Nuh Riots: 'मंदिर में 4,000 लोग बंधक बनाए गए', हरियाणा के गृह मंत्री के इस दावे का पुजारी ने किया खंडन
Nuh Riots: हरियाणा के नूंह जिले में 31 जुलाई को हिंदुओं और मुसलमानों के बीच सांप्रदायिक झड़पें हुईं। जिसमें अब तक 5 लोगों ने अपनी जान गवांई।
Nuh Riots: हरियाणा के नूंह जिले में 31 जुलाई को हुई सांप्रदायिक झड़पों में अब तक 5 की मौत और 30 से ज्यादा घायल का अपडेट सामने आया है। वहीं, 70 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है, जबकि 44 के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।
वहीं, इस हिंसा को लेकर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने दावा किया है कि नल्हड़ स्थित शिव मंदिर में मुस्लिम दंगाइयों ने लगभग 3,000 से 4,000 लोगों को 'बंधक' बना लिया था। गृह मंत्री के इस दावे का मंदिर के पुजारी ने खंडन किया है। क्या कहना है पुजारी का?

द वायर की रिपोर्ट के मुताबिक, महादेव मंदिर के पुजारी दीपक शर्मा ने विज ने दावे का खंडन करते हुए कहा कि मंदिर में तीर्थयात्रियों का प्रवाह आम तौर पर सावन के महीने में अधिक होता है। सोमवार (जो कि शिव भक्तों के लिए पवित्र दिन माना जाता है) को शोभा यात्रा के कारण भक्तों की संख्या बहुत अधिक थी। भक्त शोभायात्रा के दौरान (प्रार्थना करने के बाद) अंदर आते और बाहर जाते रहे। मंदिर के पुजारी ने आगे कहा कि लोगों को बंधक क्या बनाएंगे, भक्त परमात्मा की शरण में थे। अचानक पता चला कि माहौल खराब है। स्थिति खराब होने की वजह से अंदर फंस गए। लेकिन, वे भगवान की शरण में थे।
कैसे शुरू हुई हिंसा?
नूंह में सोमवार को हिंदुओं और मुसलमानों के बीच सांप्रदायिक झड़पें हुईं, जब हिंदुत्व समूहों बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा नामक एक उग्र धार्मिक जुलूस नूंह से गुजर रहा था। पुलिस ने दावा किया कि भीड़ ने नूंह में यात्रा को हिंसक तरीके से रोकने की कोशिश की, जिसके कारण झगड़ा हुआ और बाद में यह पूर्ण सांप्रदायिक दंगे में बदल गया। झड़प का असर निकटवर्ती गुरुग्राम में भी देखने को मिला। सोमवार देर शाम एक मस्जिद में आग लगा दी गई।
क्या कहते हैं निवासी?
नूंह के मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने कहा कि जिला प्रशासन दोनों समुदायों में असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाने में नियमित रूप से विफल रहा है। नूंह के एक निवासी ने बताया कि पत्थरबाजी किसने शुरू की, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन दोनों समूहों ने एक-दूसरे पर पथराव किया। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व कार्यकर्ताओं के बार-बार उकसावे के कारण ऐसी स्थिति पैदा हुई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हिंसा दोपहर 12 बजे से शुरू हुई और शाम 8 बजे तक जारी रही। पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने में विफल रही, जिसके परिणामस्वरूप सोमवार को तीन मौतें हुईं।












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