Himachal चुनाव प्रबंधन से इस बार दूर ही रहेगा धूमल परिवार, अनुराग ठाकुर भी नहीं निभा पाएंगे कोई खास भूमिका
Himachal चुनाव प्रबंधन से इस बार दूर ही रहेगा धूमल परिवार, अनुराग ठाकुर भी नहीं निभा पाएंगे कोई खास भूमिका
Himachal Election 2022: हिमाचल प्रदेश के इस बार चुनावों में भाजपा की चुनावी रणनीति और चुनाव प्रबंधन में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और उनके बेटे केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की कोई खास भूमिका नहीं रहेगा। भाजपा का चुनावी प्रबंधन इस बार पूरी तरह राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश के आसपास ही रहेगा और उनकी इजाजत के बिना कोई पत्ता तक नहीं हिला पायेगा। बदले हालात में धूमल समर्थक मन मसोस कर रह गए हैं।
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वहीं, पार्टी में नड्डा की बढ़ती ताकत का लाभ सीएम जयराम ठाकुर को मिल रहा है। पार्टी में सौदान सिंह से लेकर अविनाश राय खन्ना और राजीव बिंदल की खास भूमिका तय की गई है। एक जमाने में प्रदेश की राजनीति में धूमल परिवार की तूती बोलती थी। माना जा रहा है कि पार्टी में गुटबाजी को खत्म करने के लिए ही भाजपा नेतृत्व ने इस बार नेताओं में संतुलन बनाने की रणनीति से परहेज किया और चुनाव प्रबंधन में उन्हीं नेताओं को जिम्मेदारी दी जो धूमल खेमें से वास्ता नहीं रखते थे।
हालांकि, इससे पहले आशंका जताई जा रही थी कि गुटबाजी के चलते भाजपा को चुनावों में नुकसान हो सकता है। दरअसल, पिछले दिनों एकाएक प्रेम कुमार धूमल प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हुए हैं और उन्होंने चुनाव लड़ने का दम भरते हुए अपनी तैयारी शुरू कर दी है। धूमल ने पार्टी की ओर से राज्यपाल बनने के ऑफर को भी ठुकरा दिया है। जिससे लगने लगा था, कि धूमल अब पुराने फार्म में आ जायेंगे। लेकिन नड्डा के प्रभाव के चलते धूमल का प्रभामंडल कमजोर होता जा रहा है। यही वजह है कि धूमल समर्थक नेताओं की चुनावी प्रबंधन में कोई खास भूमिका नहीं दी गई है।
इसी के चलते चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल को बनाया गया है। जो जेपी नड्डा के खासमखास हैं। नड्डा के लिए हिमाचल के चुनाव खास अहमियत रखते हैं। उनकी पूरी कोशिश पार्टी को सत्ता में दोबारा वापिस लाना है। इसी के चलते किसी भी प्रकार का जोखिम लेने से परहेज किया जा रहा है।












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