भाजपा के दिग्गज धूमल के समधी को हराकर विधायक बने सऊदी के अरबपति
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शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में इस बार एक ऐसे नेता की एंट्री हो रही है जिसके लिये सरकारी सुख-सुविधायें कोई खास मायने नहीं रखती। इस नेता ने पहले ही घोषणा कर रखी है कि वह विधायक बनने पर बतौर विधायक मिलने वाले वेतन व अन्य भत्तों को जनता पर ही खर्च करेंगे। दिलचस्प तथ्य यह है कि प्रदेश विधानसभा के सभी विधायकों, मंत्रियों को मिलने वाले वेतन भत्तों से कई गुणा अधिक उनका अपना खुद का कारोबार है।

जोगिन्दर नगर में प्रकाश राणा की शानदार जीत
यहां बात हो रही है मंडी जिला के जोगिन्दर नगर से चुनाव जीत कर आये निर्दलीय प्रत्याशी प्रकाश राणा की। प्रकाश राणा ने भाजपा प्रत्याशी गुलाब सिंह ठाकुर को करारी शिकस्त देकर विधानसभा चुनाव जीता है। गुलाब सिंह ठाकुर का चुनाव हारना भाजपा के सीएम पद के प्रत्याशी प्रेम कुमार धूमल के लिये भी व्यक्तिगत क्षति है। गुलाब सिंह सांसद अनुराग ठाकुर के ससुर व धूमल के समधी हैं।
फोटो- गुलाब सिंह ठाकुर

प्रकाश राणा का सऊदी में अरबों का कारोबार
प्रदेश की राजनिति में चुनावों के दौरान से ही सुर्खियों में रहे प्रकाश राणा का सऊदी अरब में अरबों का कारोबार है। वे डायमंड समेत कई कंपनियों के मालिक हैं। पार्टनरशिप में उनका ट्रांसपोर्ट, कंस्ट्रक्शन, डायमंड और इंजीनियरिंग इक्यूप्मेंट्स का कारोबार है। राणा के कारोबार में करीब 700 भारतीय अलग-अलग पदों पर काम करते हैं । इतना ही नहीं, उन्होंने अपने इलाके के 80 लोगों को सऊदी अरब में काम दिया हैं। गोलवां में उन्होंने एक आलीशान मकान बना रखा है। यही नहीं घर के बाहर एक निजी हेलीपैड भी बनवा रखा है। जब 1985 में वह सऊदी अरब काम के सिलसिले में गए तो उनके माता पिता गांव में अकेले रह रहे थे।

हेलीपैड के साथ आलीशान घर
उनके बीमार होने या किसी भी इमरजेंसी के लिए उन्होंने अपने घर के सामने हेलीपैड बनवा लिया। दिल्ली से अक्सर अपने गांव लड़भड़ोल में हेलीकॉप्टर से आते हैं। वह विदेशों में जितना भी पैसा कमाते हैं उसका 7 से 10 प्रतिशत अपने इलाके के जरूरतमंदों के लिए खर्च करते हैं। इसी के आधार पर इन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। राणा का चुनाव लड़ने का इस बार मूड हुआ तो इस बार किसी पार्टी के टिकट का इंतजार किये बिना चुनावी रण में कूद गए व बखूबी उन्होंने चुनाव भी जीता।

गुलाब सिंह की हार सदमे से कम नहीं
कभी 27 वर्ष की आयु में जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ कर विधानसभा पहुंचने वाले भाजपा नेता गुलाब सिंह ठाकुर प्रदेश की राजनीति के उन पुराने खिलाड़ियों में शामिल हैं,जो दशकों से प्रदेश की राजनीति में वर्चस्व बनाए हुए थे लेकिन इस बार उनकी राजनैतिक पारी का दुखद अंत हो गया। विधानसभा अध्यक्ष पद का दायित्व संभाल चुके गुलाब सिंह कांग्रेस पार्टी के टिकट पर भी चुनाव लड़ चुके हैं। अपने राजनीतिक जीवन में 11वीं बार चुनाव मैदान में उतरे ठाकुर गुलाब सिंह को 7 बार जीत प्राप्त हुई है। 70 वर्षीय ठाकुर गुलाब सिंह के लिये मौजूदा चुनाव में हार किसी सदमे से कम नहीं है।












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