'दूल्हे की घुड़चढ़ी हो सकती है तो दुल्हन की क्यों नहीं', शादी में घोड़ी पर बैठकर यूं निकली पूजा
बादली (झज्जर)। हरियाणा में झज्जर के गांव माजरी में अनोखा ब्याह हुआ। यहां रमेश कुमार ने अपनी बेटी की शादी में बेटों की भांति बेटी के घुड़चढ़ी निकालकर बेटियां बेटों से कम नहीं होने का संदेश दिया। बेटी की इच्छा थी कि जैसे दूल्हे घोड़ा पर चढ़कर निकासी करते हैं, वैसे ही वो भी घोड़ी पर चढ़े। यह मुराद पूरी हुई, और हजारों लोगों ने देखी।

दुल्हन के परिजनों का कहना है कि, जब लड़के की घुड़चढ़ी निकाली जा सकती है तो लड़की की क्यों नहीं? यह एक अच्छी पहल है। अगर उनका परिवार और बेटी इस प्रकार की इच्छा रखते है तो यह परंपरा निभाई भी जानी चाहिए। उसके बाद क्या था, सबने देखा। गांव की जिस गली से पूजा घोड़ी पर बैठकर, हाथ में तलवार लेकर निकली..भीड़ ही भीड़ नजर आने लगी।

घोड़ी पर सवार तलवार लिए दुल्हन को देखने के लिए महिलाएं, बच्चे, युवा, ग्रामीण सभी गांव की गलियों में अपने घरों के सामने या घर की छतों पर नजर आए। बादली उपमंडल के निकटवर्ती गांव माजरी में यह कार्यक्रम कई घंटे चला। पूजा घोड़ी पर अपने गांव के आराध्य देवों के मंदिर में पहुंची। जहां पूजा अर्चना की और आराध्य देवों के सम्मुख माथा टेका।
अंबाला में भी हुआ ऐसा ब्याह
हरियाणा में अंबाला के भी एक इलाके में ऐसा ब्याह हुआ था। जहां शादी में एक दुल्हन ने हाथ में तलवार ली और घोड़े पर सवार हो गई। उसके बाद घोड़ा मोड़ा और दूल्हे के घर उससे शादी करने गई। उसने खुद बारात की अगुवाई की, जिसमें दुल्हन साथ उसके पिता, मां और अन्य रिश्तेदार भी थे।












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