Opinion: महिलाओं के कल्याण के लिए लगातार कदम उठा रही हरियाणा सरकार, की तीन और घोषणाएं
राज्य में महिलाओं के कल्याण के लिए हरियाणा सरकार लगातार कदम उठा रही है। हरियाणा सरकार एक बार फिर से तीन नई घोषणाएं की हैं जिनमें लड़कियों और महिलाओं का खासा ख्याल रखा गया है। पानीपत में तीज महोत्सव के मौके पर मुख्यमंत्री ने तीन ऐसी घोषणाएं की जिससे वहां मौजूद महिलाएं खुश हो गईं।
इस योजना से अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग (बीसी) की लड़कियों को भी इस योजना का लाभ मिलता है। विधवा की बेटी की शादी, निराश्रित महिला की बेटी की शादी और अनाथ लड़कियों की शादी के लिए भी सीएम विवाह शगुन योजना का लाभ मिलता है।

हरियाणा सरकार ने विवाह शगुन योजना की राशि बढ़ाई
सीएम मनोहर लाल ने नई घोषणा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना में पहले न्यूनतम राशि 31,000 रुपए से लेकर अधिकतम 71,000 रुपए तक राशि दी जाती थी। लेकिन अब इस न्यूनतम 31,000 रुपये की राशि को बढ़ाकर 41,000 रुपए कर दी गई है। सरकार की इस घोषणा से महिलाओं में खुशी की लहर दौड़ गई।
जिला केंद्रों पर बनेंगे पोटा कैबिन
मुख्यमंत्री द्वारा महिलाओं को एक और बड़ी सौगात के तहत स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को बेचने के लिए साझा बाजार के लिए सभी जिला केंद्रों पर 50 से 100 पोटा कैबिन स्थापित की जाएगी।
स्वयं सहायता समूह को 5 लाख तक ऋण बिना स्टाम्प शुल्क के मिलेगा
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा की प्रगति कई अन्य राज्यों से काफी अच्छी है। प्रदेश में 57,376 स्वयं सहायता समूह बन चुके हैं। इन्हें 54 करोड़ 57 लाख रुपए रिवोलविंग फंड, लगभग 285 करोड़ रुपए सामुदायिक निवेश फंड और लगभग 880 करोड़ रुपए बैंक क्रेडिट लिंकेज प्रदान किया गया है। रिवोलविंग फंड की राशि 10,000 रुपए से बढ़ाकर 20,000 रुपए की गई है। महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपए तक ऋण लेने पर स्टाम्प शुल्क से छूट दी गई है।












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