Cloud Burst in Rampur: क्या होता है 'प्रेगनेंट क्लाउड', क्यों फटते हैं बादल? जानिए बचाव और कारण
Cloud Burst in Rampur: दिल्ली से लेकर हिमाचल तक मौसम का मिजाज बदला हुआ है, शनिवार को आए आंधी-तूफान से जहां दिल्ली में सड़कें जलमग्न हैं, वहीं दूसरी ओर हिमाचल के रामपुर में बादल फटा है, जिसने पूरे रामपुर में तबाही मचा दी है और इसकी वजह से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो गया है।
रामपुर में बादल फटने के बाद बहुत तेज बारिश शुरू हो गई जिससे कुछ ही देर में वहां पर बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई, गड्ढों और नालों से पानी बहने लगा। गाड़ियां भी बहुत तेज रफ्तार से बहने लगीं। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और चीखने-चिल्लाने लगे, हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

रामपुर में तेज बारिश के कारण तीन प्रमुख मार्ग भी बाधित, जिन्हें फिलहाल बहाल कर दिया गया है। अभी स्थिति कंट्रोल में है, मौसम विभाग ने आज भी यहां पर भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया हुआ है और सेहत के प्रति सचेत रहने को कहा है। मालूम हो कि शनिवार को रामपुर के कई ऊपरी क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हुई है और आज भी ऐसा होने की संभावना है।
क्या होता है बादल फटना? (Cloud Burst )
बादल फटना यानी Cloud Burst एक ऐसी प्राकृतिक आपदा है जिसमें बहुत कम समय में अत्यधिक मात्रा में बारिश होती है। यह घटना विशेष रूप से पहाड़ी इलाकों जैसे कि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अधिक देखने को मिलती है।
इससे बाढ़, भूस्खलन जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। बादल फटने की घटना तब होती है, जब 'प्रेगनेंट क्लाउड' का गुस्सा फूटता है।
पानी से भरे हुए बादल को 'प्रेगनेंट क्लाउड' कहते हैं (Cloud Burst)
दरअसल पानी से भरे हुए बादल को 'प्रेगनेंट क्लाउड' कहा जाता है और जब ये किसी रास्ते में रूकावट या बाधा से टकराते हैं तो प्रलय के रूप में ही बरसने लगते हैं इसलिए कहा जाता है कि बादल फटता तब है जब 'प्रेगनेंट क्लाउड' नाराज हो जाता है।

बादल फटने का कारण (Cloud Burst)
स्थिर बादल में नमी अधिक मात्रा में इकट्ठा हो जाती है, तब इनके सामने जैसे ही रूकावट आती है तो ये बरस पड़ते हैं और इस दौरान कई गैलन पानी नीचे गिरता हैं, जो कि बाढ़ की शक्ल धारण कर लेते हैं और तबाही का कारण बनते हैं।
बादल फटने से प्रभाव (Cloud Burst )
- अचानक बाढ़ आना
- मकानों और सड़कों को नुकसान
- मानव जीवन की हानि
- यातायात और संचार व्यवस्था का ठप होना
- भूस्खलन और मिट्टी के कटाव
सावधानियां (Precautions)
- मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों पर विशेष ध्यान दें।
- निचले इलाकों की तुलना में ऊंचाई वाले सुरक्षित स्थान पर जाना बेहतर होता है।
- टॉर्च, दवाइयां, पानी, सूखा भोजन, चार्ज बैटरी जैसे इमरजेंसी किट तैयार रखें।
- घर की छत, नालियों और जल निकासी की व्यवस्था की जांच करें।
- नदी, नालों और जलप्रवाह के निकट जाने से बचें।
- आपदा प्रबंधन नंबर 1078 या 112 पर संपर्क करें।
- सरकारी एजेंसियों द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें।












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