Himachal: जलाड़ी खरठ से दौलतपुर को जोड़ने वाला निर्माणाधीन ब्रिज ढहा, 3 करोड़ की लगात से हो रहा था तैयार
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में जलाड़ी खरठ से दौलतपुर को जोड़ने वाले एक पुल ढ़ह गया। इस पुलिस का निर्माण पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के समय में शुरू हुआ था।

Kangra River Bridge Collapse: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के बाद अब कांगड़ा में जलाड़ी खरठ से दौलतपुर को जोड़ने वाले एक रिवर ओवरब्रिज बनने से पहले ही ढह गया। इस ब्रिज का निर्माण लोक निर्माण विभाग की ओर से किया जा रहा है। ओवरब्रिज गिरते ही चारों और अफरातफरी मच गई। हालांकि, गनीमत यह रही कि उस दौरान आसपास कोई मौजूद नहीं था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जलाड़ी खरठ से दौलतपुर को जोड़ने इस ओवरब्रिज का शिलान्यास पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ने 09 अगस्त 2017 को किया था। लेकिन, तब से इस निर्माणाधीन पुल का काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। कछुआ चाल से चल रहे इस पुल निर्माण की शटरिंग का काम सोमवार को दोबार शुरू हुआ था। लेकिन, इससे पहले काम अपनी रफ्तार पकड़ पाता, आधा-अधूरा पुल ढह गया।
खबर के मुताबिक, 104 मीटर लंबाई वाले इस पुल का निर्माण लगभग साढ़े 3 करोड़ रुपए की लागत से लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा है। लेकिन, बने से पहले ही यह पुल ध्वस्त हो गया। पुल के गिरने के बाद लोक निर्माण विभाग और ठेकेदार पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन सुशील डढवाल ने बताया कि पुल की आर्च गिरने की सूचना उन्हें मिली है। जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि यह कैसे हुआ।
बता दें, इस पुल के बनने से 15 पंचायतों को फायदा होना था। लेकिन, भ्रष्टाचार की नींव पर खड़ा हो रहा यह पुल बनने से पहले की मटियामेट हो गया। इस पुल के गिरने पर विधायक पवन काजल का बयान भी सामने आया है। विधायक पवन काजल ने पुल गिरने पर चिंता जताते हुए कहा कि इस मामले में सरकार को कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है।
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इससे पहले मार्च के अंतिम सप्ताह में हमीरपुर जिले में भी एक निर्माणाधीन पुल गिर गया था। जो पुल ढहा था वह 2.42 कोर्ड़ की लागत से बन रहा था। 75 मीटर लंब यह पुल कोट से जाहू तक बना बन रहा था और इस टेंडर साल 2020-21 में एक भाजपा नेता को आवंटित हुआ था।












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