तीन दशक बाद ह्यूमन राइट्स वॉच के प्रमुख छोड़ेंगे पद
नई दिल्ली, 26 अप्रैल। रॉथ की ही अध्यक्षता में न्यूयॉर्क से चलने वाले इस संगठन को 1997 में नोबेल शांति पुरस्कार से नवाजा गया था. पुरस्कार संस्था को मानव विरोधी बारूदी सुरंगों पर प्रतिबंध लगवाने की कोशिशों के लिए मिला था. इसी संस्था की कोशिशों के फलस्वरूप अंतरराष्ट्रीय अदालत की स्थापना भी हुई थी.
अदालत की पूर्व प्रमुख अभियोजनकर्ता फातो बेंसौदा ने रॉथ को प्रेरणा का स्रोत बताया. उन्होंने कहा, "न्याय के लिए केन का निर्भीक जुनून, उनका साहस और मानवाधिकारों के उल्लंघन के पीड़ितों के प्रति उनकी अनुकंपा उनके लिए सिर्फ एक पेशेवर जिम्मेदारी नहीं बल्कि व्यक्तिगत दृढ विश्वास का विषय था."
(पढ़ें: तीसरी बार भारत को धार्मिक आजादी के लिए चिंताजनक देशों में रखने की सिफारिश)
कई दुश्मन बने
1993 में रॉथ जब कार्यकारी निदेशक बने थे तब इस संगठन में करीब 60 लोग काम करते थे और इसका सालाना बजट 70 लाख डॉलर था. आज 100 से भी ज्यादा देशों में इसके लिए 550 से भी ज्यादा लोग काम करते हैं. बजट बढ़ कर 10 करोड़ डॉलर हो गया है.
अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन के कार्यकारी निदेशक एंथनी रोमेरो ने कहा, "केन रॉथ ने ह्यूमन राइट्स वॉच को न्याय के लिए एक प्रभावशाली शक्ति में बदल दिया था. उन्होंने मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की एक पूरी पीढ़ी को एक बेहतर दुनिया के लिए लड़ने के लिए प्रेरित किया."
संगठन दुनिया के कुछ सबसे ज्यादा जटिल मुद्दों में मानवाधिकारों के लिए लड़ाई में आगे रहा है. संगठन का कहना है कि इस वजह से धीरे धीरे कई लोग रॉथ के दुश्मन भी बन गए.
(पढ़ें: सऊदी का 'बुलडोजर' अभियान, जेल का डर दिखाकर रातोरात बेघर कर दिए गए लोग)
नए मुखिया की तलाश
संगठन ने एक बयान में कहा, "वो खुद यहूदी थे और उनके पिता 12 साल की उम्र में नाजी जर्मनी से भाग गए थे...इसके बावजूद संगठन के इस्राएली सरकार के शोषण की आलोचना की वजह से उन पर यहूदी-विरोधी होने का आरोप लगा कर हमले किए गए."

ह्यूमन राइट्स वॉच ने यह भी कहा, "वैश्विक मानवाधिकार प्रणाली के लिए चीन द्वारा खतरे को उजागर करने वाली रिपोर्ट को जारी करने के लिए जब वो जनवरी 2020 में हांगकांग गए थे, तब चीन की सरकार ने उन पर 'प्रतिबंध' लगा दिए थे और उन्हें वहां से निष्कासित कर दिया था."
(पढ़ें: युद्ध अपराध के घेरे में रूसी और यूक्रेनी सेना)
संगठन ने कहा कि उसकी कोशिशों की वजह से लाइबेरिया के पूर्व राष्ट्रपति चार्ल्स टेलर, पेरू के पूर्व राष्ट्रपति अल्बेर्तो फूजीमोरी और युद्ध के समय बोस्नियाई सर्बियाई नेता रहे रादोवान करादजिच और रात्को म्लादिच को सजा हो सकी.
ह्यूमन राइट्स वॉच ने बताया कि अगस्त में रॉथ के पद छोड़ने के बाद उनके उत्तराधिकारी की तलाश पूरी होने तक उप कार्यकारी निदेशक तिराना हसन अंतरिम कार्यकारी निदेशक का पद संभालेंगे.
सीके/एए (एपी)
Source: DW
-
ईरान का गायब सुप्रीम लीडर! जिंदा है या सच में मर गया? मोजतबा खामेनेई क्यों नहीं आ रहा सामने, IRGC चला रहे देश? -
Love Story: बंगाल की इस खूबसूरत नेता का 7 साल तक चला चक्कर, पति है फेमस निर्माता, कहां हुई थी पहली मुलाकात? -
'मेरे साथ गलत किया', Monalisa की शादी मामले में नया मोड़, डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर लगा सनसनीखेज आरोप -
Strait of Hormuz में आधी रात को भारतीय जहाज का किसने दिया साथ? हमले के डर से तैयार थे लाइफ राफ्ट -
Uttar Pradesh Gold Price: यूपी में आज 22K-18K सोने का भाव क्या? Lucknow समेत 9 शहरों में कितना गिरा रेट? -
Hormuz Crisis: ईरान के खिलाफ 20 मजबूत देशों ने खोला मोर्चा, दे दी बड़ी चेतावनी, अब क्या करेंगे मोजतबा खामेनेई -
बिना दर्शकों के खेला जाएगा PSL, मोहसिन नकवी ने की 2 शहरों में आयोजन की घोषणा, किस वजह से लिया यह फैसला? -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोना-चांदी के भाव ने फिर चौंकाया, चढ़ा या गिरा? जानें यहां -
Donald Trump PC Highlights: '48 घंटे के अंदर खोलो Hormuz वरना तबाह कर दूंगा', ट्रंप ने दी ईरान को धमकी -
विराट ने मांगा प्राइवेट जेट? क्या RCB के हर मैच के बाद जाएंगे वापस लंदन? खुद सामने आकर किया बड़ा खुलासा -
Rupali Chakankar कौन हैं? दुष्कर्म के आरोपी ज्योतिषी के कहने पर काट ली थी उंगली! संभाल रहीं थीं महिला आयोग -
Ram Navami 2026 kab hai: 26 या 27 मार्च, राम नवमी कब है? जानें सही तिथि












Click it and Unblock the Notifications