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Himachal Elections: भटियात सीट पर भाजपा और कांग्रेस में सीधे मुकाबला, BJP का खेल बिगाड़ सकती है AAP

Himachal Elections: भटियात सीट पर भाजपा और कांग्रेस में सीधे मुकाबला, BJP का खेल बिगाड़ सकती है AAP

Himachal Elections 2022: चंबा जिला के तहत आने वाला भटियात विधानसभा सीट अनारक्षित है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक बार फिर ब‍िक्रम स‍िंह जरयाल (Bikram Singh Jaryal) पर विश्वास जताया है। तो वहीं, कांग्रेस पार्टी ने भी पूर्व विधायक कुलदीप स‍िंह पठान‍िया (Kuldeep Singh Pathania) को टिकट दिया है। इस सीट पर कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है। हालांकि, आम आदमी पार्टी यहां भाजपा के लिए वोट कटवा पार्टी साबित हो सकती है।

Bikram Singh and Kuldeep Singh Pathania

पूर्व सैनिकों के प्रभुत्व वाली इस सीट पर राजपूत मतदाता अधिक हैं। पिछले चुनावों में बीजेपी के ब‍िक्रम स‍िंह जरयाल ने कांग्रेस पार्टी के कुलदीप सिंह पठानिया को 6885 वोटों के अंतर से हराया था। तो वहीं, आधा दर्जन प्रत्याशियों की जमानत तक जब्त हो गई थी। उस समय राजपूत मतदाता भाजपा के पक्ष में चले गये थे। जिससे जरयाल आसानी से चुनाव जीत गए। लेकिन, इस बार चुनावों में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी कुलदीप सिंह पठानिया के प्रति सहानुभूति लहर देखी जा रही है। तो वहीं, आम आदमी पार्टी भी यहां भाजपा की जीत में खलल डालने का प्रयास कर रही है। जिससे जरयाल का चुनाव जीतना आसान नहीं है।

जरयाल को लेकर बीजेपी में अंदर खाते नाराजगी की वजह से कांग्रेस को फायदा होता दिखाई दे रहा है। हालांकि, जरयाल अपनी जीत सुनिशिचत करने के लिए जी तोड मेहनत कर रहे हैं। बिक्रम सिंह जरयाल को राजनीति विरासत में नहीं मिली। 60 वर्षीय जरयाल राजनीति में आने से पहले भारतीय सेना में थे। 14 मई 1961 को चंबा जिला के सिंबल घट्टा में जन्में बिक्रम सिंह जरयाल का एक बेटा व दो बेटियां हैं। पूर्व फौजी होने के साथ साथ जरियाल प्रगतिशील किसान हैं। विधायक बनने के बाद भी उन्हेंने अपने खेतों में खुद काम करना नहीं छोड़ा। खेती बाड़ी उन्हें पसंद है।

उन्होंने भारतीय सेना में पैरा कमाडों स्पेशल फोर्स ज्वाइन करने के बाद सेना से वॉलंटरी रिटायरमेंट ली और मार्च 1999 में भाजपा ज्वाइन की। 2001 से लेकर 2005 तक टूंडी पंचायत के प्रधान रहे। उसके बाद दो बार जिला परिषद के सदस्य चुने गए। बाद में उन्हें भाजपा ने जिला सचिव बनाया। 2012 के चुनावों में जरियाल पहली बार भटियात से विधायक चुने गये। 2017 में दूसरी बार विधायक बना। अब भाजपा ने उन्हें तीसरी बार चुनाव मैदान में उतारा हैं। हालांकि, सेना की नौकरी छोड़ते वक्त उन्होंने सोचा भी नहीं था कि एक दिन वह राजनीति में आएंगे।

भटियात में सिहुंता व चुवाड़ी दो ही प्रमुख कस्बे आते हैं। पास ही सेना की बकलोह छावनी भी है। बाकी सारा इलाका ग्रामीण ही है। चुवाड़ी पर्यटकों के आर्कषण का केन्द्र भी रहा है। राजनीतिक तौर पर देखा जाये तो भटियात में राजपूत 32 प्रतिशत, अनूसूचित जाति के 27 प्रतिशत मतदाता हैं। वहीं, अनसूचित जनजाति के गुज्जर व गद्दी मतदाता और पिछड़ा वर्ग यहां की राजनीति को हमेशा ही प्रभावित करता रहा है। यहां के लोग आज भी अपने पुश्तैनी काम धंधों में जुड़े हुए हैं। कुछ लोग सेना व सरकारी नौकरी में भी हैं।

भटियात से अभी तक चुने गए विधायक
वर्ष चुने गये विधायक पार्टी संबद्धता
2017 ब्रिकम सिंह जरयाल भाजपा
2012 बिक्रम सिंह जरयाल भाजपा
2007 कुलदीप सिंह पठानिया कांग्रेस
2003 कुलदीप सिंह पठानिया निर्दलीय
1998 किशोरी लाल भाजपा
1993 कुलदीप सिंह निर्दलीय
1990 शिव कुमार जनता दल
1985 कुलदीप सिंह पठानिया कांग्रेस
1982 शिव कुमार कांग्रेस
1977 शिव कुमार जनता पार्टी

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