जानिए प्रतिभा सिंह के बारे में, जो हिमाचल में सीएम की कुर्सी की मानी जा रही है प्रबल दावेदार
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में परिणाम आने के बाद सीएम को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई है।कांग्रेस की कमान संभाल रही वीरभद्र की पत्नी प्रतिभा सिंह सीएम की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं।

हिमाचल प्रदेश के 6 बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह के निधन के बाद पहली बार हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हिमाचल में एक बार फिर सरकार बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। ऐसे में हिमाचल में सीएम की कुर्सी किसे मिलेगी इसको लेकर कयासबाजी शुरू हो गई है। सीएम के लिए सबसे प्रबल दावेदार के तौर पर प्रतिभा सिंह का नाम सामने आ रहा है। प्रतिभा सिंह वीरभद्र सिंह की पत्नी हैं।
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की कमान संभाल रही प्रतिभा सिंह सीएम की प्रबल दावेदार
2021 में वीरभद्र सिंह के निधन के बाद हिमाचल में ये कांग्रेस के लिए बड़ा चुनाव है जिसमें कांग्रेस काफी हद तक जीत सुनिश्चित कर चुकी है। ऐसे में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की कमान संभाल रही वीरभद्र की पत्नी प्रतिभा सिंह सीएम की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं। जो कि खुद भी दावेदारी कर रही हैं। प्रतिभा सिंह 1998 में सक्रिय राजनीति में आई थीं। उन्होंने मंडी संसदीय क्षेत्र से अपना पहला चुनाव लड़ा था। लेकिन पहले चुनाव में वह भाजपा के महेश्वर सिंह से करीब सवा लाख मतों से बुरी तरह हार गईं। महेश्वर सिंह उनके समधी हैं।
2004 के लोकसभा चुनाव में पहली बार लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुई
2004 के आम लोकसभा चुनाव में उन्होंने दूसरी बार चुनाव लड़ा और इस बार महेश्वर सिंह से हार का बदला लेकर वह पहली बार लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुई थीं। 2009 का लोकसभा चुनाव वीरभद्र सिंह ने लड़ा था। 2012 में प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद वीरभद्र सिंह ने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। 2013 में उपचुनाव हुआ तो प्रतिभा सिंह ने जयराम ठाकुर को करीब 1.39 लाख मत से शिकस्त देकर दूसरी बार सांसद निर्वाचित हुई थीं। 2014 में लोकसभा चुनाव में वह भाजपा के रामस्वरूप शर्मा से हारी। 2021 के उपचुनाव में वे फिर से मंडी से सांसद चुनकर लोकसभा पहुंचीं।
जातिगत समीकरण के हिसाब से भी प्रतिभा सिंह का मजबूत दावा
जातिगत समीकरण के हिसाब से भी प्रतिभा सिंह मजबूत दावा ठोक रहीं हैं। प्रतिभा सिंह राजपूत हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर राज्य में सबसे ज्यादा आबादी सवर्ण वर्ग की है। प्रदेश की कुल आबादी में 37.5 प्रतिशत राजपूत हैं। दूसरे नंबर पर अनुसूचित जाति की 25.22 प्रतिशत आबादी है। ब्राह्मण 18 प्रतिशत, गद्दी 1.5 फीसद, अनुसूचित जनजाति पांच फीसद और अन्य वर्गों की आबादी 16 प्रतिशत है।
वीरभद्र सिंह से विवाह 28 नवंबर 1985 में हुआ
16 जुलाई 1956 को जन्मीं प्रतिभा सिंह का वीरभद्र सिंह से विवाह 28 नवंबर 1985 में हुआ था। प्रतिभा सिंह शुरू से ही सामाजिक कार्यों में रुचि रखती थीं। वीरभद्र सिंह से शादी करने के बाद, उनकी पॉलिटिक्स में एंट्री हुई। वह 2003 से राज्य महिला अधिकारिता बोर्ड की सदस्य रही हैं, 2003 से राज्य योजना बोर्ड, और 2004 से केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड में शामिल रहीं। उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह ने हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है। उनकी एक बेटी अपराजिता सिंह है।
प्रतिभा सिंह का राजनीतिक करियर
- 1998 में सक्रिय राजनीति में आई थीं.
- पहला चुनाव मंडी संसदीय क्षेत्र से 1998 में लड़ा, बीजेपी के महेश्वर सिंह ने उन्हें करीब सवा लाख मतों से पराजित किया था.
- 2004 के लोकसभा चुनाव में महेश्वर सिंह से हार का बदला लेकर वह पहली बार लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुई थीं.
- 2013 में लोकसभा उपचुनाव में प्रतिभा सिंह ने वर्तमान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को करीब 1.39 लाख मतों से शिकस्त देकर दूसरी बार सांसद बनी थीं.
- साल 2014 में लोकसभा चुनाव में बीजेपी के रामस्वरूप शर्मा ने उन्हें 39 हजार से अधिक मतों से पराजित किया था.
- 2021 को लोकसभा उपचुनाव में प्रतिभा सिंह ने मंडी सीट से जीत दर्ज की.
- 26 अप्रैल 2022 को प्रतिभा सिंह हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की 32 वीं अध्यक्ष बनीं.












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