हरियाणा विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, बजट में किन मुद्दों पर रहा ज़ोर
हरियाणा विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चकाल के लिए स्थगित हो गई है। 2 मार्च से चलने वाले हरियाणा बजट सत्र 22 मार्च तक चल पाया।
चंडीगढ़, 23 मार्च 2022। हरियाणा विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चकाल के लिए स्थगित हो गई है। 2 मार्च से चलने वाले हरियाणा बजट सत्र 22 मार्च तक चल पाया। बजट सत्र के दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, इसके साथ ही बजट सत्र के आखिरी दिन कई अहम बिल भी पारित किए गए। बजट में सबसे महत्वपूर्ण बिल जबरन धर्मांतऱण था। हांलाकि विपक्ष ने इस बिल को लेकर सदन में खूब हंगामा किया लेकिन जीत सत्ता पक्ष की ही हुई। ग़ौरतलब है कि जबरन धर्म परिवर्तन भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख मुद्दों में शामिल था। हरियाणा बजट सत्र की कार्यवाही से पहले ही भाजपा ने इस बिल को सदन में पेश करने के संकेत दे दिए थे।

विपक्ष ने किया बिल का विरोध
बिल को सदन में पेश करने के संकेत मिलने के बाद विपक्ष ने इतना शोर शराबा नहीं किया था, लेकिन मंगलवार को विपक्ष ने इस बिल के नुकसान बताते हुए काफ़ी विरोध भी किया, लेकिन आखिर में बिल सर्वसम्मति से पास हो ही गया। मंगलवार को सदन में दूसरा महत्वपूर्ण बिल जमीन दान देने के संबंध में पारित हुआ। इस बिल के पारित होने से सरकार को काफी सहूलत होगी तो वहीं ज़मीन मालिक को नकसान होगा। मसलन अगर कोई व्यक्ति सरकार या विभाग को प्रदेश या हलके के विकास के लिए अपनी जमीन दान देता है। और 20 साल के बाद वह व्यक्ति दोबारा से मालिकाना हक चाहेगा तो नहीं मिलेगा। बिल में ये साफ कहा गया है कि 20 साल से पुरानी जमीन पर चाहे व्यक्ति का क्लेम ही क्यों ना कर दे उसे जमीन किसी भी कीमत पर नहीं मिलेगी।

10 दिनों तक चली हरियाणा बजट सत्र की कार्यवाही
इससे पहले सरकार के सामने ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिसमें कई साल जमीन दान देने के बाद उसे दोबारा हासिल करना चाहा। अब जो व्यक्ति अपने पुऱखों की जमीन को दान देना चाहेगा तो वो सोच समझकर दें। क्योंकि इसमें अड़चन बहुत है और लाभ की गुंजाइश कम है। हरियाणा बजट सत्र की कार्यवाही कुल 10 दिन चली। इस दौरान किसानों की फसल गिरदावरी का मसला, आशावर्कर्स, आंगनवाड़ी वर्कर्स, अवैध कॉलोनियों को काटना, रजिस्टरी घोटाला, खाद्य पदार्थों में मिलावट, सड़क, गंदगी जैसे तमाम मुद्दों को खूब चर्चा हुई। विपक्ष की तरफ़ से इन मुद्दों को पुरज़ोर तरीक़े से उठाया गया और सत्ता पक्ष से जवाब मांगा। हांलाकि इस बजट सत्र का ख़ास बात ये रही कि सभी विधायकों ने खुलकर अपने हलके की आवाज़ उठाई और सत्ता पक्ष की तरफ़ से काफी हद तक संतोषजनक जवाब भी मिला।

सीएम खट्टर ने बजट को बताया डायमंड बजट
हरियाणा का बजट 10 मार्च को पेश किया गया इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सभी वर्गों के साथ राय मशवरा किया। कोशिश कि की इस बजट में शामिल किया जाए हालांकि विपक्ष को ये बजट रास नहीं आई। कई दिनों तक सदन में बजट पर खूब चर्चा हुई और आखिर में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने इस बजट को ज़ीरो नंबर दिए लेकिन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसे डायमंड बजट करार दिया। हरियाणा के 25 साल के भविष्य की दिशा दिखाने वाला बजट बताया। खैर 1 अप्रैल से वित्त वर्ष चालू होगा, उम्मीद है ये बजट हरियाणा के विकास को नई दिशा देगा। कुल मिलाकर अब देश कोरोना के संकट से उभर चुका है और फिर से अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए क्रांतिकारी कदम उठाने होंगे।
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