हिमाचल में राहुल गांधी, कांग्रेस ऑफिस के सामने विधायिका और कॉन्स्टेबल में मारपीट
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में पार्टी की हार के कारणों को जानने के लिये शिमला पहुंचे कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के सामने आज एक बार फिर हिमाचल कांग्रेस की गुटबाजी देखने को मिली। पार्टी मुख्यालय राजीव भवन के अंदर नहीं जाने देने पर गुस्साये कार्यकर्ताओं ने हंगामा खड़ा कर दिया। हंगामा इस कदर बढ़ा कि कांग्रेस पार्टी के एक विधायक की पुलिस के साथ झड़प भी हो गई।

डलहौजी से विधायक हैं आशा कुमारी
बताया जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी के दफ्तर राजीव भवन के अंदर जब कांग्रेस नेता जाने लगे तो पुलिस वालों ने रोकना चाहा। इस पर डलहौजी से विधायक आशा कुमारी की राहुल गांधी की सुरक्षा में तैनात पुलिस वालों से बहस हो गई। यहां तैनात हिमाचल पुलिस की एक महिला कॉन्स्टेबल को आशा कुमारी ने थप्पड़ मारा तो जवाब में महिला कॉन्स्टेबल ने भी विधायक आशा कुमारी को चांटा जड़ दिया जिससे यहां अच्छा-खासा हंगामा हो गया। अभी तक महिला कॉन्स्टेबल की शिकायत आला अधिकारियों से नहीं की गई है। वहीं आशा कुमारी को आज अच्छी खासी फजीहत का सामना करना पड़ा। वह कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव व पंजाब की प्रभारी हैं। आशा कुमारी अंदर जाने की कोशिश कर रही थीं।

कांंग्रेस दफ्तर पर हुआ बवाल
कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने और प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी पहली बार हिमाचल आए हैं। यहां विभिन्न सत्रों में राहुल गांधी कांग्रेस के हारे हुये प्रत्याशियों व अन्य नेताओं से बैठक करेंगे। यहां कांग्रेस दफ्तर में अंदर जाने को लेकर अच्छा-खासा हंगामा हो गया। चूंकि अंदर जाने के लिये चुनिंदा लोगों को ही इजाजत मिली व बाकायदा पास भी दिये गये लेकिन बड़ी तादाद में जुटे कांग्रेसियों ने इस पर हंगामा खड़ा कर दिया व नारेबाजी करने लगे जिससे महौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप लगाया जा रहा है कि सुनियोजित तरीके से वीरभद्र समर्थकों को अंदर जाने से रोका जा रहा है।

वीरभद्र-सुक्खू समर्थक आमने-सामने
दरअसल चुनावों में हार के बाद अब कांग्रेस में विधायक दल का नेता बनने के लिये वीरभद्र सिंह व पार्टी अध्यक्ष सुक्खू के समर्थक आमने-सामने हैं। विधानसभा में कांग्रेस के 21 विधायक चुन कर आये हैं। हलांकि ज्यादातर विधायक वीरभद्र समर्थक हैं लेकिन पार्टी में सुक्खू खेमे की दलील है कि विधायक दल की कमान युवा चेहरे को दी जाये। यही वजह है कि दोनों गुट आमने-सामने हैं। शिमला ग्रामीण के विधायक और युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश कांग्रेस द्वारा युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों को बैठक में नहीं जाने देने के फरमान पर आपत्ति जताई है। राहुल युग में भी कांग्रेस में भेदभाव का विरोध किया गया है। विक्रमादित्य ने कहा कि इस बैठक में सब लोगों को मिलने का अधिकार होना चाहिए।

विक्रमादित्य सिंह ने जताया विरोध
उन्होंने कहा कि यहां कुछ चुनिंदा बाशिंदों को ही बुलाया गया है जो असली कार्यकर्ता हैं उनको इस मीटिंग में नहीं बुलाया गया है। यह अधिकार क्षेत्र बीसीसी का है, उनको इस चीज को देखना चाहिए था कि हर व्यक्ति को इस मीटिंग में बुलाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि अगर इस तरह से ही चलता रहेगा तो राहुल गांधी तक सही पिक्चर नहीं पहुंचेगी। विक्रमादित्य ने कहा कि आज वो यहां आये हैं कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए। कई लोगों को ही अंदर जाने के लिए पास दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा ही चलता रहेगा तो आने वाले समय में संगठन और कमजोर होता रहेगा। उन्होंने कहा कि वो कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उनसे विधायकों के साथ-साथ आम कार्यकर्ताओं को भी मिलने का हक होना चाहिए।












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