OPINION: दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशील हरियाणा सरकार
हरियाणा सरकार एक लोक कल्याणकारी सरकार का बेहतरीन उदाहरण है। यह दिव्यांगजनों के प्रति उसकी संवेदनशीलता से जाहिर होता है। राज्य सरकार ने इनके लिए पेंशन भी बढ़ाई, बजट भी बढ़ाया और इसे सुविधाजनक भी बना दिया है।

हरियाणा सरकार दिव्यांगजनों के प्रति इतनी संवेदनशील है कि उसने यह व्यवस्था कर रखी है कि ऐसे लोगों को पेंशन संबंधी जो भी लाभ मिलेंगे, वह उनके घरों पर ही उपलब्ध करवाए जाएंगे। एक कल्याणकारी राज्य की अवधारणा ही इसी तरह के विचार पर बनी हुई है। अगर सरकारी भाषा में कहें तो इस तरह की सेवा को 'प्रो-ऐक्टिव दिव्यांग पेंशन सेवा' का नाम दिया गया है।

दिव्यांग पेंशन के लाभार्थी हुए 1,92,312
मनोहर लाल खट्टर सरकार चालू वित्त वर्ष से राज्य के दिव्यांगजनों को पहले से 250 रुपए महीने ज्यादा यानि 2,750 रुपए मासिक पेंशन दे रही है। हरियाणा में रविवार यानि 21 मई, 2023 तक दिव्यांग पेंशन के लाभार्थियों की संख्या 1,92,312 हो चुकी थी। राज्य सरकार की ओर से जो विभिन्न पेंशन योजनाएं चलाई जा रही हैं, उसका यह 6.18% है।

दिव्यांगजनों के लिए संवेदनशील सरकार
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर सरकार का पुराना रिकॉर्ड भी उठाकर देख लें तो अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं कि राज्य सरकार समाज के इस विशेष वर्ग को साथ लेकर चलने के लिए किस तरह के प्रयास कर रही है। मसलन, साल 2022-23 के बजट में दिव्यांग पेंशन योजना के लिए खट्टर सरकार ने 520 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया था। लेकिन, वित्त वर्ष खत्म होते-होते कुल खर्च हुए 543.72 करोड़ रुपए।

चालू वित्त वर्ष में 574 करोड़ रुपए का है बजट
आमतौर पर कई योजना की पूरी आवंटित राशि पूरे वित्त वर्ष में भी खत्म नहीं होती। लेकिन, हरियाणा में दिव्यांग जनों के कल्याण के लिए राज्य सरकार के स्तर पर कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। बीते वित्त वर्ष के व्यय को देखते हुए सीएम खट्टर की सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष 2023-24 के लिए दिव्यांग पेंशन के लिए बजट का आवंटन बढ़ाकर 574 करोड़ रुपए रखा है। पिछले महीने मुख्यमंत्री ने जब तीन ऑनलाइन सेवाओं की शुरुआत की थी तो कहा था,
'अब हमने फैसला किया है कि दिव्यांग व्यक्ति (Persons With Disabilities) और ऐसे लाभार्थियों को अपना लाभ पाने के लिए दफ्तर तक नहीं जाना होगा, उन्हें पेंशन का लाभ ऑटोमेटेड प्राप्त होगा।'

किन्हें मिलती है दिव्यांग पेंशन
हरियाणा सरकार राज्य के उन निवासियों को दिव्यांग पेंशन देती है, जिनकी आयु 18 साल या उससे अधिक होती है और उनमें कम से कम 60% दिव्यांगता होती है। इस पेंशन का लाभ लेने के लिए सरकार की ओर से और भी कई तरह की पात्रता निर्धारित की गई है।
मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि सेवा विभाग के अधिकारी ऐसे लाभार्थियों से संपर्क करेंगे, पेंशन के लाभ को लेकर उनकी सहमति प्राप्त करेंगे। जैसे ही लाभार्थी अपनी सहमति देंगे, उनकी पेंशन अगले महीने से शुरू हो जाएगी। (पहली तस्वीर- सांकेतिक)












Click it and Unblock the Notifications