Himachal Pradesh: भूस्खलन-बाढ़ का कहर! हिमाचल की 75 सड़कें बंद, 4 दिनों के लिए बारिश का 'येलो' अलर्ट
Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में पिछले सप्ताह से राज्य के कई हिस्सों में बारिश के कारण हुए भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के बाद दो राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कुल 75 सड़कें बंद हैं।
स्थानीय मौसम विभाग ने रविवार तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश के लिए 'येलो' अलर्ट जारी किया है। गुरुवार यानी 15 अगस्त तक सिरमौर जिले के कुछ हिस्सों में बाढ़ की चेतावनी भी दी है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने कहा कि बुधवार शाम को शिमला में 31, मंडी में 18, कुल्लू में 12, कांगड़ा में पांच, किन्नौर में तीन, चंबा, लाहौल और स्पीति और सिरमौर में दो-दो सड़कें बंद हो गईं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने कहा कि 105 जलापूर्ति और 19 बिजली योजनाएं भी प्रभावित हुईं।
कहां कितनी बारिश दर्ज
मंगलवार शाम से राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश जारी रही और नारकंडा में 47 मिमी बारिश दर्ज की गई, इसके बाद धर्मशाला (42.2 मिमी), कांगड़ा (35.9 मिमी), सुंदरनगर (34 मिमी), नाहन (23.8 मिमी), ब्राह्मणी (19.2 मिमी), सुजानपुर टीरा (16 मिमी), भरारी (15.2 मिमी), पालमपुर (14.4 मिमी) और रामपुर (11.2 मिमी) में बारिश हुई। हिमाचल प्रदेश में 1 जून से शुरू हुए मानसून के दौरान 14 अगस्त तक बारिश की कमी 25 फीसदी रही और राज्य में 497.2 मिमी औसत के मुकाबले 373.3 मिमी बारिश हुई।
19 दिन में 113 की मौत
अधिकारियों ने कहा कि 27 जून से 14 अगस्त के बीच बारिश से संबंधित घटनाओं में 113 लोग मारे गए और राज्य को लगभग 1,083 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को 470 करोड़ रुपये और जल शक्ति विभाग को 446 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
जनजातीय लाहौल एवं स्पीति जिले का कुकुमसेरी राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां रात का तापमान 12.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि लाहौल एवं स्पीति का समधो 33.3 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ सबसे गर्म स्थान रहा।












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