'विक्रमादित्य सिंह छोटे भाई जैसे, उनका इस्तीफा स्वीकारने का सवाल ही नहीं',हिमाचल CM सुखविंदर
हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान पनपी हलचल को काबू में लाने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कमर कस ली है। बुधवार को कुछ बागी विधायकों के जरिए सरकार पर मंडरा रहे खतरे से सुक्खू ने निपटने का दावा किया। साथ ही कहा कि सरकार गिराने की बीजेपी की साजिश विफल हो गई है।
सुक्खू ने कहा कि दिवंगत वीरभद्र सिंह के बेटे और हिमाचल प्रदेश के मंत्री विक्रमादित्य सिंह का इस्तीफा स्वीकार करने का कोई सवाल ही नहीं है। सुक्खू ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह उनके छोटे भाई जैसे हैं और उनकी सभी शिकायतें दूर की जाएंगी। 10 प्वाइंट्स में समझें हिमाचल में 24 घंटे में क्या-क्या हुआ?

- 27 फरवरी को राज्यसभा चुनाव में छह कांग्रेस विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की। वे हरियाणा के एक होटल में रुके और बुधवार को बजट सत्र में भाग लेने के लिए शिमला लौट आए।
- क्रॉसवोटिंग ने हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के लिए एक चुनौती खड़ी कर दी, क्योंकि पार्टी विधायकों के विद्रोह का मतलब था कि पार्टी ने विधानसभा में अपना बहुमत खो दिया।
- मुश्किलें बढ़ाते हुए, विक्रमादित्य सिंह ने बुधवार को सुक्खू के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया और इसका कारण सरकार द्वारा उनके दिवंगत पिता के प्रति दिखाए गए अनादर को बताया।
- विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने उनके पिता के नाम पर 2022 का चुनाव जीता,लेकिन वीरभद्र सिंह की मूर्ति लगाने के लिए दो गज
- जमीन नहीं मिली।
- विधानसभा की कार्यवाही में व्यवधान डालने के आरोप में अध्यक्ष द्वारा 15 विधायकों को निलंबित करने के बाद विधानसभा की बैठक में अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने सदन छोड़ने से इनकार कर दिया और उन्हें जबरन विधानसभा से बाहर कर दिया गया।
- अटकलें लगाई जा रही थीं कि सुक्खू ने अपना इस्तीफा दिया है,जिसे सुक्खू ने खारिज कर दिया। सुक्खू ने कहा कि न तो उन्होंने इस्तीफा दिया है और न ही उन्हें इस्तीफा देने के लिए कहा गया है।
- कांग्रेस ने पर्यवेक्षक के तौर पर भूपेश बघेल, डीके शिवकुमार और भूपिंदर हुडा को शिमला भेजा। वे सभी पार्टी विधायकों से बात करेंगे और अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को एक रिपोर्ट सौंपेंगे।
- कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि जरूरत पड़ने पर पार्टी कुछ कठिन फैसले लेने से नहीं हिचकिचाती,क्योंकि संस्था व्यक्तियों से ऊपर है। जयराम रमेश ने कहा कि क्रॉस वोटिंग दुर्भाग्यपूर्ण है और पार्टी इससे दूर नहीं दिख रही है।
- राज्यसभा चुनाव में अभिषेक मनु सिंघवी की हार के लिए क्रॉस वोटिंग करने वाले छह विधायकों को अयोग्य ठहराने की सुनवाई चल रही है।
- सुक्खू ने कहा कि क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों में से एक ने उनसे माफी भी मांगी। सुक्खू ने कहा कि मैं उनके नाम का खुलासा नहीं करूंगा...लेकिन सरकार गिराने की साजिश नाकाम हो गई।












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