Himachal Election 2022: कांग्रेस के 90 तो BJP के 82% उम्मीदवार करोड़पति, AAP और BSP के भी पीछे नहीं
हिमाचल प्रदेश में 68 विधानसभा सीटों के लिए वोटिंग कल यानि कि 12 नवंबर को होगी। वोटिंग के लिए चुनाव आयोग की तरफ से सभी तरह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों की निगरानी के लिए कड़ी सुरक्षा का इंतजाम किया गया है। चुनाव के दौरान करोड़पति की उम्मीदवारों की चर्चा आम हो जाती है। इसी बीच आई एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट की मानें तो हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के करीब 90 फीसदी उम्मीदवार ऐसे हैं, जो करोड़पति हैं। जबकि भाजपा भी इस मायने में पीछे नहीं है। सत्तारूढ़ भाजपा के 82 फीसदी उम्मीदवार भी करोड़पति हैं।

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आप के 52 प्रतिशत उम्मीदवार हैं करोड़पति हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में आप के भी 67 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट के मुताबिक AAP के 35 यानि कि 52 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति हैं। वहीं, बीएसपी ने 53 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक बीएसपी के 25 प्रतिशत यानि कि 13 उम्मीदवार करोड़पति हैं।
करोड़पति के मामले में CPI (M) के उम्मीदवार भी पीछे नहीं
करोड़पति उम्मीदवारों की लिस्ट में CPI (M) के भी कैंडिडेट्स पीछे नहीं हैं। पार्टी के 36 प्रतिशत यानि कि 4 उम्मीदवार करोड़पति हैं। वहीं, 45 निर्दलीय प्रत्याशियों में भी कई करोड़पति हैं।
चुनाव में उतरे 55 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति
हिमाचल प्रदेश में कुल 412 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें 226 यानि कि 55 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति हैं। करोड़पति उम्मीदवारों की सूची में शिमला के चौपाल निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार बलवीर सिंह वर्मा 128 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति के साथ शीर्ष पर हैं। वहीं, विक्रमादित्य सिंह, जो शिमला ग्रामीण सीट से चुनाव लड़ रहे हैं और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे हैं, कुल 101 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं।
कांग्रेस नेता एस बाली के बेटे करोड़पति करोड़पति उम्मीदवारों की लिस्ट में हैं तीसरे स्थान पर दिवंगत कांग्रेस नेता जी एस बाली के बेटे आर एस बाली हैं। वह कांगड़ जिले की नगरोटा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। उनके पास कुल 96.36 करोड़ रुपए की संपत्ति है।
66 करोड़पति उम्मीदवारों पर दर्ज है आपराधिक केस
रिपोर्ट के मुताबिक 66 करोड़पति उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस लिस्ट में माकपा के राकेश सिंघा टॉप पर हैं। उन पर 30 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, शिमला जिले की कसुमापति सीट से माकपा के कुलदीप सिंह तंवर पर 20 आपराधिक मामले हैं, जबकि विक्रमादित्य सिंह पर 11 आपराधिक मामले चल रहे हैं।
दोबारा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की संपत्ति में भी हुआ तेजी से इजाफा
एडीआर की तरफ से जारी एक अन्य रिपोर्ट से पता चला है कि दोबार चुनाव लड़ने वाले विधायकों में 58 से 49 विधायकों (84 फीसदी) की संपत्ति पांच फीसदी से बढ़कर 1,167 फीसदी हो गई है। हालांकि 9 विधायकों (16 फीसदी) की संपत्ति में कमी आई है। आंकड़ों के मुताबिक 9 विधायक ऐसे हैं, जिनकी संपत्ति में निगेटिव 4 प्रतिशत से 37 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में निर्दलीय सहित विभिन्न दलों द्वारा चुनाव लड़ने वाले इन 58 विधायकों की औसत संपत्ति 9.30 करोड़ रुपए थी, जो 2022 में बढ़कर 12.08 करोड़ रुपए हो गई।
2017 और 2022 में चुनाव लड़ने वालों विधायकों की संपत्ति में हुआ इजाफा
2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों के बीच दोबारा चुनाव लड़ने वाले 58 विधायकों की औसत संपत्ति में 2.77 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई है। जबकि प्रतिशत के संदर्भ में यह वृद्धि 30 प्रतिशत है। रिपोर्ट्स के मुताबिक बलबीर सिंह वर्मा ने 2017 के बाद से संपत्ति में सबसे अधिक 37.71 करोड़ रुपए की वृद्धि की घोषणा की। भाजपा के अनिल शर्मा की संपत्ति 2017 में 40.24 करोड़ रुपए से 17.23 करोड़ रुपए से बढ़कर 2022 में 57.48 करोड़ रुपयए हो गई। वहीं, विक्रमादित्य सिंह की संपत्ति 2017 में 84.32 करोड़ रुपए से 17.06 करोड़ रुपए बढ़कर 2022 में 101.39 करोड़ हो गई है।
भाजपा के 35 उम्मीदवारों की संपत्ति 3.20 करोड़ रुपए से ज्यादा
भाजपा के 35 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 3.20 करोड़ रुपए (44 प्रतिशत) बढ़कर 2022 में 10.46 करोड़ रुपए हो गई, जो 2017 में 7.25 करोड़ रुपए थी। 20 कांग्रेस उम्मीदवारों की औसत संपत्ति में 2.3 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई है। इनकी संपत्ति 2017 में 13.01 करोड़ रुपए के मुकाबले 2022 में 15.31 करोड़ रुपए हो गई। आपको बता दें कि पहाड़ी राज्य में 55 लाख से अधिक मतदाता शनिवार को 68 निर्वाचन क्षेत्रों में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, विक्रमादित्य सिंह और पूर्व भाजपा अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती सहित 412 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे।
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