Himachal की सबसे हॉट सीट बनी नादौन, सुखविंदर सिंह सुक्खू इस सीट पर फिर आजमाएंगे अपनी किस्मत
Himachal की सबसे हॉट सीट बनी नादौन, सुखविंदर सिंह सुक्खू इस सीट पर फिर आजमाएंगे अपनी किस्मत
हिमाचल चुनाव 2022 (Himachal Election 2022): अगले माह होने जा रहे चुनावों को लेकर भाजपा और कांग्रेस अपने-अपने तरीके से गोटियां बिठाने में लग गए हैं। वहीं, प्रदेश में कुछ ऐसे प्रमुख चुनाव क्षेत्र हैं, जहां नेताओं की हार जीत प्रदेश में बनने वाली नई सरकार का खाका तैयार करेंगी। यही वजह है कि देश भर की नजरें कुछ चुनींदा चुनाव क्षेत्रों पर है, जहां से बडे नेता चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें हमीरपुर जिला की नादौन सीट का अपना महत्व है, जहां से एक बार फिर सुखविंदर सिंह सुक्खू अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

इस बार बदले राजनैतिक महौल में हमीरपुर जिला की नादौन सीट पर हर किसी की नजर है। यहां से कांग्रेस के मौजूदा विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू एक बार फिर मैदान में हैं। लेकिन, सुखविंदर सिंह सुक्खू की इस बार अहममियत इस लिए और बढ़ गई है कि उन्हें चुनाव प्रचार समिति की कमान पार्टी ने दी है। इतना ही नहीं, टिकट आवंटन में भी उनकी (सुखविंदर सिंह सुक्खू) अहम भूमिका तय की गई है। सुक्खू पार्टी के सीएम चेहरे के तौर पर उभर कर सामने आये हैं। 2017 के चुनावों में सुक्खू ने भाजपा प्रत्याशी विजय अग्निहोत्री को हरा कर चुनाव जीता था। अब इस बार भी सुक्खू और विजय अग्निहोत्री के बीच मुकाबला होने की संभावना है।
हालांकि, इस बार आम आदमी पार्टी के शैंकी ठुकराल भी मैदान में डटे हैं। शैंकी ठुकराल के आने से कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगी है। लेकिन सुक्खू का पलडा इस बार इसलिए भारी है कि लोगों में संदेश चला गया है कि अगर कांग्रेस सरकार बनी तो सुक्खू सीएम की रेस में होंगे। कांग्रेस नेता बृजमोहन सोनी ने कहा कि इस बार नादौन में हालात बदले हैं, लोगों को पता है कि वह एक विधायक नहीं, बल्कि वो सरकार के मुखिया को चुनने जा रहे हैं। इस बार भले ही आम आदमी पार्टी भी यहां चुनावी मैदान में हो, लेकिन सुक्खू का पलडा भारी ही रहेगा।
नरदेव कंवर बताते हैं कि सुखविंदर सिंह सुक्खू सबके नेता हैं, उनके पास कोई भेदभाव नहीं है। यही वजह है कि उन्हें हर कोई पसंद करता है। वीरभद्र सिंह के निधान के बाद सुक्खू ही एकमात्र ऐसे नेता हैं, जो पूरे प्रदेश में सर्वमान्य नेता है। नादौन में उन्होंने अथाह विकास करवाया है और उनकी लोकप्रियता किसी से छिपी नहीं है। इस बार यहां हार जीत नहीं, बल्कि यह तय होना है कि सुक्खू कितने मार्जिन से चुनाव जीतते हैं। यहां आम आदमी पार्टी का कोई जनाधार नहीं है। खुद सुक्खू अपनी सीएम पद की दावेदारी पर कहते हैं कि दावा करना कोई बुरी बात नहीं हैं। लेकिन इससे पहले सरकार बनाने के लिए हमें बहुमत जुटाना है।
वहीं, नादौन की जनता समझदार है और जानती है कि उनका आने वाले विधायक कैसा हो। सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में हर चुनाव में एक तीसरी पार्टी आ जाती है। इस बार आम आदमी पार्टी आई है, लेकिन उनका कोई जनाधार नहीं है। उन्होंने कहा कि आम आदमी हम हैं और प्रदेश की जनता इस बार चुनाव में बदलाव करेगी। क्योंकि हिमाचल प्रदेश की वर्तमान सरकार हिमाचल प्रदेश की बेहतरी करने में नाकाम साबित रही है।
सुखविंदर सिंह सुक्खू का जन्म 27 मार्च 1964 को नादौन के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उनके पिता का नाम रसील सिंह था जो पेशे से किसान व छोटे कारोबारी थे। सुखविंदर सिंह की प्रारंभिक शिक्षा नादौन में हुई और इसके बाद उन्होंने शिमला विश्वविद्यालय से एमए और एलएलबी तक की शिक्षा हासिल की। उन्होंने अपना राजनीतिक कैरियर छात्र नेता के रूप में एनएसयूआई शुरू किया। संजौली में कॉलेज के दौरान वर्ष 1981 में क्लास रिप्रेजेंटेटिव बने सुक्खू ने अगले साल कॉलेज छात्र युनियन के महासचिव व उसके अगले साल यूनियन अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ा और उन्हें लगातार जीत हासिल हुई। वे कानून की पढ़ाई के दौरान वर्ष 1985 में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में भी अपने विभाग के रिप्रेजेंटेटिव चुने गए।
वर्ष 1989 से 1995 तक सुखविंदर सिंह सुक्खू एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष रहे। इसके बाद तीन साल तक वे प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव रहे। वर्ष 1998 में उन्हें प्रदेश युवा कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया और इस पद पर वे लगातार दस साल तक रहे। उन्होंने वरष 1992 में शिमला नगर निगम के पार्षद पद का चुनाव लड़ा और लगातार दो बार विजयी हुए। वर्ष 2008 में उन्हे प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महासचिव बनाया गया, जिसपर वे चार साल तक रहे। वर्ष 2013 की शुरुआत में उन्हें प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया। वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव में सुखविंदर सिंह सुक्खू नादौन सीट से विधायक चुने गए। दिसंबर 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें क्षेत्र की जनता ने दोबारा अपना प्रतिनिधि चुनकर भेजा। वे इस कार्यकाल में कांग्रेस विधायक दल के चीफ व्हिप बनाये गए। वर्ष 2017 के तेरहवीं विधानसभा के लिए हुए चुनाव में वे तीसरी बार विधायक चुने गए। अब होने जा रहे चुनावों के लिए प्रदेश में अहम किरदार के तौर पर उभर कर सामने आये हैं।












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