कसौली: डीएसपी की बात मानी होती तो बच जाती शैल बाला की जान, सैकड़ों लोगों ने दी अंतिम विदाई

शिमला। हिमाचल प्रदेश के कसौली में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद चलाये गये अवैध कब्जा हटाओ अभियान के दौरान एक होटल कारोबारी की गोली की शिकार हुई नगर नियोजन विभाग में तैनात सहायक परियोजना अधिकारी शैल बाला (51) का बुधवार देर शाम उनके पैतृक गांव बारी में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनकी शव यात्रा में सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण शामिल हुये।

शैल बाला का शव पहुंचा गांव

शैल बाला का शव पहुंचा गांव

खराब मौसम के चलते शैल बाला की पार्थिव देह का यहां पहुंचने का इंतजार करते रहे। उनके गांव में मातम पसरा है। लोग अपनी बेटी के खोने से गमजदा हैं। आईजीएमसी शिमला से पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब 6 बजे शैल बाला की पार्थिव देह घर पहुंची तथा उसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। शैल बाला के बेटे पीयूष ने शैल बाला की देह को मुखाग्रि दी। शैल बाला की अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग नम आंखों के साथ शरीक हुए।

लोगों ने दी अंतिम विदाई

लोगों ने दी अंतिम विदाई

सरकाघाट उपमंडल के बारी गांव की बहू शैल बाला का शव बुधवार शाम को जैसे ही घर पहुंचा तो एकाएक गांव चीख-पुकार से गूंज उठा। बिलासपुर के डी.सी. ऋगवेद ठाकुर भी महिला अधिकारी के अंतिम संस्कार में पहुंचे हुए थे। 51 वर्षीय इस महिला अधिकारी का ससुराल उपमंडल सकाघाट की बलद्वाड़ा तहसील की नरोला पंचायत के बारी गांव और मायका बिलासपुर जिला में है। शैल बाला का सिर्फ एक बेटा पीयूष शर्मा है, जिसने इसी वर्ष आई.जी.एम.सी. शिमला से एम.बी.बी.एस. की डिग्री हासिल की है। अधिकारी दंपति का एक मकान कंडाघाट में भी है, जहां से उक्त महिला अधिकारी प्रतिदिन अपने कार्यालय को आती-जाती थीं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराने में गई जान

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराने में गई जान

शैल बाला के ससुर स्व. ब्रह्मदास गरीब परिवार से संबंध रखते थे और खेतीबाड़ी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। शैल बाला के जेठ शाली गांव सोलन में दुकान चलाते हैं। मृतक शैल बाला ने सोलन में अपना घर बनाया है। यहां उनके पति एक विभाग में अधिकारी हैं। शैल बाला की नियुक्ति बीबीएनडीए (बद्दी बरोटीवाला नालागढ़ विकास प्राधिकरण) में तैनात थीं और करीब डेढ़ वर्ष पहले ही वह टीसीपी विभाग में डेपुटेशन पर आई थीं। वह कसौली में असिस्टेंट टाउन प्लानर के पद पर सेवाएं दे रही थीं और चार टीमों में से गठित एक टीम की समन्वयक थीं।

बता दें कि बीत मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार कसौली में अवैध कब्जे हटाने पहुंचीं सहायक परियोजना अधिकारी शैल बाला को होटल व्यवसाई ने गोली मारी दी थी जिस कारण उनकी मौत हो गई थी। इससे पहले पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच शैल बाला के शव का पोस्टमार्टम शिमला के आईजीएमसी में करवाया । शव को पुलिस बुधवार को कसौली से शिमला लाई, जहां दो घंटे तक पोस्टमार्टम चला। पोस्टमार्टम के बाद शव को पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया। फिलहाल पोस्टमार्टम की रिपोर्ट नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने में थोड़ा समय लगता है। हालांकि पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम सोलन में नहीं करवाया है। कड़ी सुरक्षा के बीच शव को शिमला लाया गया था।

