हिमाचल में कांग्रेस का घट सकता है बल, बीजेपी के हो सकते हैं 'बाली'
अब एक बार फिर बाली का भाजपा प्रेम गडकरी के बहाने सामने आने लगा है। जिसे देखकर कांग्रेसी भी सकते में हैं।
शिमला। उत्तराखंड फॉर्मूले के तहत चुनावों से पहले सत्तारूढ़ कांग्रेस को घेरने के लिए भाजपा ने कांग्रेस के किले को भेदने की तैयारी कर ली है। जिसके तहत हिमाचल सरकार के कुछ मंत्रियों और कांग्रेसी विधायकों को तोडने की तैयारी चल रही है। भाजपा की नजर प्रदेश के परिवहन मंत्री जीएस बाली पर आ टिकी है। अगर बाली की भी गतिविधियों को नजदीक से देखा जाए तो उनके दिल में भी एकाएक भाजपा के प्रति प्रेम उमड़ा है। वो सीएम वीरभद्र सिंह को आंखे तरेरने लगे हैं।

कांगड़ा जिला के तेज तर्रार कांग्रेस नेता व परिवहन मंत्री जीएस बाली के रिश्ते भले ही इन दिनों सीएम वीरभद्र सिंह के साथ तनातनी वाले चल रहे हों लेकिन विपक्षी दल भाजपा के केंद्रीय व प्रदेशिक नेता उनके मुरीद हो गए हैं। यही वजह है कि भाजपा ने बाली को खुलेआम भाजपा में शामिल होने के लिए न्योता दे डाला है। जिससे प्रदेश की शांत राजनीति में खासी हलचल पैदा हो गई है।

हालांकि सीएम वीरभद्र सिंह भी कह चुके हैं कि भाजपा बाली को ले जाना चाहे तो ले जाए लेकिन बाली हैं कि अपने भाजपा प्रेम पर मुंह खोलने को तैयार नहीं। दरअसल केंद्रीय मंत्री गडकरी से लेकर नड्डा तक बाली को भाजपा में लाने के लिए डोरे डाल रहे हैं। पिछले दिनों हिमाचल प्रवास के दौरान पालमपुर में नितिन गडकरी के समारोह में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बाली की खुलकर तारीफ करते हुए उन्हें भाजपा में आने का आमंत्रण दिया। यही नहीं खुद गडकरी ने भी बाली को खास तवज्जो दी। गडकरी के कार्यक्रम में इस कदर बाली की तारीफ कांग्रेसियों को रास नहीं आ रही। जिससे बाली के खिलाफ पार्टी में आवाज भी बुलंद होने लगी है। बाली का गडकरी प्रेम नया नहीं है, गडकरी जब धर्मशाला आए थे तो बाली ने उनकी मेहमान नवाजी की। धर्मशाला दौरे के दौरान बाली की गडकरी के साथ रहने को लेकर कई चर्चाओं ने माहौल गर्मा दिया था।
यहां तक की कांग्रेस के ही एक विधायक ने इस बात को लेकर सोशल मीडिया पर भी बाली के विरोध में कमेंट किया था। बाद में भी बाली कहां रुके और नितिन गडकरी के स्वागत के लिए पालमपुर जा पहुंचे। जिससे बाली गडकरी के अंग-संग दिखने से नई चर्चाओं ने जन्म ले लिया। प्रदेश की राजनीति में बाली के बारे में ये धारणा रही है कि वो कुछ भी कर सकते हैं। पिछले भाजपा शासनकाल में भी तत्कालीन सीएम धूमल के साथ उनकी खूब पटती थी। लेकिन अब एक बार फिर बाली का भाजपा प्रेम गडकरी के बहाने सामने आने लगा है। जिसे देखकर कांग्रेसी भी सकते में हैं। प्रदेश में चुनावों को अभी चंद महीने ही बाकी हैं। भाजपा अभी से तैयारियों में जुट गई है। सत्तारूढ़ दल कांग्रेस कई गुटों में बंटने लगी है। बाली के सीएम के साथ रिश्तों में वो गर्माहट नहीं रही जो सरकार गठन के समय थी। कांगड़ा की राजनीति में भी बाली के वीरभद्र खेमें से जुड़े नेताओं के साथ भी रिश्ते बेहतर नहीं हैं। इस सबके चलते भाजपा नेताओं की ओर से बाली की ओर दिखे झुकाव के चलते बाली को लेकर राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है।












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