अगर सेना में भर्ती होना चाहते हैं तो जरूर पढ़ें ये खबर
अगर आप भारतीय सेना में भर्ती होने का मंसूबा मन में पाले हैं तो जरा संभल जाएं क्योंकि भारतीय सेना अब अपने भर्ती नियमों में बदलाव करने जा रही है।
शिमला। अगर आप भारतीय सेना में भर्ती होने का मंसूबा मन में पाले हैं तो जरा संभल जाएं क्योंकि भारतीय सेना अब अपने भर्ती नियमों में बदलाव करने जा रही है। इसकी शुरूआत पायलट आधार पर हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से इसी माह होने जा रही है।

क्या है नया नियम
सेना ने भर्ती नियमों में आए बदलाव के तहत अब सबसे पहले ग्राउंड टेस्ट नहीं लिया जाएगा बल्कि भर्ती होने वाले युवाओं को पहले एक परीक्षा देनी होगी। यह ऑनलाइन लिखित परीक्षा होगी। इससे पहले लिखित परीक्षा, शारीरिक और मेडिकल परीक्षा के बाद ली जाती थी और यह ऑफलाइन होता था। लेकिन, अब अभ्यर्थियों को शारीरिक व मेडिकल परीक्षा से पहले ऑनलाइन लिखित परीक्षा से गुजरना होगा। इसमें पास होने वाले युवा ही आगे बढ़ पाएंगे। इसके अलावा भर्ती रजिस्ट्रेशन के दौरान अभ्यर्थी के आधार कार्ड को लिंक किया जाएगा। इससे कोई भी अभ्यर्थी एक भर्ती रैली में दो बार रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाएगा।

फर्जीवाड़े को रोकने के लिए उठाया गया कदम
भारतीय सेना में भर्ती के नियमों में हुए बदलावों को सेना, हिमाचल में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करेगी। बताया जा रहा है कि फर्जीवाड़े व दलालों की संभावनाओं को शून्य करने के लिए सेना ने यह कदम उठाए हैं। इसके अलावा हजारो युवाओं की भीड़ से भर्ती प्रक्रिया में पेश आ रही परेशानी को भी सरल करने के लिए ऐसे कदम उठाए गए हैं। ऑनलाइन आवेदन के बाद युवाओं को लिखित परीक्षा के लिए सेना की ओर से लैटर भेजे जाएंगे। लिखित परीक्षा पास होने वाले युवक ही दौड़ में भाग ले सकेंगे।

जल्द ही पूरे देश में लागू होगी यह व्यवस्था
उत्तरी भारत सेना भर्ती इंचार्ज बिग्रेडियर तुषार मिश्रा ने बताया कि सेना में भर्ती होने के लिए अब युवाओं को पहले ऑनलाइन टेस्ट देना होगा। ऑनलाइन टेस्ट पास करने के बाद ही युवा दौड़ में भाग ले सकेंगे। टेस्ट पास न करने पर युवा सेना में भर्ती नहीं हो सकेंगे। भारतीय सेना इसके लिए भर्ती नियमों में फेरबदल किया है। अब होने वाली सेना भर्ती रैलियों में इसी अनुरूप युवाओं की भर्तियां होंगी। सेना द्वारा शुरू की जाने वाली इस कवायद में युवा पहले रजिस्ट्रेशन करवाएंगे। उसके उपरांत सेना की ओर से अभ्यर्थियों को ई-मेल और मीडिया के माध्यम से ऑनलाइन टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा। ऑनलाइन टेस्ट के लिए सेना की ओर से विशेष व्यवस्था की जाएगी। इसमें अभ्यर्थी कम्प्यूटर पर प्रश्नों को हल कर परीक्षा देंगे। इसके उपरांत जो युवा पास होंगे, उन्हें ग्राउंड परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। करीब एक महीने तक चलने वाली इस प्रक्रिया में प्रत्येक दिन 300 युवाओं की दौड़ होगी। दौड़ में पास होने वाले युवाओं को अगले दौर में प्रवेश मिलेगा और मेडिकल हो जाने के बाद सीधी भर्ती होगी, जबकि अभी तक सेना भर्ती रैलियों में पहले ग्राउंड परीक्षा होती है। उसके उपरांत लिखित परीक्षा होती है।

सेना में भर्ती होने का मौका न चूकें
वर्तमान नियमों के अनुसार भर्ती में बढ़ते भीड़-भड़ाके और बेहतर युवाओं द्वारा भीड़ में ही दबे रहने पर सेना ने यह फैसला लिया है। ऐसे में जितने कम युवाओं की ग्राउंड परीक्षा होगी, उतना ही उम्दा प्रदर्शन अभ्यर्थियों द्वारा किया जाएगा। इसलिए आने वाले समय में सेना भर्ती नियमों में फेरबदल कर नए नियमों के अनुरूप भर्ती रैली करेगी। उत्तरी भारत सेना भर्ती इंचार्ज बिग्रेडियर तुषार मिश्रा और भर्ती निदेशक मंडी कर्नल अमरजीत वासदेव ने कहा कि अगले साल भर्ती नियमों में फेरबदल हो रहा है, जिसमें पहले लिखित परीक्षा होगी, उसके उपरांत ही ग्राउंड परीक्षा होगी। इसके लिए सेना ने कवायद शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि युवा भी सेना के भर्ती रैली के नए नियमों के अनुसार अपने आप को तैयार करें, ताकि उनके हाथ से सेना में भर्ती होने का मौका न चूके।
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