डीएसपी की बात मानी होती तो बच जाती शैल बाला की जान

डीएसपी की बात मानी होती तो बच जाती शैल बाला की जान

कसौली गोलीकांड के आरोपी होटल मालिक को सरकार ने सस्पेंड कर दिया है लेकिन अभी उसे पकड़ पाने में नाकाम रही है। जिससे पुलिस की कार्यशैली भी विवादों में है। आरोप लगाया जा रहा है कि पुलिस के ही रवैये की वजह से महिला अधिकारी शैल बाला की कसौली में गोली लगने से मौत हुई है। इस महिला अफसर की जान बच सकती थी अगर पुलिस प्रशासन समय पर सजग हो जाता। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

बताया जा रहा है कि आरोपी के बर्ताव को देखते हुये डीएसपी परवाणु ने घटना से पहले ही आरोपी की गिरफ्तारी आदेश दिए थे लेकिन उसे गिरफ्तार न करना भारी पड़ गया। दरअसल, अवैध निर्माण गिराने से पहले आरोपी होटल मालिक ने सुसाइड करने की धमकी दी थी। इस पर डीएसपी आरोपी को गिरफ्तार करने के आदेश दिए थे, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया। वहीं, घटना को अंजाम देने के बाद 12 घंटे बाद भी आरोपी होटल मालिक फरार चल रहा है। पुलिस अब भी उसे ढूंढने में नाकाम रही है। आरोपी की सूचना देने को लेकर पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम भी दिया है।

बताया जा रहा है कि मंगलवार को अवैध कब्जे हटाते समय जब नारायणी गेस्ट हाउस का मालिक विजय प्रशासनिक अमले का विरोध कर रहा था तो उसने वहां पहुंचे अधिकारियों के सामने पहले आत्महत्या की धमकी भी दी थी। इस पर डीएसपी रमेश शर्मा ने उसे गिरफ्तार करने के आदेश भी दिए थे। इस पर उसे दो पुलिस कर्मियों और एसएचओ ने हिरासत में भी लिया था। लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया गया। अगर उसे उसी वक्त गिरफ्तार कर लिया जाता तो शायद इस घटना से बचा जा सकता था। पुलिस कर्मियों ने भी अंदाजा नहीं लगाया होगा कि उनकी छोटी से लापरवाही इतने बड़े घटनाक्रम को अंजाम देगी।

ये है मामला

ये है मामला

बता दें कि घटना के दौरान 50 पुलिस कर्मी मौके पर मौजूद थे। पुलिस प्रशासन और भारी सुरक्षा कर्मियों के बीच होटल व्यवसायी महिला अफसर को गोली मारकर वहां से फरार हो गया। कहीं ना कहीं पुलिस की यह कार्यप्रणाली सुरक्षा पर सवालियां निशान खड़ा करती है। फिलहाल, पुलिस की चार टुकडिय़ां आरोपी की खोज कर रही है। इस बीच कसौली हत्याकांड का आरोपी बिजली विभाग में कार्यरत है। फिलहाल, विभाग ने आरोपी को सस्पेंड कर दिया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी पीएस टू डायरेक्टर सिविल के पद पर तैनात था। राज्य बिजली बोर्ड के एमडी जेपी काल्टा ने आरोप को सस्पेंड करने की पुष्टि है।

एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट ने कसौली के 13 होटलों सके अवैध निर्माण गिराने के आदेश दिए थे. दो मई इसे लेकर डेडलाइन थी. इसके मद्देनजर मंगलवार सुबह 38 सदस्यीय चार टीमें अवैध निर्माण गिराने कसौली पहुंची थी. कुछ होटलों पर कार्रवाई करने के बाद अस्सिटेंट टाउन कंट्री प्लानिंग, शैलबाला के नेतृत्व में प्रशासन की टीम दोपहर ढाई बजे मंढोधार में नारायणी गेस्ट हाउस पहुंची. इस दौरान होटल संचालक विजय ठाकुर ने हंगामा शुरू कर दिया और उसने महिला अधिकारी से बहस करने के बाद विजय ने आपा खोया और लाइसेंसी रिवॉल्वर से तीन गोलियां दाग दीं. एक गोली महिला अधिकारी के सिर पर लगी और दूसरी छाती पर और वह मौके पर ही ढेर हो गई. इसके अलावा, घटना में पीडब्ल्यूडी विभाग के एक कर्मी भी घायल हो गया. जिसे पीजीआई चंडीगढ़ रैफर किया गया है. पुलिस ने इस संबंध में चार टीमें गठित की हैं और आरोपी की तलाश की जा रही है।

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