Gurugram: मुंबई पुलिस के अधिकारी बनकर महिला को किया कॉल, मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर लगाया 20 लाख का चूना
गुरुग्राम की एक महिला के पास एक कूरियर कंपनी से होने का दावा करने वाले किसी व्यक्ति का फोन आया। उसने कॉल पर बताया कि कस्टम विभाग ने उसका एक पार्सल जब्त कर लिया है, क्योंकि इसमें अवैध सामान था।

Gurugram News: ठगों द्वारा लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए फर्जी अधिकारी बनकर ठगी करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, पुलिस प्रशासन की हर संभव कोशिश के बाद भी इस तरह के मामलों पर पूरी तरह से लगाम नहीं लग सकी है। ताजा मामला भी पुलिस अधिकारी बनकर 20 लाख रुपए की ठगी का है। जालसाजों ने गुरुग्राम में एक महिला से कथित तौर पर 20 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया।
कूरियर कंपनी से कॉल कर पार्सल जब्त होने की दी जानकारी
दरअसल, गुरुग्राम के सेक्टर 43 की रहने वाली पीड़िता को 3 मार्च को एक कूरियर कंपनी से होने का दावा करने वाले किसी व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने उसे बताया कि कस्टम विभाग ने उसका एक पार्सल जब्त कर लिया था, क्योंकि इसमें अवैध सामान था। फोन करने वाले ने उसे यह भी बताया कि उसकी कॉल मुंबई पुलिस को स्थानांतरित कर दी जाएगी। अगला कॉल जब आया तो कॉल करने वालों ने मुंबई पुलिस की साइबर अपराध इकाई से 'पुलिस उपायुक्त बालसिंग राजपूत' और 'इंस्पेक्टर अजय बंसल' होने का दावा किया।
आपराधिक लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में बताया आधार का इस्तेमाल
उन्होंने कॉल पर बताया कि पीड़िता के आधार का इस्तेमाल मुंबई में उसके तीन बैंक खातों से कई आपराधिक लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में किया गया था। जब महिला ने कहा कि उसका मुंबई में कोई खाता नहीं है तो दोनों ने पीड़िता से अपने खातों को सत्यापित करने के लिए लेनदेन करने के लिए कहा। पीड़िता ने अपनी पुलिस शिकायत में बताया कि, 'उन्होंने मुझे 4,99,999 रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा और कहा कि वित्तीय जांच शुरू करने के लिए यह एक गुप्त कोड है।'
महिला को बनाया 20 लाख से अधिक की ठगी का शिकार
पैसे ट्रांसफर करने के बाद, दोनों ने पीड़ित को 'वित्तीय जांच' करने के लिए 'सिक्योरिटी डिपॉजिट' के रूप में और पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा। उसने आरोप लगाया कि, 'मैंने छह लेनदेन में 20,37,194 रुपये ट्रांसफर किए।' उसकी शिकायत के आधार पर सोमवार को साइबर क्राइम (पूर्व) पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और आईटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।












Click it and Unblock the Notifications