हिमाचल प्रदेश चुनाव 2017: सीट नंबर 18 धर्मशाला (अनारक्षित) विधानसभा क्षेत्र के बारे में जानिये
शिमला। धर्मशाला विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सीट नंबर 18 है। कांगड़ा जिला में स्थित यह निर्वाचन क्षेत्र अनारक्षित है। 2012 में इस क्षेत्र में कुल 64,598 मतदाता थे। 2012 के विधानसभा चुनाव में सुधीर शर्मा इस क्षेत्र के विधायक चुने गए। धर्मशाला अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, वर्ष 1960 से, जब से दलाई लामा ने अपना अस्थायी मुख्यालय यहां बनाया, धर्मशाला की अंतरराष्ट्रीय ख्याति भारत के छोटे ल्हासा के रूप में बढ़ गई है। भारत के ब्रिटिश वाइसराय लॉड एल्गिन को धर्मशाला की प्राकृतिक सुंदरता इंग्लैंड में स्थित उनके अपने घर स्कॉटलैंड के समान लगती थी। यहां 1905 में एक विनाशकारी भूकंप आया था जिसके बाद इसका पुन: निर्माण किया गया और यह स्थान एक सुंदर हेल्थ रिसॉर्ट और पर्यटन का महत्वपूर्ण आकर्षण बन गया।


लामाओं की भूमि
मैक्लोडगंज और फरसेटगंज जैसे क्षेत्र ब्रिटिश उपनगरों को प्रदर्शित करते हैं । धर्मशाला तीन ओर से धौलाधार श्रेणियों द्वारा घिरा हुआ है। धर्मशाला में स्थित कांगड़ा कला संग्रहालय में 5 वीं शताब्दी की बहुमूल्य कलाकृतियां और मूर्तियाँ , पेंटिंग, सिक्के, बर्तन, आभूषण, मूर्तियां, पांडुलिपियाँ और शाही वस्त्र यहाँ देखे जा सकते हैं। धर्मशाला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता प्राप्त है और इसे ‘भारत का छोटा ल्हासा' का शीर्षक भी प्राप्त है। परमपावन दलाई लामा ने वर्ष 1960 में निर्वासन के समय इस खूबसूरत जगह को अपना अस्थायी निवास बनाया। विशाल तिब्बती बस्तियों के कारण इस जगह को अब ‘लामाओं की भूमि के रूप में जाना जाता है।
इस क्षेत्र में मैक्लोडगंज एक प्रमुख धार्मिक केंद्र बन गया है जहाँ तिब्बती बौद्ध धर्म की शिक्षा और धर्म को बढ़ावा दिया जाता है। धर्मशाला में हिंदू और जैन मंदिरों के साथ साथ अनेक मठ और शिक्षण केंद्र हैं। धर्मशाला के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों के अंतर्गत काँगड़ा आर्ट म्यूजिय़म(कला संग्रहालय), सेंट जॉन चर्च और वॉर मेमोरियल (युद्ध स्मारक) शामिल हैं। जो अनेक पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इसके अतिरिक्त चाय बागान, चीड के जंगल और देवदार के पेड़ इस स्थान के आकर्षण को बढाते हैं।
धर्मशाला का अंतरराष्टरीय क्रिकेट स्टेडियम नगर की शान है। अब इसे स्मार्ट सिटी भी घोषित किया जा चुका है। वहीं प्रदेश की दूसरी राजधानी भी बनाया गया है। सर्दियों में यहां सरकार काम करती है। राजनैतिक तौर पर देखा जाये तो धर्मशाला में आपको तिब्बती ,गोरखा मतदाता भी मिल जायेंगे, तो गद्दी मतदाता भी यहां हैं। बहुमत में मतदाता नौकरी पेशा व बाहरी ही हैं। जिससे यहां जातिगत समीकरण चुनावों में प्रभावी नहीं होते रहे हैं।

धर्मशाला विधानसभा चुनाव क्षेत्र से अभी तक चुने गये विधायक
वर्ष चुने गये विधायक पार्टी संबद्धता
2012 सुधीर शर्मा कांग्रेस
2007 किशन कपूर भाजपा
2003 चंद्रेश कुमारी कांग्रेस
1998 किशन चंद कपूर भाजपा
1993 किशन कपूर भाजपा
1990 किशन चंद भाजपा
1985 मूल राज पाधा कांग्रेस
1982 बृज लाल भाजपा
1977 बृज लाल जनता पार्टी

पंडित संत राम की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं,विधायक सुधीर शर्मा
सुधीर शर्मा मूल रूप से बैजनाथ के बाशिन्दे हैं। उनके पिता पंडित संत राम कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेताओं में रहे हैं। कांग्रेस सरकारों में मंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्श्क्ष भी रहे। पिछले चुनावों के दौरान डिलिमिटेशन की जद्द में बैजनाथ आ गया व बैजनाथ हल्का रिजर्व हो गया तो पार्टी ने सुधीर शर्मा को धर्मशाला से प्रत्याशी बनाया। बाहरी होते हुये भी सुधीर पहला चुनाव आसानी से जीत गये। पपरोला में जन्मे 45 वर्षीय सुधीर की एक बेटी है। सुधीर पहली बार बैजनाथ से 2003 में विधायक चुने गये। व दोबारा 2007 में दोबारा विधायक बने। डिलिमिटेशन के बाद उन्होंने हल्का बदला व 2012 में धर्मशाला से चुनाव लड़ा। व प्रदेश सरकार में शहरी विकास मंत्री बने।












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