों से रहना शुरू कर सकती हैं। प्रियंका गांधी का ये मकान ठीक राष्ट्रपति निवास रिट्रीट के पास ही बनाया जा रहा है। कुछ साल पहले वास्तु के चलते पसंद नहीं आने पर प्रियंका अपने निर्माणाधीन मकान की दो मंजिलों को गिरा भी चुकी हैं। इस मकान के निर्माण का उन्होंने शुरू से ही बारीकी से खुद मुआयना किया है। कई बार उनकी मां सोनिया गांधी भी उनके साथ यहां आ चुकी हैं।

आखिर प्रियंका को कैसे मिली इजाजत?

आखिर प्रियंका को कैसे मिली इजाजत?

ये निर्माण पिछले साल उस समय सुर्खियों में आ गया था, जब शिमला के एक विधायक भारद्वाज ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह को लिखे पत्र में मांग की थी कि जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रियंका गांधी के भवन निर्माण कार्य की अनुमति को तुरंत रद्द किया जाए और निर्माण कार्य पर भी अविलंब रोक लगाई जाए। विधायक भारद्वाज ने सेवानिवृत्त नेवल अधिकारी कमांडर देविंद्रजीत सिंह का हवाला देते हुए कहा था कि 24 अगस्त 2002 में उन्होंने इस वीवीआईपी क्षेत्र में कॉटेज बनाने के लिए 16 बिस्वा जमीन खरीदी लेकिन उन्हें इस स्थान पर सुरक्षा का हवाला देते हुए निर्माण की इजाजत नहीं दी गई थी। इसके बाद नेवी अफसर देविंद्रजीत सिंह ने इस जमीन को बेच दिया था।

राष्ट्रपति जहां रुकेंगे, पास में ही होगा प्रियंका का घर

राष्ट्रपति जहां रुकेंगे, पास में ही होगा प्रियंका का घर

प्रियंका वाड्रा ने ये प्लॉट 2007 में खरीदा था। बीजेपी विधायक ने सवाल किया कि इस अति महत्वपूर्ण रिट्रीट के संवेदनशील क्षेत्र में निर्माण पर जब पाबंदी है तो रिट्रीट से महज 100 मीटर दूर और कल्याणी हेलीपैड से महज 200 मीटर दूरी होने के बावजूद प्रियंका वाड्रा को किस आधार पर यहां भवन निर्माण की अनुमति दी गई है? उन्होंने अपने पत्र में ये भी लिखा कि प्रियंका को 4 हजार वर्ग मीटर जगह खरीदने की अनुमति उन्हें एसपीजी स्टेटस के चलते दी गई है।

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