Kanchan Nath Marriage? अग्नि तप कर रहीं 17 साल की कंचन नाथ शादी करेंगी या नहीं? बता दी 'दिल की बात'
Kanchan Nath: हरियाणा के गांव ढाकल से इन दिनों बाल योगी कंचन नाथ के वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं। वजह यह है कि महज 17 साल की कंचन नाथ झुलसा देने वाली गर्मी में दोपहर के समय अग्नि तप कर रही हैं। अब सबके मन में सवाल है-कंचन नाथ भविष्य में क्या करना चाहती हैं? इसका जवाब उन्होंने खुद मीडिया से बातचीत में दिया।
Kanchan Nath PhD: क्या बनना चाहती हैं कंचन?
कंचन नाथ ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह आगे चलकर संस्कृत में पीएच.डी. करना चाहती हैं और कथावाचक बनकर गांव-गांव, ढाणी-ढाणी जाकर कथा सुनाने का सपना पूरा करना चाहती हैं। बता दें कि फिलहाल कंचन 12वीं की पढ़ाई स्वयंपाठी विद्यार्थी के रूप में कर रही हैं और आगे कॉलेज की पढ़ाई भी करेंगी।

यह भी पढ़ें- Kanchan Nath: 17 साल की उम्र में कंचन नाथ क्यों बनीं साध्वी? अब कर रहीं अग्नि तप, करोड़ों की संपत्ति की मालकिन
Kanchan Nath Marriage: क्या कंचन नाथ करेंगी शादी?
कंचन नाथ की गुरु योगी राजनाथ ने 'वनइंडिया हिंदी' को पूर्व में दिए एक इंटरव्यू में बताया कि कंचन नाथ शादी नहीं करना चाहतीं। उनका झुकाव पारिवारिक जीवन के बजाय धार्मिक आयोजन, तपस्या और भगवान भोलेनाथ की भक्ति की ओर है। कंचन पहली बार अग्नि तप कर रही हैं। इससे पहले वह नवरात्रों में माता की तपस्या कर चुकी हैं।
कंचन नाथ
Posted by Ullas Haryana News on Tuesday, May 20, 2025
Who is Kanchan Nath: कौन हैं कंचन नाथ?
कंचन नाथ 14 मई 2025 से हरियाणा के जींद जिले की नरवाना तहसील के गांव ढाकल में स्थित काली माता मंदिर परिसर में 9 धूणों के बीच बैठकर तपस्या कर रही हैं। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के नोएडा में हुआ था। जब कंचन नाथ मां के गर्भ में थीं, तभी उनके पिता का निधन हो गया और जन्म के कुछ समय बाद मां का भी देहांत हो गया।

यह भी पढ़ें- कंचन नाथ का चंचल नाथ पर चौंकाने वाला खुलासा! अग्नि तप कर रहीं सबसे छोटी साध्वी ने ऐसा क्या कह डाला?
कंचन की नानी नेत्रहीन थीं और पालन-पोषण में असमर्थ थीं, इसलिए कंचन को साढ़े पांच महीने की उम्र में उनके मामा व अन्य रिश्तेदारों ने योगी राजनाथ के आश्रम में सौंप दिया। तब से कंचन वहीं रह रही हैं। 9 साल की उम्र में उनके कान छेदन की रस्म हुई थी। आज वह पढ़ाई के साथ-साथ अध्यात्म की राह पर अग्रसर हैं।

Kanchan Nath Fire Tap: कंचन नाथ का अग्नि तप क्या है?
गांव ढाकल के सरपंच अनिल कुंडू के अनुसार, कंचन नाथ दोपहर 12 बजे से लेकर 1:15 बजे तक (लगभग सवा घंटे) 9 धूणों यानी आग में जलते उपलों के बीच बैठकर ध्यान करती हैं। इस दौरान उनके शरीर पर धूणों की राख मिला पानी डाला जाता है।

उनकी जटाओं को अग्नि से सुरक्षा के लिए गीले कपड़े से ढका जाता है। उनकी तपस्या का सारा खर्च ग्रामीण मिलकर उठा रहे हैं। 14 मई से शुरू हुई अग्नि तपस्या पहले 21 दिन तक चलने वाली थी अब इसे 31 या 41 दिन तक बढ़ाया जा सकता है।












Click it and Unblock the Notifications