हाथरस मामले में अलीगढ़ पुलिस और हाथरस प्रशासन का चौंकाने वाला बयान, बोले- रेप की पुष्टि नहीं हुई, ना ही काटी गई जीभ
हाथरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 वर्षीय दलित युवती की गैंगरेप के बाद हत्या के मामले में एक ओर यूपी सरकार घिरती हुई नजर आ रही है। दूसरी ओर हाथरस प्रशासन और अलीगढ़ पुलिस का बेहद चौंकाने वाला बयान सामने आया है। अलीगढ़ के आईजी पीयूष मोर्डिया ने युवती से रेप की बात ही नकार दी है। वहीं, हाथरस के डीएम प्रवीण लक्षकार का कहना है कि पीड़िता की जीभ काटने की खबर गलत है। बता दें, इस मामले में सभी चारों आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

अलीगढ़ आईजी ने कहा- नहीं हुई रेप की पुष्टि
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अलीगढ़ के आईजी पीयूष मोर्डिया ने बताया कि 14 सितंबर को पीड़िता के भाई ने शिकायत में बताया था कि एक व्यक्ति ने उसकी बहन का गला दबाया और उसे जान से मारने की कोशिश की। पीड़िता ने बयान दिया कि उस व्यक्ति ने उसके साथ छेड़खानी भी की। आईजी के मुताबिक, पीड़िता ने उस दौरान अन्य कोई आरोप नहीं लगाए। 22 सितंबर को पीड़िता ने तीन और लोगों के नाम बताए और आरोप लगाया कि इन्होंने उसके साथ रेप किया। आईजी ने बताया कि मेडिकल जांच में रेप की पुष्टि नहीं हुई है। सैंपल जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजे गए हैं, रिपोर्ट का इंतजार है।
हाथरस के डीएम ने कहा- पीड़िता की जीभ काटने की खबर गलत
हाथरस के डीएम प्रवीण लक्षकार ने इस मामले में मंगलवार को बताया कि पीड़िता की जीभ काटने की खबर गलत है। एससी एसटी एक्ट के तहत पीड़िता के परिवार को 10 लाख की मदद दी गई है। डीएम लक्षकार ने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर दोषियों को शीघ्र सजा दिलाई जाएगी। बता दें, हाथरस मामले को दिल्ली के निर्भया से जोड़कर देखा जा रहा है। विपक्षी दलों के नेता इस मुद्दे पर यूपी की योगी सरकार को घेरने में जुटे हैं। वहीं, दूसरी ओर सोशल मीडिया पर पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए मुहिम छेड़ दी गई है। पीड़िता की मौत के बाद से ही ट्वीटर पर पीड़िता को इंसाफ के लिए लाखों लोग ट्वीट कर चुके हैं।












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