हिमाचल विधानसभा परिसर में खालिस्तानी झंडा लगाने के मामले में पंजाब से एक गिरफ्तार
शिमला, 11 मई। हिमाचल प्रदेश पुलिस को धर्मशाला के पास तपोवन विधानसभा परिसर में खालिस्तानी झंडा लगाने के मामले में बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को पंजाब के रोपड़ जिले से गिरफ्तार किया है। उसे पूछताछ के लिये हिमाचल लाया जा रहा है। अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिये लगातार छापेमारी हो रही है।
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प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने इसे पुलिस की बड़ी कामयाबी बताते हुये जांच के लिये गठित एसआईटी टीम की पीठ थपथपाई है। इस मामले की जांच करने के लिए गठित की गई विशेष जांच टीम ने पंजाब में छापे मारे थे, जहां रोपड़ जिले के मोरिंडा से हरबीर सिंह नाम का एक युवक गिरफ्तार हुआ है, वहीं एक युवक यहां से फरार होने में सफल रहा। बताया जा रहा है कि यह लोग धर्मशाला में एक होम स्टे होटल में रूके थे। जहां से स्कूटर से तपोवन विधानसभा पहुंचे। और वहां उन्होंने वाल राइटिंग की व खालिस्तान के झंडे लगाये। एसआईटी को कॉल डिटेल के आधार पर मामले को सुलझाने में कामयाबी मिली।

बता दें कि 8 मई की सुबह हिमाचल प्रदेश के विधानसभा परिसर से कुछ तस्वीरें सामने आई थीं, जिसमें देखा जा सकता था कि बिल्डिंग के मेन गेट पर जहां खालिस्तानी झंडे बंधे हुए थे, वहीं, बाहर की ओर से दीवारों पर नारे लिखे हुए थे। इस घटना से हड़कंप मच गया था। झंडों को हटाकर दीवारों पर तुरंत पुताई कराई गई थी। वहीं, प्रारंभिक जांच के बाद मामले में तुरंत एसआईटी की जांच बिठाने की घोषणा की गई थी।
खुफिया अलर्ट से जानकारी मिली थी कि ऐसी कोई घटना हो सकती है। 26 अप्रैल को जारी एक खुफिया अलर्ट में दावा किया गया था कि सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख गुरुपतवंत सिंह पन्नू ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र जारी कर कहा था कि शिमला में भिंडरावाला और खालिस्तान का झंडा फहराया जाएगा। इसके बाद पुलिस ने रविवार को ही गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) समेत अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया था।
इस बीच , हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के सदस्य गुरपतवंत सिंह पन्नुन द्वारा राज्य को धमकियों पर चिंता व्यक्त करते मांग की कि खालिस्तान समर्थक समूह के सदस्य को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि विदेश में रह रहा चरमपंथी देश और पर्वतीय राज्य को खुली धमकी दे रहा है, लेकिन सरकार कुछ भी नहीं कर रही है जो बेहद शर्मनाक है।
मंडी से सांसद सिंह ने कहा कि पन्नु जहां भी हो, सरकार को उसे तुरंत गिरफ्तार करना चाहिए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पन्नु ने पहले भी राज्य सरकार को धमकी दी थी, लेकिन उस समय भी उसने कुछ नहीं किया था। आप को फंड पर सवाल उठाते हुए सिंह ने कहा कि आप को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसे फंड कहां से मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हो सकता है कि पन्नु ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी की फंडिंग में अहम भूमिका निभायी हो।
इससे पहले, प्रतिबंधित अलगाववादी समूह एसएफजे सदस्य पन्नु ने एक ऑडियो संदेश जारी करके हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से कहा था कि उन्हें पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से सीख लेनी चाहिए और एसएफजे से संघर्ष शुरू नहीं करना चाहिए। राज्य के कुछ मीडियाकर्मियों को भेजे गए ऑडियो संदेश में एसएफजे सदस्य गुरपतवंत सिंह पन्नु ने ठाकुर को धमकी दी कि यदि उन्होंने धर्मशाला में खालिस्तानी झंडे लगाने के विरुद्ध कार्रवाई की तो हिंसा होगी। मोहाली में सोमवार को पंजाब पुलिस के खुफिया विभाग मुख्यालय पर आरपीजी से हुए हमले का हवाला देते हुए पन्नु ने कहा कि ऐसा शिमला में भी हो सकता था।












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