Churu Jaguar Jet Crash: कौन थे वो दो पायलट, जिनकी जगुआर क्रैश में मौत, कहां के थे निवासी, एक गलती से शहीद
Churu Fighter Jet Jaguar Crash: राजस्थान के चूरू जिले में 9 जुलाई 2025 को एक दर्दनाक हादसे ने देश को झकझोर दिया। भारतीय वायुसेना का जगुआर फाइटर जेट रतनगढ़ तहसील के भानुदा गांव के पास क्रैश हो गया, जिसमें दो बहादुर पायलटों-स्क्वाड्रन लीडर लोकेन्द्र सिंह सिंधु (32) और फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषिराज सिंह देवड़ा (23)-ने अपनी जान गंवा दी।
यह हादसा नियमित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान हुआ, जिसने एक बार फिर वायुसेना के पुराने जगुआर विमानों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर कौन थे ये वीर सैनिक, और क्या थी इस हादसे की वजह? आइए, इस हादसे की पूरी कहानी जानते हैं....

हादसे का मंजर: दोपहर में गूंजा विस्फोट
9 जुलाई 2025 को दोपहर करीब 1:25 बजे, सूरतगढ़ एयरबेस से उड़ान भरने वाला दो सीटों वाला जगुआर ट्रेनर विमान भानुदा गांव के एक खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। चश्मदीदों के अनुसार, विमान हवा में अचानक असंतुलित हो गया, जिसके बाद एक जोरदार धमाके के साथ वह खेत में जा गिरा। धमाके की आवाज से आसपास के गांवों में दहशत फैल गई।
आग की लपटें और धुंआ उठता देख ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन दोनों पायलटों की जान बचाना संभव नहीं हो सका। भारतीय वायुसेना ने अपने बयान में कहा, 'दोनों पायलटों को गंभीर चोटें आईं और उनकी मृत्यु हो गई। कोई नागरिक संपत्ति को नुकसान नहीं हुआ। हादसे के कारणों की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित की गई है।'
Who Was Lokendra Singh Sindhu, Rishi Raj Singh: कौन थे लोकेन्द्र सिंह और ऋषिराज सिंह?
Squadron Leader Lokendra Singh Sindhu: स्क्वाड्रन लीडर लोकेन्द्र सिंह सिंधु (32): हरियाणा के रोहतक के देव कॉलोनी के निवासी लोकेन्द्र एक अनुभवी पायलट थे। वे 2016 में भारतीय वायुसेना में कमीशन हुए थे। उनकी पत्नी सुरभि सिंधु एक डॉक्टर हैं, और उनकी बहन भी वायुसेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन ऑफिसर रह चुकी हैं। लोकेन्द्र के पिता जोगेंद्र सिंह सिंधु महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU) से रिटायर्ड सुपरिटेंडेंट हैं। हाल ही में, 10 जून 2025 को लोकेन्द्र एक बेटे के पिता बने थे, और परिवार में खुशी का माहौल था। उनकी शहादत की खबर ने परिवार और रोहतक को गम में डुबो दिया। उनके पार्थिव शरीर को 10 जुलाई को उनके पैतृक गांव खेरी साध में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।
Flight Lieutenant Rishi Raj Singh: फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषिराज सिंह देवड़ा (23): राजस्थान के पाली जिले के खिवांडी, सुमेरपुर के रहने वाले ऋषिराज एक युवा और होनहार पायलट थे। उनके पिता जसवंत सिंह एक होटल व्यवसायी हैं, जबकि मां भंवर कंवर गृहिणी हैं। छोटा भाई युवराज सिंह जोधपुर में 12वीं कक्षा में पढ़ता है। बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल और सेना में शामिल होने का जुनून रखने वाले ऋषिराज ने NDA से प्रशिक्षण लिया था। उनकी शहादत की खबर सुनकर मां बेसुध हो गईं। उनके पार्थिव शरीर को 10 जुलाई को जोधपुर हवाई अड्डे के रास्ते खिवांडी लाया गया, जहां सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ।
हादसे की वजह: तकनीकी खराबी या मानवीय भूल?
प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तकनीकी खराबी बताई जा रही है। रक्षा अधिकारियों के अनुसार, पायलटों ने विमान को हवाई अड्डे और आबादी वाले इलाकों से दूर ले जाकर नागरिक नुकसान टालने की कोशिश की, लेकिन वे इजेक्ट नहीं कर सके। चश्मदीदों ने बताया कि विमान हवा में असंतुलित होकर खेत में जा गिरा, जिसके बाद आग और धुएं का गुबार उठा। यह 2025 में जगुआर विमान का तीसरा हादसा है, इससे पहले 7 मार्च को पंचकूला (हरियाणा) और 2 अप्रैल को जामनगर (गुजरात) में हादसे हो चुके हैं।
जगुआर विमान: पुराने बेड़े पर सवाल
1970 के दशक में शामिल किए गए जगुआर विमान अब भारतीय वायुसेना का एकमात्र ऑपरेटर हैं। भारत के पास छह स्क्वाड्रनों में करीब 120 जगुआर विमान हैं, जिन्हें समय-समय पर उन्नत किया गया है। लेकिन, एडौर Mk 811 इंजन और पुरानी तकनीक के कारण ये विमान बार-बार हादसों का शिकार हो रहे हैं। पहले के हादसों में इंजन फेल्योर को मुख्य वजह माना गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि HAL तेजस Mk2 और राफेल जैसे नए विमानों की आपूर्ति में देरी के कारण वायुसेना को इन पुराने विमानों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
CM भजनलाल ने जताया दुख
राजस्थान के राज्यपाल हरीभाऊ बागड़े और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे पर गहरा दुख जताया। शर्मा ने X पर लिखा, 'चूरू के रतनगढ़ में वायुसेना के विमान हादसे की खबर दुखद है। प्रशासन को राहत और बचाव कार्य के लिए निर्देश दिए गए हैं।' रोहतक के विधायक भरत भूषण बट्टा ने भी लोकेन्द्र की शहादत को नमन करते हुए कहा, 'उनका बलिदान देश के लिए प्रेरणा है।' X पर लोगों ने भी दोनों पायलटों को श्रद्धांजलि दी, लेकिन कई यूजर्स ने वायुसेना के पुराने विमानों पर सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा, 'पुराने विमानों में पायलटों की जान जोखिम में डालना अपराध है। जवाबदेही तय होनी चाहिए।'
वीरों को श्रद्धांजलि
स्क्वाड्रन लीडर लोकेन्द्र सिंह और फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषिराज सिंह की शहादत ने न केवल उनके परिवारों, बल्कि पूरे देश को शोक में डुबो दिया है। उनकी बहादुरी और देश के प्रति समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा। लेकिन, इस त्रासदी ने एक बार फिर वायुसेना के पुराने बेड़े को अपग्रेड करने की जरूरत को रेखांकित किया है। जांच के नतीजे क्या लाते हैं, यह देखना बाकी है, लेकिन फिलहाल देश अपने इन वीर सपूतों को नम आंखों से श्रद्धांजलि दे रहा है।












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