• search

हिमाचल चुनाव: पार्टी में फूट के डर से कांग्रेस ने टाला टिकटों का ऐलान

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    शिमला। हिमाचल में संभावित बगावत से डरी सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी अभी अपने प्रत्याशी जल्दबाजी में घोषित नहीं करेगी। पार्टी पहले भाजपा के प्रत्याशी घोषित होने का इंतजार करेगी उसके बाद ही अपने पत्ते खोलेगी। दरअसल पार्टी को लग रहा है कि प्रत्याशी पहले घोषित किये गये तो बड़े पैमाने में बगावत हो सकती है। चूंकि पार्टी के टिकट के चाहवान पां च सौ से भी अधिक हो गये हैं जिन्हें संभालना अब आसान काम नहीं रहा। वहीं पार्टी अध्यक्ष सुखविन्दर सिंह सुक्खू के वीरभद्र सिंह के आगे लमलेट हो जाने से पार्टी में वीरभद्र सिंह का वर्चस्व एकाएक बढ़ गया है। जिन लोगों को पार्टी अध्यक्ष ने कांग्रेस टिकट के सपने दिखाये, वहीं अब बगावत को तैयार बैठे हैं। दरअसल वीरभद्र सिंह की मनमानी से उन्हें लगने लगा है कि उनकी टिकट हासिल करने की हसरत अधूरी ही रह जायेगी।

    हिमाचल चुनाव: पार्टी में फूट के डर से कांग्रेस ने टाला टिकटों का ऐलान

    बताया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस 18 से 20 अक्तूबर तक अपने प्रत्याशियों की सूची जारी करेगी। प्रदेश कांग्रेस के महासचिव व प्रवक्ता नरेश चौहान ने कहा कि 16 को दिल्ली में राज्य चुनाव समिति की बैठक सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में होगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में बनी कमेटी में सीएम वीरभद्र सिंह समेत 16 लोग शामिल हैं। कमेटी में आनंद शर्मा, विप्लव ठाकुर, विद्या स्टोक्स, जीएस बाली, ठाकुर सिंह भरमौरी, मुकेश अग्निहोत्री, सुधीर शर्मा, धनी राम शांडिल, हर्ष महाजन, गंगू राम मुसाफिर, हरभजन सिंह भज्जी और राम नाथ शर्मा शामिल है। कांग्रेस की फ्रंटल आर्गेनाइजेशन के मुखिया इस कमेटी में विशेष आमंत्रित सदस्य है।
    यह कमेटी हर सीट पर 3-3 संभावित उम्मीदवारों का पैनल तैयार होगा। सभी प्रत्याशियों के नाम शार्ट लिस्ट कर स्क्रीनिंग कमेटी को भेज दिए जाएंगे, जिसके बाद पार्टी हाईकमान आगामी कदम उठाते हुए प्रत्याशियों की फाइनल सूची जारी कर देगा।

    चौहान ने कहा कि 18-20 अक्टूबर के बीच सभी 68 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एकजुट है और प्रदेश में मिशन रिपीट होना तय है। उन्होंने कहा कि पार्टी में उन बागियों की वापसी नहीं होगी, जो टिकट की शर्त पर आना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी में केवल उन्हीं लोगों को वापस लिया गया है, जो बिना शर्त वापस आए हैं। उन्होंने कहा कि बागियों की वापसी पर पार्टी का स्टैंड शुरु से ही क्लीयर है।

    चौहान ने एक सवाल के जवाब में कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को पार्टी टिकट से आवेदन करना जरुरी नहीं था। उन्होंने कहा कि टिकट के लिए आवेदन नहीं करने वाले पार्टी के ऐसे सभी वरिष्ठ नेता भी आवेदन शुल्क जमा करवाएगें, जिन्हें चुनावी प्रत्याशी घोषित किया जाएगा। चौहान ने कहा कि मंत्रियों, वरिष्ठ नेताओं और पार्टी अध्यक्ष रह चुके नेताओं को टिकट के लिए आवेदन किया जाना अनिवार्य है। प्रदेश कांग्रेस ने गुजरात विधानसभा के चुनाव की तारीख तय न करने पर भी सवाल उठाए है। चौहान ने कहा कि कांग्रेस कमेटी ने कहा है कि हिमाचल के चुनाव के साथ गुजरात के चुनाव के साथ तारीखों का ऐलान होना चाहिए था, लेकिन ऐसा इसलिए नहीं किया गया है क्योंकि गुजरात में भाजपा बैक फुट पर है।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    congress delayed ticket announcement to avoid split in party

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more