हिमाचल चुनाव: भाजपा में भ्रम, कौन होगा CM पद का चेहरा

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शिमला। हिमाचल प्रदेश में सत्ता हासिल करने का सपना संजोए भारतीय जनता पार्टी इस मामले में कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लग जाता है कि पार्टी अभी तक मुख्यमंत्री पद के चेहरे का नाम जगजाहिर करने से कतरा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हिमाचल दौरे के दौरान भाजपा कार्यकर्ता मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर संकेत ढूंढ़ते रहे लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यकर्ताओं को अपने तरफ से मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर कोई संकेत नहीं दिया। जिससे कार्यकर्ता इस वक्त जेपी नड्डा और प्रेम कुमार धूमल के बीच बने खेमों में जूझ रहा है।

हिमाचल चुनाव: भाजपा में भ्रम, कौन होगा CM पद का चेहरा

पीएम मोदी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के गृह जिले में एम्स का शिलान्यास किया वहीं अपने सम्बोधन उनकी तारीफ करते हुए कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुत सी योजनाएं चलाई हुई है उन योजनाओं में से एक योजना इंद्र धनुष है जिसे पुरे देश में एक समान चलाया हुआ है। ताकि देश कोई भी व्यक्ति इस योजना के लाभ से वंचित न रहे वह दिन रात काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री द्वारा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की तारीफ का सीधा संकेत है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा केंद्र में ही रहेंगे। जगत प्रकाश नड्डा को प्रधानमंत्री अपनी टीम का हिस्सा बनाये रखेंगे। मतलब सीधा है कि उन्हें हिमाचल में मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं बनाया जायेगा। लेकिन भाजपा अभी भी इस पर साफ रवैया नहीं अपना रही।

पार्टी नेताओं की माने तो उम्र के फार्मूले की जद में आने की वजह से नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की दावेदारी कमजोर है। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सम्बोधन में धूमल की भी तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में हिमाचल में काफी काम किए हैं जिसकी वजह से धूमल को बिजली और सडक वाले मुख्यमंत्री के नाम से जाना जाता है। प्रधानमंत्री यह सब तो कह गए लेकिन भाजपा का आम कार्यकर्ता जिसकी आस प्रधानमंत्री से लिए बैठा हुआ था वह अभी भी इसी असंजस में है कि आने वाले चुनावों में किसके नेतृत्व में आगे बढ़े।

माना जा रहा है कि भाजपा को डर है कि कहीं चुनावों से पहले सीएम पद के दावेदार के तौर पर जेपी नड्डा के नाम की घोषणा कर दी गई, तो पार्टी में बड़े पैमाने पर बगावत हो सकती है। यही वजह है कि भाजपा इस मामले में फूंक फूंक कर कदम रख रही है। दरअसल नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल और उनके समर्थक किसी भी पर अपनी दावेदारी छोडने के मूड में नहीं है। पार्टी को लगता है कि अगर चुनावों से पहले ही धूमल को किनारे किया गया, तो उनके सर्मथकों से निपटना आसान नहीं होगा। अब देखना होगा कि भाजपा अपने पत्ते समय रहते खोलती भी है कि नहीं।

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English summary
himachal election 2017: bjp still has to decide its cm candidate
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