Honeymoon के लिए हिमाचल के ये इलाके न बन जाएं फाइनल डेस्टिनेशन, जानें से पहले 100 बार सोचें
Himachal Pradesh Danger Zones: हिमाचल प्रदेश इन दिनों डेंजर जोर बनता नजर आ रहा है। मानसून का कहर और भूकंप ने फेवरेट हनीमून हिल स्टेशन डेस्टिनेशन को फाइनल डेस्टिनेशन बना दिया है। यहां कई लोग मौसम की चपेट में लापता हैं।
Himachal Pradesh Danger Zones: शादी होते ही हनीमून मनाने कपल्स हिल स्टेशन की ओर निकल पड़ते हैं। हिमाचल स्थित शिमला, मनाली, डलहौजी, कसौली, कुल्लू, चम्बा, किन्नौर, सोलन, स्पीति घाटी हनीमून कपल्स के लिए पसंदीदा डेस्टिनेशन में से एक है। अभी हाल ही में बॉलीवुड एक्टर सनी देओल के बेटे करण देओल भी हनीमून के लिए सबसे पहले मनाली पहुंचे। फिर केनिया रवाना हो गए। लेकिन, इन दिनों राज्य के इन इलाकों के ऊपर 'मौत' मंडरा रही है।
हनीमून कपल्स व पयर्टकों के लिए यह डेस्टिनेशन पलक झपकते ही जिंदगी का फाइनल डेस्टिनेशन कब बन जाए कोई नहीं जानता। दरअसल, मानसून की मूसलाधार बारिश और भूकंप से यह इलाके डेंजर जोन बनते जा रहे हैं। जगह-जगह जलभराव, भूस्खलन तो कहीं उफनाती नदियां। तहस-नहस होते हाईवे और ढहती इमारतों के कई वीडियो सामने आ चुके हैं। मानसून के कारण होने वाली घटनाओं में अब तक 72 लोगों की मौत हो चुकी है। आइए 11 पाइंट्स में जानें कैसे बन रहा फाइनल डेस्टिनेशन?

- सोलन जिले में जल प्रलय से छह भवन ढह गए। वहीं, आधा दर्जन से अधिक खतरे की जद में है।
- कुल्लू और मनाली में 2,577 ट्रांसफार्मर बंद होने के कारण कई इलाकों में बिजली गुल है।
- कुल्लू और मनाली के टूर पर 6 जुलाई को निकले दो कपल समेत कुल 7 लोग लापता हैं।
- लाहौल के चंद्रताल और पागल नाला व मंडी के विभिन्न हिस्सों में अब भी करीब 800 लोग फंसे हुए हैं।
- चंद्रताल में शिविरों में बारिश और हिमपात से 14,100 फुट की ऊंचाई पर स्थित करीब 300 लोग फंसे हैं।
- शिमला-किन्नौर मार्ग से गुजर रहा कार सवार परिवार सतलुज नदी में समा गया। सभी लापता हैं।
- ब्यास नदी से 9 शव बरामद हुए हैं। सेऊबाग में चार, भुंतर और जिया में दो-दो और टलोगी से एक।
- मनाली, मणिकर्ण और बंजार घाटी में 17,000 पर्यटक अभी भी फंसे हैं।
- चंडीगढ़-मनाली और शिमला-कालका नेशनल हाईवे भूस्खलन, सड़कों के धंसने और बाढ़ के कारण बंद हैं।
- 1,416 मार्गों पर बस सेवाएं बंद हैं, जबकि 679 बसों को रास्ते में रोका गया है।
- शिमला-कालका और मनाली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 1,239 सड़कें अवरुद्ध हैं।
मानसून के कहर के बीच भूकंप के झटके
प्रदेश के किन्नौर जिले में इस बार 500 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। मानसून के कहर के बीच भूकंप के झटकों ने किन्नौर को ताबाही की कगार पर ला दिया है। पांच दिन पहले यानी 7 जुलाई की सुबह किन्नौर सहित कई अन्य क्षेत्रों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। तीव्रता रिकटर पैमाने पर 3.2 दर्ज की गई। बारिश, भूस्खलन और भूकंप ताबाही का पूरा जलजला जिले में देखने को मिल रहा है।
96 घंटों में मानसून सीजन की 30 फीसदी बारिश
वहीं, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के आंकडों के मुताबिक, राज्य में 1971-2020 के दौरान मानसून सीजन (जून से सितंबर) में 734.4 मिलीमीटर बारिश हुई थी। लेकिन, इस साल जुलाई के 4 दिन(96 घंटों) यानी 7 से 11 जुलाई तक 223 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
कहां कितनी हुई बारिश
- नाहन - 250 मिमी
- धौलाकुआं - 138.5 मिमी
- जुब्बरहट्टी - 90 मिमी
- कुफरी - 67 मिमी
- नारकंडा - 65 मिमी
- शिमला- 64 मिमी
- मशोबरा - 60.5 मिमी
- कल्पा - 48 मिमी
- रिकांग पिओ - 42 मिमी
- मंडी - 46 मिमी
- सुंदरनगर - 45 मिमी
क्या है अधिकतम तापमान?
- शिमला-22.2
- सुंदरनगर- 32.3
- भुंतर-32.5
- कल्पा-15.0
- धर्मशाला-28.0
- ऊना-32.4
- नाहन-26.1
- केलांग-20.5
- सोलन-28.0
- मनाली-25.1
- कांगड़ा-32.7
- मंडी-32.2
- बिलासपुर-31.0
- हमीरपुर-30.2
- चंबा-33.5
- डलहौजी-23.4
- कुफरी-17.8
- रिकांगपिओ-16.7
- सेऊबाग-28.6
- धौलाकुआं-26.7
टूरिज्म व्यापार भी प्रभावित
वहीं, होटल कारोबारियों के मुताबिक, इस बेदर्द मौसम के चलते व्यापार को काफी नुकसान हुआ है। मौसम के मिजाज से वीकेंड पर भी पर्यटकों की आवाजाही काफी समिति होकर रह गई है। उम्मीद है कि मौसम सुधरने के बाद डलहौजी पर्यटकों से आबाद होगा।
कुल्लू और स्पीति में बढ़ा मानसून अवकाश
आदेश के मुताबिक, भारी बारिश को देखते हुए कुल्लू जिले में मानसून अवकाश एक अगस्त तक कर दिया गया है। वहीं, लाहौल और स्पीति जिले में 42 दिन का समर वेकेशन 10 जुलाई से 20 अगस्त तक किया गया है। पहले यह 17 जुलाई से 27 अगस्त था।












Click it and Unblock the Notifications