किसान आंदोलन: दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर 15 किलोमीटर लंबे पड़ाव में बैठे प्रदर्शनकारी बिजली को तरसे
सोनीपत। दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर करीब 15 किलोमीटर लंबे पड़ाव में धरने पर बैठे किसान-प्रदर्शनकारियों में गर्मी के कारण कोहराम मचा हुआ है। दरअसल, टिकरी बॉर्डर से आसौदा गांव तक के इलाके में बिजली गुल की समस्या है और बिजली न होने की वजह से प्रदर्शनकारियों को रतजगा करना पड़ रहा है। उनकी स्ट्रीट लाइटों से पंखे, कूलर व एसी बंद पड़े रहते हैं। बीते चार-पांच दिनों से स्ट्रीट लाइटों की बिजली की लाइनों के टूट जाने से प्रदर्शनकारियों में रोष है। यही वजह है कि, गुरुवार रात को उन्होंने बाइपास के पास 1 घंटा जाम लगा दिया। किसानों के अगुआ कह रहे हैं कि, वे गर्मी से निजात पाने का प्रयास कर रहे हैं।

किसान आंदोनकारियों का आरोप है कि बिजली निगम व एनएचआई के अधिकारी जानबूझ कर तारों को हटा रहे हैं, जिससे किसानों को बिजली की सप्लाई नहीं हो सके। एक किसान नेता ने कहा कि, करीब 15 किलोमीटर लंबे पड़ाव में धरना दिए बैठे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हमें नियमित रूप से बिजली नहीं मिल रही है, और राहगीर भी परेशान हो रहे हैं।

बिजली समस्या के चलते आंदोलनकारियों ने दिल्ली-रोहतक बाईपास पर बीते रोज कसार मोड़ के निकट जाम लगा दिया था। जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। बाद में पुलिस की टीम पहुंची। उधर, बिजली बाधित होने की सूचना बिजली निगम के अधिकारियों को दी गई। पुलिस की ओर से बताया गया कि, किसान आंदोलनकारियों ने मुख्य बिजली की तारों में कनेक्शन जोड़े हुए हैं और जगह-जगह कट करके वे बिजली का इस्तेमाल करते रहे हैं। आसौदा थाना प्रभारी जगबीर ने आंदोलनकारी किसानों को समझाकर जाम खुलवाया।













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