Opinion: मादक द्रव्यों के सेवन से रक्षा के लिए समर्पित है हरियाणा सरकार
हरियाणा सरकार ने समाज को नशे से छुटकारा दिलाने के लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी उठाई हुई है। वह इस क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पुरस्कृत भी करती है। इसका लाभ भी मिल रहा है।

शराब की लत और मादक पदार्थों का सेवन हमेशा से समाज के लिए एक गंभीर बीमारी और बहुत बड़ी चुनौती रही है। पंजाब से सटे होने की वजह से हरियाणा में तो नशाखोरी का संकट हर समय मंडराता ही रहता है। यही वजह है कि राज्य सरकार ने प्रदेश से नशामुक्ति को हमेशा से प्राथमिकता दी है। इसके लिए सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग की ओर से 'अल्कोहलिज्म और मादक पदार्थों के सेवन की रोकथाम के क्षेत्र में योजना' चलाई जा रही है। राज्य के हर जिले के जिलाधिकारियों को इसके लिए विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नशामुक्ति के क्षेत्र में जी-जान से काम कर रही है हरियाणा सरकार
हरियाणा सरकार की सामाजिक न्याय और अधिकारिता निदेशालय की वेबसाइट के मुताबिक प्रदेश में कुल 129 नशामुक्ति, काउंसलिंग,पुनर्वास केंद्र और मनोरोग नर्सिंग होम चलाए जा रहे हैं। ये तमाम नशामुक्ति और उससे जुड़े केंद्र स्वयं सेवी संस्थाओं और स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित किए जा रहे हैं। वित्त वर्ष 2021-22 में इसके लिए राज्य के बजट में 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था।

नशामुक्ति के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ योगदान देने पर पुरस्कार का प्रावधान
हरियाणा सरकार न सिर्फ युवाओं को नशे की लत से मुक्ति के लिए प्रयासरत है, बल्कि इसके लिए जिन संस्थानों और लोगों को योगदान सराहनीय होता है, उन्हें पुरस्कृत किए जाने की भी व्यवस्था है। राज्य सरकार की ओर से यह पुरस्कार योजना 6 मार्च, 2017 से 'मद्यपान और मादक द्रव्यों के सेवन की रोकथाम के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा के लिए पुरस्कार' के नाम से लॉन्च किया गया है। प्रावधानों के तहत यह पुरस्कार हर साल इस क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों और संस्थाओं को दिए जाने की व्यवस्था है।

कुल 9 श्रेणियों में दिए जाते हैं पुरस्कार
खास बात ये है कि इस पुरस्कार को 9 श्रेणियों में दिया जा रहा है, जिससे इस क्षेत्र से जुड़े लोगों और संस्थाओं के पुरस्कृत होने का दायरा काफी बढ़ जाता है। जैसे मद्यपान और मादक द्रव्यों की लत छुड़ाने के लिए बेहतर योगदान देने पर। इस क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायती राज संस्थाओं को। उत्कृष्ट सेवा करने वाले नगर निकायों, स्कूलों और कॉलेजों को। इसके अलावा जो रोग के निपटारे के लिए बेहतर अभियान चलाते हैं या जिनकी जागरूकता अभियान सर्वश्रेष्ठ होती है उन्हें भी हरियाणा सरकार की ओर से पुरस्कृत किया जाता है। इस क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ योगदान देने वाले पेशेवर और गैर-पेशेवर लोगों को भी पुरस्कृत किया जाता है।
हरियाणा सरकार मादक द्रव्यों के सेवन की रोकथाम को किस तरह से प्राथमिकता देती है, इसका पहला उदाहरण यही है कि इसके लिए हर जिले में डिप्टी कमिश्नर की अगुवाई में समितियां बनी हुई हैं। आंकड़े बताते हैं कि अकेले 2020 में 1,52,761 प्रवासी कामगारों को इस दिशा में काउंसिलिंग दी गई थी।












Click it and Unblock the Notifications