Himachal Pradesh Election 2017: सत्ता के ठोस सबूतों से पहचानिए किसकी होगी जीत, कौन कहलाएगा राजा?
इसी के साथ स्पष्ट हो जायेगा कि भाजपा नेता धूमल तीसरी बार प्रदेश की बागडोर संभालेंगे या फिर वीरभद्र सिंह के हाथों में सातवीं बार प्रदेश की बागडोर होगी।
शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजों की घड़ी अब आ गई है। देश भर के लोगों की नजरें मतगणनार केन्द्रों की ओर हैं। आठ बजे 48 मतगणना केन्द्रों में मतगणना शुरू होगी, तो दास बजे तक सरकार के गठन के रूझान सामने आ जायेंगे। मतगणना पहले 61 हजार 915 पोस्टल बैलेट से शुरू होगी। इसके साथ ही हर विधानसभा क्षेत्र में वीवीपैट पर्चियों की गिनती के साथ मतगणना का काम संपन्न होगा। इस तरह से दोपहर एक बजे तक नई बनने वाली सरकार की तस्वीर साफ होगी। इसी के साथ स्पष्ट हो जायेगा कि भाजपा नेता धूमल तीसरी बार प्रदेश की बागडोर संभालेंगे या फिर वीरभद्र सिंह के हाथों में सातवीं बार प्रदेश की बागडोर होगी।

आज धूमल शिमला में नहीं बल्कि हमीरपुर जिला में अपने पैतृक गांव समीरपुर में चुनाव तनीजों का आकलन करेंगे, तो वीरभद्र सिंह शिमला में अपने आवास हालीलाज में हैं। प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह इस बार जिला सोलन के अर्की विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में हैं। पिछली बार यानि 2012 में उन्होंने शिमला (ग्रामीण) से चुनाव लड़ा था। इस बार शिमला ग्रामीण सीट उन्होंने अपने पुत्र विक्रमादित्य सिंह के लिए छोड़ दी और खुद अर्की से चुनाव लड़ा।
प्रदेश की 13वीं विधानसभा के नतीजे आज सामने आने वाले हैं। यहां 68 सीटों के लिए मतदान हुए थे। एग्जिट पोल के नतीजों में बीजेपी को बढ़त दिखाई गई थी। मतगणना शुरू होने वाली है। एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी की सरकार बन रही है। लेकिन मतगणना से पहले बीजेपी और कांग्रेस अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने एग्जिट पोल के नतीजों को नकारते हुए कहा एक रोज पहले कहा था कि वो राज्य के लोगों के मूड को भली तरह भांप सकते हैं और वास्तविक परिणाम एग्जिट पोल से उलट होंगे। दूसरी तरफ बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा था कि बीजेपी को एग्जिट पोल से भी ज्यादा सीटें मिलेंगी।

प्रदेश के चुनाव नतीजे आने से पहले एग्जिट पोल में जो तस्वीर सामने आई है ,उसमें साफ है कि प्रदेश में अगली सरकार भाजपा की होगी। एग्जिट पोल पर नजर दौड़ायें तो, इंडिया टुडे-एक्सिस की तरफ से बीजेपी को 47 से 55 सीट मिलने की बात कही गई थी। कांग्रेस के लिए 13 से 20 सीट थीं। रिपब्लिक सी वोटर्स ने बीजेपी को 41 और कांग्रेस को 25 सीटें मिलने का अनुमान लगाया था। टाइम्स नाउ वीएमआर ने तो बीजेपी का अर्ध शतक बनवा दिया, बीजेपी को 51 और कांग्रेस को 16 सीटें। सहारा समय के मुताबिक बीजेपी को 42 से 52 और कांग्रेस को 18 से 24 सीटों का अनुमान लगाया गया था। न्यूज 24-टुडेज चाणक्य ने 55 और 13 सीटों की भविष्यवाणी की थी। जाहिर है, 55 बीजेपी के लिए। एबीपी न्यूज ने बीजेपी को 35 से 41 और कांग्रेस को 26 से 32 सीट मिलने की संभावना जताई थी। न्यूज नेशन के मुताबिक बीजेपी 43 से 47 और कांग्रेस 19 से 23 सीट जीत सकती है।

नौ नवंबर को हिमाचल प्रदेश विधानसभा में चुनाव हुए थे। एक महीने से ज्यादा वक्त हो गया है। 68 सीटों के लिए राज्यभर में करीब 74 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। 68 सदस्यीय हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए मैदान में उतरे 337 उम्मीदवारों में 60 निवर्तमान विधायक शामिल हैं। मतदान के लिए राज्य में 7525 मतदान बूथ की स्थापना की गई थी और चुनाव ड्यूटी में 37605 कर्मियों की तैनाती की गई। राज्य में मतदाताओं की संख्या 50,25,941 है।
हिमाचल प्रदेश के इस चुनाव की और भी कई विशेषता हैं। राज्य की छह सीटों पर महिला मतदाता ही निर्णायक हैं। महिला मतदाताओं की संख्या यूं तो कुल 24.5 लाख है मगर जुब्बल कोटखाई, नादौन, बदसर, सुजानपुर, हमीरपुर और लाहौल स्पिति में महिला मतदाताओं की तादाद पुरुषों से अधिक हैं। वैसे राज्य के कुल 49,88,367 वोटरों में महिलाओं के मुकाबले पुरुष वोटरों की तादाद बस 75,000 ही अधिक है।
भारतीय जनता पार्टी विधान सभा की सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि कांग्रेस पार्टी भी 68 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। बहुजन समाज पार्टी 42 सीटों पर, सीपीएम 14 सीटों पर एनसीपी 2, सीपीआई 3, एसपी 2 और 112 निर्दलीय इन चुनावों में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। कांगड़ा जिले के धर्मशाला में कड़ा मुकाबला है। यहां सबसे अधिक 12 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं.। क्षेत्रफल के अनुसार सबसे बड़ा चुनाव क्षेत्र लाहौल-स्पीति है, जहां सबसे कम मतदाता हैं।
प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सोलन जिला के अर्की से चुनाव लड़ रहे हैं। इससे पूर्व वर्ष 2012 में उन्होंने शिमला (ग्रामीण) से चुनाव लड़ा था। इस बार यह सीट उन्होंने अपने पुत्र विक्रमादित्य सिंह के लिए छोड़ दी और खुद अर्की से चुनाव लड़ा. अर्की में उनका मुकाबला बीजेपी के नए उम्मीदवार रतन सिंह पाल से हो रहा है। बीजेपी ने यहां पुराने प्रत्याशी गोबिंदराम शर्मा को इस बार टिकट नहीं दिया। अर्की में 84,560 मतदाता हैं जिनमे से 63107 मतदाताओं ने मतदान में भाग लिया। पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं ने अधिक मतदान किया। महिलाओं का मतदान प्रतिशत 76.8 रहा जबकि पुरुषों की मतदान प्रतिशतता 72.5 प्रतिशत रही।
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल जिला हमीरपुर के सुजानपुर से चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस के राजेंद्र राणा जो कभी उनके करीबी थे उनके विरुद्ध चुनाव लड़ रहे हैं। इस विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाता 67065 थे, जिनमें से 49674 मतदाताओं (80. 603 प्रतिशत) ने अपने मत का प्रयोग किया। प्रदेश में कांग्रेस और बीजेपी के बागी उम्मीदवारों दोनों ही दलों की स्थिति शंका जनक बना दी है।












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