नूंह हिंसा: महापंचायत ने किया 28 अगस्त को यात्रा फिर से शुरू करने का फैसला, NIA जांच की मांग
Palwal Hindu Mahapanchayat: हरियाणा के नूंह में हुई हिंसा के बाद पलवल के पोंडरी गांव में हिंदू सर्वजातीय महापंचायत हुई। अब 20 अगस्त को दिल्ली जंतर-मंतर पर महापंचायत होगी।
Palwal Hindu Mahapanchayat: हरियाणा के नूंह में हुई हिंसा के 12 दिन बाद यानी आज (रविवार) नूंह सीमा के पास पलवल के पोंडरी गांव में हिंदू सर्वजातीय महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में हिंदू समूह ने विश्व हिंदू परिषद की ब्रजमंडल धार्मिक यात्रा को फिर से शुरू करने की तैयारियों पर चर्चा की गई, जो 31 जुलाई को पथराव के बाद बाधित हो गई थी।
इसके साथ ही नूंह हिंसा की एनआईए जांच की मांग की गई। 28 अगस्त से बृज मंडल जलाभिषेक यात्रा फिर से शुरू करने का फैसला किया। इस महापंचायत में पहुंचे देव सेना फरीदाबाद के अध्यक्ष बृजभूषण सैनी ने कहा कि 20 अगस्त को दिल्ली जंतर-मंतर पर महापंचायत करेंगे। इस महापंचायत में कई संतों के साथ-साथ हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई जिलों से हजारों की संख्या में हिंदू समाज के लोग शामिल हुए। इस महापंचायत में कई बजरंग दल और वीएचपी भी मौजूद हैं। महापंचायत में उठी ये 9 मांगें...

- नूंह हिंसा की जांच हरियाणा पुलिस को नहीं बल्कि एनआईए को सौंपी जानी चाहिए।
- हिंदुओं की दुकानों/घरों आदि के नुकसान का सर्वेक्षण करें और मुआवजा प्रदान करें।
- नूंह का जिले का दर्जा खत्म किया जाए।
- नूंह को गोहत्या मुक्त जिला घोषित करें।
- नूंह में हिंदुओं को आत्मरक्षा के लिए हथियार लाइसेंस प्राप्त करने में छूट दी जानी चाहिए।
- नूंह में दर्ज मामलों की सुनवाई नूंह से बाहर की अदालत में होनी चाहिए, नहीं तो न्याय नहीं मिलेगा।
- नूंह में सुरक्षा बलों आरएएफ या पुलिस की स्थायी तैनाती।
- हिंसा के दौरान मारे गए हिंदुओं के परिवारों को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा और सरकारी नौकरी में एक नियुक्ति और घायलों को 50 लाख रुपये का मुआवजा।
- शहर में रह रहे रोहिंग्या और किसी अन्य देश के लोगों को हटाया जाए।
कई शर्तों पर दी गई इजाजत
महापंचायत मूल रूप से नूंह में आयोजित होने वाला था, लेकिन अब यह पलवल सीमा पर एक गांव में आयोजित किया गया, क्योंकि पुलिस ने कथित तौर पर दंगा प्रभावित जिले में कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। नूंह के एसपी नरेंद्र बिजारणिया की मानें तो नूंह में हिंदू समूहों द्वारा महापंचायत की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से अनुमति नहीं दी गई। इससे पहले, पलवल प्रशासन ने भी महापंचायत आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, हालांकि, बाद में अनुमति दे दी गई।
वहीं, अनुमति कई शर्तों पर दी गई है। घृणास्पद भाषण निषिद्ध है। पलवल के पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह के मुताबिक, हमारी टीम हर व्यक्ति पर नजर रख रही है। किसी भी गलत हरकत पर लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भारी पुलिस बल तैनात
वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। साथ ही साथ भारी पुलिस और अर्धसैनिक बल भी तैनात किए गए हैं। इस महापंचायत में सोनीपत, पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम और नूंह जिले के लोग शामिल होने पहुंचे हैं। इसके अलावा महापंचायत में बजरंग दल के प्रदेश संयोजक भारत भूषण, सोहना के विधायक संजय सिंह, पलवल से पूर्व विधायक सुभाष चौधरी समेत विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी मौजूद हैं।












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